घटस्थापना शुभ मुहूर्त 2026
शारदीय नवरात्रि की पूजा सामग्री में न रहे कोई कमी, यहां देखें घटस्थापना से लेकर कन्या पूजन तक की पूरी लिस्ट
Kaushiki | Oct 10, 2026, 10:32 IST
मां के आगमन में न हो कोई कमी
शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है। इस पावन अवसर पर घटस्थापना शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखें। पहले ही दिन से सही पूजा सामग्री लिस्ट तैयार करना बेहद जरूरी है। पूजा में बाधा न आए, इसके लिए सामग्री पहले से जुटा लेना समझदारी है। जानिए कलश स्थापना की सही विधि, जरूरी सामान और मंदिर में रखने योग्य शुभ वस्तुएं।
20 अक्टूबर को विजयादशमी का त्योहार पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। नवरात्रि के पहले दिन घरों और बड़े पांडालों में घटस्थापना की जाती है। इसी दिन से भक्त अखंड ज्योति जलाकर देवी की साधना शुरू करते हैं।
पूजा की तैयारी अगर पहले से न हो तो ऐन वक्त पर परेशानी होती है। कई बार जरूरी सामान छूट जाने से पूजा का ध्यान भटक जाता है। इसीलिए घटस्थापना, अखंड ज्योति और हवन की चीजें पहले से लाएं।
कन्या पूजन के लिए भी जरूरी सामान की सूची पहले ही बना लें। इस खबर में हम आपके लिए लाए हैं पूरी पूजा सामग्री की आसान लिस्ट। साथ ही जानें कलश स्थापना का सबसे सटीक और शुभ समय।
शारदीय नवरात्रि 2026 की सही तिथि
उदया तिथि के नियम के मुताबिक, नवरात्रि का पहला दिन 11 अक्टूबर को ही माना जाएगा। इसी दिन से नौ दिनों के व्रत और अनुष्ठान की शुरुआत होगी। भक्त पूरे नियम और निष्ठा के साथ मां दुर्गा की आराधना करेंगे।
घटस्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त
जो भक्त सुबह पूजा न कर पाएं, वे दोपहर के मुहूर्त का लाभ उठा सकते हैं। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक है। इस समय में घटस्थापना करना शुभ माना जाता है।
कलश स्थापना के लिए जरूरी सामान
कलश के अंदर डालने के लिए एक सिक्का, सुपारी, अक्षत और हल्दी की गांठ लें। कलश के मुख पर रखने के लिए आम या अशोक के पांच पत्ते लाएं। नारियल पर लपेटने के लिए लाल कपड़ा या लाल चुनरी बेहद जरूरी है। इसके साथ मौली या कलावा, रोली, कुमकुम, सिंदूर और अक्षत की व्यवस्था करें।
मां दुर्गा की मुख्य पूजा सामग्री
- देवी मां की स्थापना के लिए लकड़ी की एक साफ चौकी तैयार करें।
- चौकी पर बिछाने के लिए सुंदर लाल कपड़ा खरीद कर लाएं।
- मां दुर्गा की नई मूर्ति या सुंदर तस्वीर चौकी पर स्थापित करें।
- पूजा के लिए ताजे लाल फूल और गुड़हल के फूलों की माला लाएं।
- भोग लगाने के लिए ताजे फल, मिठाई, पंचमेवा और कमलगट्टा रखें।
- पूजा में पान के पत्ते, सुपारी, लौंग और छोटी इलायची जरूर शामिल करें।
- देवी को अर्पित करने के लिए बताशे और रोली रखें।
- आरती के लिए शुद्ध देसी घी, तेल, दीपक, धूपबत्ती, अगरबत्ती और कपूर लाएं।
- मां दुर्गा को चढ़ाने के लिए सोलह श्रृंगार का सामान भी खरीद लें।
- इसमें चूड़ी, बिंदी, सिंदूर, महावर और आलता शामिल होता है।
अखंड ज्योति और हवन की सामग्री
- जो भक्त नौ दिनों तक अखंड ज्योति जलाते हैं, वे गहरा दीया रखें।
- ज्योति के लिए रुई की लंबी बत्ती या सूती कलावे की बत्ती बनाएं।
- दीपक में भरने के लिए पर्याप्त मात्रा में शुद्ध गाय का घी या तिल का तेल रखें।
- हवन के लिए एक छोटा और मजबूत हवन कुंड लाएं।
- हवन सामग्री का पैकेट, कपूर और सूखी आम की लकड़ियां पहले ही एकत्र कर लें।
- नवग्रह शांति के लिए विशेष हवन लकड़ी भी बाजार से ला सकते हैं।
- हवन में आहुति देने के लिए शुद्ध घी और बताशे साथ में रखें।
कन्या पूजन के लिए आवश्यक सामान
- नवरात्रि के अंतिम चरण में अष्टमी या नवमी तिथि को कन्या पूजन होता है।
- कन्याओं के पैर धोने के लिए साफ जल और परात रखें।
- कन्याओं के माथे पर टीका लगाने के लिए रोली, कुमकुम और अक्षत लाएं।
- उनके हाथों में बांधने के लिए लाल मौली या कलावा रखें।
- प्रसाद के लिए शुद्ध देसी घी में हलवा और पूरी तैयार करें।
- साथ में उबले हुए काले चने का प्रसाद भी बनाएं।
- कन्याओं को देने के लिए फल, मिठाई और अपनी श्रद्धा के मुताबिक उपहार लाएं।
- अंत में सभी कन्याओं को देने के लिए कुछ नकद दक्षिणा जरूर रखें।
मंदिर में जरूर रखें ये शुभ चीजें
पूजा स्थल पर अखंड ज्योति या दीपक जलाकर जरूर रखें। दीपक से निकलने वाला प्रकाश वातावरण के सारे दोष दूर कर देता है। मंदिर में एक नारियल जरूर रखें, यह पूर्णता और शुभता का प्रतीक है।
कलश स्थापना के पास उगे हुए जौ समृद्धि का संकेत देते हैं। देवी को प्रसन्न करने के लिए ताजे लाल गुड़हल के फूल रोज चढ़ाएं। कलश में भरा जल और उसके ऊपर रखे आम के पत्ते घर में खुशहाली लाते हैं।
मां दुर्गा की पूजन विधि
- नवरात्रि के पहले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
- घर के पूजा घर की अच्छे से सफाई करें और गंगाजल छिड़कें।
- चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें।
- सबसे पहले भगवान गणेश का ध्यान करें और उनसे विघ्न दूर करने की प्रार्थना करें।
- इसके बाद तय शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से कलश स्थापित करें।
- कलश में जल, सिक्का, सुपारी डालें और ऊपर नारियल रखें।
- मां दुर्गा को रोली, अक्षत, सिंदूर, फूल और माला अर्पित करें।
- फल और मिठाई का भोग लगाकर धूप-दीप प्रज्वलित करें।
- दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ श्रद्धापूर्वक करें।
- अंत में मां की आरती गाएं और परिवार में प्रसाद वितरित करें।
FAQs:
- शारदीय नवरात्रि 2026 कब शुरू हो रही है?
शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर को हो रही है। - घटस्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है?
11 अक्टूबर 2026 को सुबह घटस्थापना का पहला मुहूर्त 6 बजकर 19 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगा और अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक होगा। - कन्या पूजन के लिए क्या सामग्री आवश्यक है?
कन्या पूजन के लिए आवश्यक सामग्री में साफ जल, रोली, कुमकुम, लाल मौली, हलवा, पूरी, उबले हुए काले चने, फल, मिठाई और नकद दक्षिणा शामिल हैं।
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