शारदीय नवरात्रि 2026: 11 अक्टूबर से हो रही नवरात्रि की शुरुआत, हाथी पर हो रहा मां का आगमन

Kaushiki | Oct 01, 2026, 13:59 IST
Share
11 अक्टूबर से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि<br>
11 अक्टूबर से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि

Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि 2026 का आरंभ 11 अक्टूबर से हो रहा है। इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा। यह सवारी देश में सुख, समृद्धि और अच्छी वर्षा का संकेत देती है। जानिए कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, मां दुर्गा के प्रस्थान का वाहन और इस पवित्र पर्व से जुड़े सभी महत्वपूर्ण धार्मिक पहलू।

शारदीय नवरात्रि 2026 सनातन धर्म का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। हर साल अश्विन मास में यह पवित्र पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। नौ दिनों तक भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा करते हैं। पूरे साल में कुल चार नवरात्रि आती हैं।

इनमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि सबसे प्रमुख होती हैं। बाकी दो माघ और आषाढ़ में आती हैं। इन्हें गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। गुप्त नवरात्रि मुख्य रूप से तंत्र साधना के लिए समर्पित होती है।

इस बार शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रही है। इस दौरान देवी के आगमन और प्रस्थान के वाहन का खास महत्व होता है। शास्त्रों के मुताबिक, देवी का वाहन दिन के आधार पर तय होता है।

इस साल मां भगवती का आगमन हाथी पर होगा। ज्योतिष में इसे बेहद शुभ माना गया है। हाथी सुख, समृद्धि और अच्छी वर्षा का प्रतीक होता है।

वहीं मां दुर्गा का प्रस्थान मुर्गे पर होगा। ज्योतिष शास्त्र में मुर्गे को दुख और अशांति का संकेत माना जाता है। आइए जानें कलश स्थापना का सही समय और पूजा विधि।

शारदीय नवरात्रि 2026 तिथि और मुहूर्त

पंचांग के मुताबिक, अश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात शुरू होगी। यह तिथि 11 अक्टूबर की रात 9 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के कारण पहला व्रत 11 अक्टूबर को रखा जाएगा। इसी दिन घटस्थापना की जाएगी।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से रहेगा। यह मुहूर्त सुबह 10 बजकर 12 मिनट तक बना रहेगा। भक्तों को कलश स्थापना के लिए करीब 4 घंटे मिलेंगे।

इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना कर सकते हैं। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से शुरू होगा। यह दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।

मां दुर्गा के आगमन का क्या है संकेत

यूं तो मां दुर्गा का मुख्य वाहन शेर माना जाता है। लेकिन नवरात्रि में पृथ्वी लोक पर आते समय वाहन बदल जाता है। देवीभागवत पुराण में इस विषय पर एक श्लोक मिलता है। इस श्लोक के मुताबिक सप्ताह के वार से वाहन तय होता है।

श्लोक है-रविौ चन्द्रे गजारूढा सुराचार्यो भृगौ तथा।शनौ भौमे च चरणायुधौ बुधे कुक्कुट एव च॥
By: देवीभागवत पुराण
रविवार और सोमवार को आगमन होने पर वाहन हाथी होता है। इस बार नवरात्रि का पहला दिन रविवार पड़ रहा है। इसलिए मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर धरती पर आएंगी।

हाथी पर आगमन से देश में धन-धान्य की वृद्धि होती है। समय पर अच्छी वर्षा होती है। चारों ओर हरियाली और खुशहाली का माहौल बनता है। किसानों के लिए यह संकेत बहुत फलदायी माना जाता है।

मां दुर्गा के प्रस्थान का वाहन और असर

विजयादशमी के दिन के हिसाब से प्रस्थान का वाहन तय होता है। इस साल दशमी तिथि 20 अक्टूबर मंगलवार को पड़ेगी। मंगलवार को विदाई होने पर देवी का वाहन मुर्गा होता है।

