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मार्गशीर्ष अमावस्या
Latest Religious News: वैदिक पंचांग के मुताबिक, इस बार मार्गशीर्ष अमावस्या 20 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन स्नान, दान और पितरों को याद करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन इन कार्यों को करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
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पवित्र नदी में स्नान
Margshirsha Amavasya 2025: इस दिन किसी पवित्र नदी जैसे गंगा या यमुना में स्नान करना बहुत फलदायी होता है। ऐसा करने से सारे पाप धुल जाते हैं और आत्मा को शांति मिलती है। नदी में स्नान संभव न हो तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए।
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सूर्य को अर्घ्य और तर्पण
स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए और गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए जल में तिल मिलाकर तर्पण (पितरों को जल देना) करना बहुत जरूरी है।
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दान-पुण्य का महत्व
मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र या धन का दान करना चाहिए। विशेष रूप से तिल और गुड़ का दान करने से पितृ दोष शांत होता है।
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पीपल की पूजा
इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा करना और जल चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि इसमें त्रिदेवों का वास होता है। पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर 7 या 11 बार परिक्रमा करने से कष्ट दूर होते हैं।
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शिवलिंग पर अभिषेक
भगवान शिव की पूजा अवश्य करनी चाहिए और शिवलिंग पर जल या दूध से अभिषेक करना चाहिए। शिवलिंग पर बेलपत्र और धतूरा अर्पित करने से काल सर्प दोष से मुक्ति मिलती है।
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श्रीमद्भागवत का पाठ
अमावस्या तिथि को अपने घर में श्रीमद्भागवत गीता या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए। इससे घर में सुख-शांति आती है और भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है।
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पितृ शांति के लिए दीप दान
Amavasya Tithi शाम के समय घर के पास किसी मंदिर या नदी किनारे दीप दान करना चाहिए। एक दीपक दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जलाना चाहिए, यह पितरों की शांति के लिए किया जाता है। डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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