आज खरमास के खत्म होते ही सूर्य बदलेंगे अपनी चाल, भूलकर भी न करें ये काम

Kaushiki | Apr 05, 2026, 14:20 IST
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आज 14 अप्रैल 2026 को मेष संक्रांति मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य मेष राशि में आएंगे। स्नान और दान करने से पुण्य मिलेगा। करियर और स्वास्थ्य में बड़े लाभ होंगे।

Mesh Sankranti 2026: हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में मेष संक्रांति का दिन बेहद खास माना जाता है। इस दिन सूर्य देव मीन राशि से निकलकर अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करते हैं।



इसे हिंदू कैलेंडर के मुताबिक सौर नववर्ष की शुरुआत मानते हैं। ये गोचर न केवल सौर नववर्ष का आरंभ है, बल्कि पूरे एक महीने से चल रहे खरमास पर भी विराम लगा देता।



इसी दिन से एक माह से चला आ रहा खरमास खत्म होता है। सभी रुके हुए मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाते हैं। सूर्य का ये गोचर आज 14 अप्रैल 2026 को सुबह होगा। आइए, इस दिन की गहराई को डिटेल से समझते हैं।



मेष संक्रांति 2026 शुभ मुहूर्त

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, मेष संक्रांति का शुभ क्षण सुबह 9 बजकर 39 मिनट पर है। पुण्य काल सुबह 5:57 से दोपहर 1:55 तक रहेगा। महा पुण्य काल सुबह 7:30 से 11:47 तक रहेगा।



इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान करना बहुत शुभ होता है। घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी पुण्यदायी माना गया है। मुहूर्त में किए गए दान से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।



मेष संक्रांति पर सूर्य की पूजा विधि

  • संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर सूर्य को अर्घ्य दें।
  • तांबे के लोटे में जल और लाल फूल जरूर डालें।
  • अर्घ्य देते समय "ॐ सूर्याय नमः" मंत्र का जप करें।
  • आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
  • करियर की बाधाओं को दूर करने के लिए यह पूजा अचूक है।
  • लाल चंदन और कुमकुम का तिलक माथे पर जरूर लगाएं।
  • सूर्य देव की कृपा से समाज में मान-सम्मान बढ़ता है।

दान से चमकेगा आपका सोया हुआ भाग्य

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, मेष संक्रांति (सूर्य का मेष में गोचर) पर दान का फल कभी खत्म नहीं होता। लाल रंग की वस्तुओं जैसे केसर और लाल वस्त्र दान करें। गुड़ और गेहूं का दान कुंडली में सूर्य मजबूत करेगा।



सत्तू और मिट्टी के घड़े का दान करना शुभ है। पीले वस्त्र और चने की दाल से भाग्य बढ़ता है। अन्न दान करने से पितरों का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। क्षमता मुताबिक गरीबों की मदद अवश्य करनी चाहिए। मेष संक्रांति तिथि पितरों के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है।



इस दिन श्राद्ध या तर्पण करने से पितृ प्रसन्न होते हैं। उनकी कृपा से घर की कलह दूर हो जाती है। पूर्वजों के नाम पर अन्न और जल का दान करें। इससे वंश वृद्धि और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। ये दिन नई शुरुआत के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है।



Mesh Sankranti 2026


भूलकर भी न करें ये गलतियां

  • दान करते समय पुरानी या फटी चीजों का उपयोग न करें।
  • जूते-चप्पल या फटे कपड़ों का दान अशुभ फल देता है।
  • भोजन का दान हमेशा सात्विक और ताजा होना चाहिए।
  • जूठा भोजन दान करने से पुण्य की जगह पाप मिलता है।
  • इस दिन तामसिक भोजन और शराब से दूर रहना चाहिए।
  • मन में शुद्ध विचार रखकर ही दान कार्य संपन्न करें।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



FAQ

  1. मेष संक्रांति 2026 में किस तारीख को मनाई जाएगी?
    मेष संक्रांति 14 अप्रैल 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी। इसी दिन सूर्य देव सुबह मेष राशि में गोचर करेंगे।
  2. मेष संक्रांति पर सत्तू और घड़े का दान क्यों करते हैं?
    वैशाख महीने की शुरुआत के कारण गर्मी बढ़ जाती है। सत्तू और जल से भरा घड़ा शीतलता प्रदान करता है। यह दान धार्मिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टि से उत्तम है।
  3. क्या मेष संक्रांति के बाद शादी-ब्याह शुरू हो सकते हैं?
    हां, मेष संक्रांति के साथ ही खरमास समाप्त हो जाता है। इसके बाद विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे कार्य कर सकते हैं।

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