मुर्गे पर प्रस्थान को शुभ नहीं माना जाता है। शास्त्रों में इसे रोग और शोक का प्रतीक कहा गया है। इसके प्रभाव से प्राकृतिक आपदाएं आ सकती हैं।

सत्ता और शासन में उथल-पुथल की संभावना बनी रहती है। लोगों में स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। हालांकि मां की भक्ति से हर संकट दूर हो जाता है।

कब है शारदीय नवरात्रि, दशहरा और करवा चौथ जैसे बड़े पर्व, जानें अक्टूबर 2026 के व्रत त्योहार
01 Oct 2026 ,
By Kaushiki
October 2026 Vrat Tyohar: अक्टूबर 2026 का महीना धार्मिक रूप से बहुत खास रहेगा। इस महीने व्रत त्योहार की पूरी झड़ी लगने वाली है। शारदीय नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा और करवा चौथ जैसे बड़े पर्व इसी माह में आएंगे। अगर आप तारीखों को लेकर उलझन में हैं, तो यहां देखें अक्टूबर 2026 के प्रमुख व्रत त्योहार की लिस्ट।
October 2026 Vrat Tyohar: अक्टूबर 2026 का महीना धार्मिक रूप से बहुत खास रहेगा। इस महीने व्रत त्योहार की पूरी झड़ी लगने वाली है। शारदीय नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशहरा और करवा चौथ जैसे बड़े पर्व इसी माह में आएंगे। अगर आप तारीखों को लेकर उलझन में हैं, तो यहां देखें अक्टूबर 2026 के प्रमुख व्रत त्योहार की लिस्ट।

माता के वाहन बदलने का पूरा नियम

शास्त्रों में वाहन तय करने के सटीक नियम बताए गए हैं। आगमन और विदाई दोनों के लिए अलग-अलग श्लोक दर्ज हैं। दिन के हिसाब से ही सवारी का चयन अपने आप होता है।

शनिवार और मंगलवार को आगमन पर सवारी घोड़ा होती है। गुरुवार और शुक्रवार को आगमन होने पर सवारी डोली होती है।

बुधवार के दिन आगमन होने पर सवारी नौका होती है। नौका पर आगमन से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

प्रस्थान के मामले में भी यही नियम लागू होते हैं। रविवार और सोमवार को प्रस्थान पर वाहन हाथी होता है। बुधवार और शुक्रवार को प्रस्थान होने पर वाहन डोली होता है।

गुरुवार को प्रस्थान होने पर वाहन नौका माना जाता है। शनिवार और मंगलवार को प्रस्थान होने पर वाहन मुर्गा बनता है।

नौ दिनों में मां के नौ रूपों की पूजा

नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना की जाती है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना होती है। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है। तीसरे दिन मां चंद्रघंटा और चौथे दिन मां कूष्मांडा को पूजा जाता है।

पांचवें दिन मां स्कंदमाता की उपासना की जाती है। छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा का विधान है। सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है।

आठवें दिन मां महागौरी और नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है। सच्चे मन से पूजा करने पर साहस और शक्ति मिलती है। घर की नकारात्मक ऊर्जा हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है।
डिस्क्लेमर:
इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

