कन्या पूजन
शारदीय नवरात्रि के नवमी को कन्या की पूजा से प्रसन्न होंगी नवदुर्गा, जानें पूजन की सही विधि और व्रत खोलने का तरीका
Kaushiki | Oct 18, 2026, 14:18 IST
कन्या पूजन और पारण का शुभ मुहूर्त
19 अक्टूबर को महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा होगी। सुबह 10:51 के बाद शुभ मुहूर्त में हलवा, पूरी व चने का भोग लगाकर कन्या पूजन करें। हवन, कन्याओं के चरण स्पर्श और आशीर्वाद के बाद सात्विक प्रसाद से व्रत का पारण करें। जानें शुभ मुहूर्त और देवी भागवत पुराण के मुताबिक सही कन्या पूजन विधि।
वैदिक पंचांग के मुताबिक, अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर सुबह शुरू हुई है। यह तिथि 19 अक्टूबर सुबह 10 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। इसलिए उदया तिथि के मुताबिक, महाअष्टमी 18 अक्टूबर को मनाई जा रही है। वहीं नवमी तिथि 19 अक्टूबर सुबह 10:51 बजे से शुरू होगी।
यह तिथि 20 अक्टूबर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक चलेगी। इसलिए महानवमी का पावन पर्व 19 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन मां सिद्धिदात्री की विशेष साधना और उपासना की जाती है। देवी भागवत पुराण में इस दिन का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। इसी दिन कन्या पूजन करके नवरात्रि का व्रत पूरा किया जाता है।
मां सिद्धिदात्री की अद्भुत महिमा
मां सिद्धिदात्री को क्या भोग लगाएं
देवी भागवत पुराण में कन्या पूजन
कन्या पूजन का सबसे शुभ समय
कन्या पूजन की सही विधि
- कन्या पूजन के लिए एक दिन पहले ही कन्याओं को निमंत्रण दें।
- साथ में एक छोटे बालक यानी वटुक को भी जरूर बुलाएं।
- 19 अक्टूबर को कन्याओं का घर में आदर के साथ स्वागत करें।
- सबसे पहले साफ पानी या गंगाजल से उनके पांव धोएं।
- उन्हें आसन पर सम्मान के साथ बैठाएं।
- इसके बाद उनके माथे पर रोली और अक्षत का तिलक लगाएं।
देवी के नौ रूप
कन्याओं को क्या उपहार में दें
लाल रंग के वस्त्र या श्रृंगार का सामान देना भी अच्छा है। इससे मां लक्ष्मी आपके घर में वास करती हैं। भोजन और उपहार देने के बाद सभी कन्याओं के चरण छुएं। उनसे सच्चे दिल से सुखी जीवन का आशीर्वाद मांगें।
अगर पूजा में कोई गलती हुई हो तो क्षमा मांगें। इसके बाद कन्याओं को द्वार तक जाकर सम्मान से विदा करें। कन्याओं के हंसते हुए चेहरे आपके कल्याण का संकेत होते हैं। इस तरह आपका नवरात्रि अनुष्ठान पूरा हो जाता है।
कन्या पूजन में न करें ये गलतियां
- कन्या पूजन के समय कभी भी क्रोध या अहंकार न करें।
- कन्याओं को कभी भी बासी या दूषित भोजन न कराएं।
- घर में शांति और खुशनुमा माहौल बनाए रखना बहुत जरूरी है।
- किसी भी कन्या के साथ भेदभाव बिल्कुल भी न करें।
- सभी कन्याओं को एक समान प्रेम और आदर दें।
- सच्ची भक्ति से किया गया पूजन ही सफल होता है।
नवरात्रि व्रत का पारण कैसे करें
पारण करने से पहले हाथ में जल लेकर व्रत पूर्ण होने का ध्यान करें। इसके बाद मां दुर्गा को चढ़ाए गए सात्विक प्रसाद, जैसे हलवा, पूरी, काले चने या फलाहार से ही व्रत खोलें। पारण के समय तामसिक भोजन से पूरी तरह परहेज करें और बड़ों का आशीर्वाद लेकर ही भोजन ग्रहण करें।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
FAQs:
- महानवमी कब मनाई जाएगी?
महानवमी इस वर्ष 19 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी, जो कि नवमी तिथि के तहत आएगी। - महानवमी के दिन मां सिद्धिदात्री को कौन-कौन से भोग लगाएं जाएं?
महानवमी के दिन मां सिद्धिदात्री को हलवा, पूरी, काले चने और नारियल का भोग लगाना चाहिए। - कन्या पूजन का सही विधि क्या है?
कन्या पूजन के लिए पहले कन्याओं को निमंत्रण दें, फिर उन्हें आदर से घर में बुलाएं, उनके पांव धोकर तिलक करें, और फिर भोजन कराकर उपहार दें।
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