आज से शुरू हो रहा खरमास 2025, सभी मांगलिक कार्य के लिए फरवरी 2026 तक करना होगा इंतजार
Latest Religious News: हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक, विवाह और अन्य सभी शुभ संस्कार हमेशा शुभ मुहूर्त देखकर ही किए जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि शुभ समय में किए गए सभी धार्मिक काम देवताओं की कृपा और ग्रहों के अनुकूल प्रभाव से ही सफल होते हैं।
ये शुभ कार्य हमारे जीवन में सुख और समृद्धि लेकर आते हैं, जो हर व्यक्ति के लिए बहुत जरूरी है। जैसे ही खरमास का पवित्र महीना शुरू होता है वैसे ही विवाह, मुंडन जैसे सभी बड़े शुभ कार्यों पर तुरंत विराम लग जाता है।
आज 16 दिसंबर 2025 से खरमास की शुरुआत हो रही है। इसलिए इस पूरी अवधि में कोई भी शुभ शादी नहीं हो पाएगी। आइए जानें...
शुक्र ग्रह अस्त
खरमास शुरू होने से पहले विवाह पर एक और बड़ा कारण से रोक लग चुकी है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, 11 दिसंबर 2025 को शुक्र ग्रह अस्त हो चुके हैं, जो ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को प्रेम, दांपत्य सुख और विवाह का कारक ग्रह माना गया है। शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण भी शादियों के शुभ मुहूर्त नहीं गिने जाते हैं, जो धार्मिक रूप से मान्य नहीं है।
इस तरह से देखा जाए तो 11 दिसंबर 2025 से ही सभी विवाह समारोहों पर रोक लग चुकी है। अब आगे आने वाले समय तक बनी रहेगी जिससे लोगों को इंतजार करना होगा।
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शादियों पर लगी यह रोक कब तक जारी रहेगी
खरमास (Kharmas)का समापन 15 जनवरी 2026 को हो जाएगा, जिसके बाद सभी शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है। लेकिन इस बार, विवाह के लिए लोगों को थोड़ा और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, शुक्र ग्रह पूरे 53 दिनों तक अस्त रहने वाले हैं।
वे 1 फरवरी 2026 को फिर से उदय होंगे। ज्योतिष नियमों के मुताबिक, शुक्र ग्रह के उदय होने के बाद ही विवाह और अन्य सभी मांगलिक कार्य फिर से शुरू किए जाते हैं। इसलिए, शादियों का नया सीजन और विवाह के शुभ मुहूर्त फरवरी 2026 से ही फिर से शुरू हो पाएंगे।
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फरवरी 2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त
फरवरी 2026 के महीने में विवाह के लिए कुल 12 शुभ मुहूर्त उपलब्ध हो रहे हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इन शुभ तिथियों पर विवाह करना बेहद उत्तम माना जाता है:
- 5 फरवरी
- 6 फरवरी
- 8 फरवरी
- 10 फरवरी
- 12 फरवरी
- 14 फरवरी
- 19 फरवरी
- 20 फरवरी
- 21 फरवरी
- 24 फरवरी
- 25 फरवरी
- 26 फरवरी
बसंत पंचमी 2026 पर विवाह क्यों नहीं
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, बसंत पंचमी (खरमास में लिस्ट जारी) के पावन पर्व को आमतौर पर विवाह के लिए एक बहुत ही शुभ दिन माना जाता है। यह एक सिद्ध और अबूझ मुहूर्त होता है। लेकिन, आने वाले साल 2026 में बसंत पंचमी के दिन भी विवाह का कोई शुभ मुहूर्त नहीं निकल रहा है।
इसका कारण यह है कि 23 जनवरी 2026 को पड़ने वाली बसंत पंचमी शुक्र ग्रह के अस्त रहने की अवधि के दौरान आएगी। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, शुक्र अस्त की अवधि में शादियां करना शुभ नहीं माना जाता है, इसलिए इस दिन भी विवाह नहीं होंगे।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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