हिंदू धर्म में पितृपक्ष के तुरंत बाद ही क्यों शुरू होती है शारदीय नवरात्रि, जानें धार्मिक वजह
30 Sept 2026 ,
By Kaushiki
Pitru Paksha 2026: हिंदू धर्म में पितृपक्ष समाप्त होते ही शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो जाता है। पहले पितरों के लिए तर्पण और फिर मां दुर्गा की भक्ति का यह क्रम सदियों से चला आ रहा है। पंचांग की तिथियों और धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस खास परंपरा के पीछे क्या गहरा कारण है। आइए इसे समझें।
Pitru Paksha 2026: हिंदू धर्म में पितृपक्ष समाप्त होते ही शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो जाता है। पहले पितरों के लिए तर्पण और फिर मां दुर्गा की भक्ति का यह क्रम सदियों से चला आ रहा है। पंचांग की तिथियों और धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस खास परंपरा के पीछे क्या गहरा कारण है। आइए इसे समझें।
  1. शारदीय नवरात्रि 2026 कब से शुरू हो रही है?
    2026 में शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही है।
  2. कलश स्थापना का सही समय क्या है?
    कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 11 अक्टूबर 2026 को सुबह 6 बजकर 19 मिनट से लेकर 10 बजकर 12 मिनट तक है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक भी है।
  3. मां दुर्गा के कौन-कौन से रूपों की पूजा की जाती है?
    नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है: 1. शैलपुत्री, 2. ब्रह्मचारिणी, 3. चंद्रघंटा, 4. कूष्मांडा, 5. स्कंदमाता, 6. कात्यायनी, 7. कालरात्रि, 8. महागौरी, और 9. सिद्धिदात्री।
Tags:
  • Shardiya Navratri 2026
  • नवरात्रि 2026
  • मां दुर्गा
  • कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
  • घटस्थापना
  • सनातन धर्म
  • अश्विन मास
  • ज्योतिष शास्त्र
शिक्षकों की पदोन्नति के बाद अब स्कूलों का इंतजार खत्म, 6 से 8 अक्टूबर तक होगी ओपन काउंसिलिंग

By VINAY VERMA

शिक्षकों की पदोन्नति के बाद अब स्कूलों का इंतजार खत्म, 6 से 8 अक्टूबर तक होगी ओपन काउंसिलिंग
राजस्थान में 8.5 लाख किसानों को दिए गए मक्का बीज की गुणवत्ता पर उठे सवाल, DNA जांच शुरू

By Jyoti Mahender Bhardwaj

राजस्थान में 8.5 लाख किसानों को दिए गए मक्का बीज की गुणवत्ता पर उठे सवाल, DNA जांच शुरू
भागीरथपुरा कांड पर कमेटी के सामने IAS, महापौर यह बोले, सिसोनिया बोले- अंतरात्मा कुछ और कहती है

By Sanjay Gupta

भागीरथपुरा कांड पर कमेटी के सामने IAS, महापौर यह बोले, सिसोनिया बोले- अंतरात्मा कुछ और कहती है
जज की बेटी को मिलता रहेगा OBC का लाभ, पिता के वेतन से तय नहीं होगी क्रीमी लेयर- HC का आदेश

By Neel Tiwari

जज की बेटी को मिलता रहेगा OBC का लाभ, पिता के वेतन से तय नहीं होगी क्रीमी लेयर- HC का आदेश
किसान भाइयों ध्यान दें! भावांतर के लिए तीन अक्टूबर से होगा सोयाबीन का पंजीयन, खाते में एक रुपए भेजकर होगा सत्यापन

By Amresh Kushwaha

किसान भाइयों ध्यान दें! भावांतर के लिए तीन अक्टूबर से होगा सोयाबीन का पंजीयन, खाते में एक रुपए भेजकर होगा सत्यापन
बस्तर एसपी कार्यालय में तीन करोड़ का वेतन घोटाला, CBI जांच की मांग, पूरे संभाग के पुलिस कार्यालयों का होगा टेस्ट ऑडिट

By Arun Tiwari

बस्तर एसपी कार्यालय में तीन करोड़ का वेतन घोटाला, CBI जांच की मांग, पूरे संभाग के पुलिस कार्यालयों का होगा टेस्ट ऑडिट
राहुल गांधी के बालाघाट दौरे से पहले एक और बच्ची की मौत, 6 दिन से जिला अस्पताल में थी भर्ती

By Sumit Kumar

राहुल गांधी के बालाघाट दौरे से पहले एक और बच्ची की मौत, 6 दिन से जिला अस्पताल में थी भर्ती