साल 2025 की पहली एकादशी 10 जनवरी को, नहीं करें ये काम वरना...
Sandeep Kumar | Jan 06, 2025, 16:54 IST
pausha-putrada-ekadashi
पौष पुत्रदा एकादशी 10 जनवरी 2025 को है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा से संतान सुख, लंबी उम्र और घर में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। हर माह में दो एकादशियां होती हैं, जिनमें से एक शुक्ल पक्ष और दूसरी कृष्ण पक्ष में होती है। पौष माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पौष पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष, पौष पुत्रदा एकादशी 10 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी। यह व्रत विशेष रूप से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित होता है और इस दिन विधिपूर्वक पूजा-अर्चना से जातकों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके साथ ही इस व्रत के माध्यम से मोक्ष की प्राप्ति भी मानी जाती है।
साल 2025 में कब है होली और दीपावली?, देखें व्रत-त्योहारों की लिस्ट
![1677ed75-370]()
पौष पुत्रदा एकादशी का महत्व
पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत विशेष रूप से संतान सुख की प्राप्ति के लिए किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजा करने से संतान की उम्र लंबी होती है और संतान से संबंधित सभी संकट दूर होते हैं। इसके अलावा, घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।
2025 में दस्तक देंगी खुशियां, रक्षाबंधन-दिवाली होगी 10 से 15 दिन पहले
पौष पुत्रदा के दिन कुछ कार्यों को करने से बचना चाहिए। जैसे कि इस दिन तुलसी माता को जल अर्पित नहीं करना चाहिए क्योंकि इस दिन तुलसी व्रत करती हैं। मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से दूर रहें। इस दिन चावल खाना वर्जित होता है। इसके अलावा, इस दिन किसी का अपमान न करें, वाद-विवाद से बचें और बाल या नाखून काटने से भी बचें।
राशिफल: क्या कहते हैं बुधवार को आपके सितारे, किसको होगा फायदा
पौष पुत्रदा की तिथि 9 जनवरी 2025 को दोपहर 12:22 बजे से प्रारंभ होगी और 10 जनवरी 2025 को सुबह 10:19 बजे समाप्त होगी। पारण का समय 11 जनवरी 2025 को सुबह 7:15 बजे से लेकर सुबह 8:21 बजे तक रहेगा। इस समय के बीच कभी भी पारण किया जा सकता है।
क्या अंतर है महाकुंभ, पूर्णकुंभ और अर्द्धकुंभ में ? कब है शाही स्नान
पौष पुत्रदा के दिन उपवास रखना और भगवान विष्णु की पूजा करना मुख्य कार्य होते हैं। इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु के शयन स्तंभ पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्हें पुष्प, धूप, दीप और फल अर्पित करने से व्रत का लाभ प्राप्त होता है। साथ ही, भक्तों को संतान सुख की प्राप्ति होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।
1. पंजीरी
कहते हैं कि पंजीरी का भोग लगाने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। इसके साथ ही रिश्तों में भी मिठास बनी रहती है।
2. फल
श्री हरि विष्णु जी को मौसमी फलों का भोग लगाएं। फल में केला को जरूर रखें। फल का भोग लगाने से सौभाग्य में वृद्धि होती है। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों को हर क्षेत्र में अपार सफलता की प्राप्ति होती है।
3. पंचामृत
पंचामृत के बिना भगवान विष्णु की कोई भी पूजा पूरी नहीं मानी जाती है। ऐसे में पौष पुत्रदा के दिन भगवान विष्णु को पंचामृत जरूर अर्पित करें। कहते हैं किपंचामृत का भोग लगाने से घर में धन-धान्य में बरकत होती है।
4. सूखे मेवे
भगवान विष्णु को सूखे मेवे भी अवश्य चढ़ाएं। सूखे मेवे में बादाम, मूंगफली, अखरोट, काजू और पिस्ता आदि चीजें आती हैं। प्रभु नारायण को सूखे मेवे अर्पित करने से घर में धन का आगमन होता है और व्यक्ति की आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है।
5. मखाने की खीर
भगवान विष्णु को मखाने की खीर अर्पित करें। मखाने की खीर भगवान विष्णु को अति प्रिय है। मखाने की खीर का भोग लगाने से परिवार में खुशहाली और संपन्नता बनी रहती है।
साल 2025 में कब है होली और दीपावली?, देखें व्रत-त्योहारों की लिस्ट
1677ed75-370
पौष पुत्रदा एकादशी का महत्व
2025 में दस्तक देंगी खुशियां, रक्षाबंधन-दिवाली होगी 10 से 15 दिन पहले
एकादशी के दिन इन कार्यों से बचें
राशिफल: क्या कहते हैं बुधवार को आपके सितारे, किसको होगा फायदा
पौष पुत्रदा एकादशी 2025 का शुभ मुहूर्त
क्या अंतर है महाकुंभ, पूर्णकुंभ और अर्द्धकुंभ में ? कब है शाही स्नान
पौष पुत्रदा एकादशी व्रत विधि
एकादशी के दिन लगाए इन चीजों का भोग
कहते हैं कि पंजीरी का भोग लगाने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। इसके साथ ही रिश्तों में भी मिठास बनी रहती है।
2. फल
श्री हरि विष्णु जी को मौसमी फलों का भोग लगाएं। फल में केला को जरूर रखें। फल का भोग लगाने से सौभाग्य में वृद्धि होती है। इसके साथ ही परिवार के सदस्यों को हर क्षेत्र में अपार सफलता की प्राप्ति होती है।
3. पंचामृत
पंचामृत के बिना भगवान विष्णु की कोई भी पूजा पूरी नहीं मानी जाती है। ऐसे में पौष पुत्रदा के दिन भगवान विष्णु को पंचामृत जरूर अर्पित करें। कहते हैं किपंचामृत का भोग लगाने से घर में धन-धान्य में बरकत होती है।
4. सूखे मेवे
भगवान विष्णु को सूखे मेवे भी अवश्य चढ़ाएं। सूखे मेवे में बादाम, मूंगफली, अखरोट, काजू और पिस्ता आदि चीजें आती हैं। प्रभु नारायण को सूखे मेवे अर्पित करने से घर में धन का आगमन होता है और व्यक्ति की आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है।
5. मखाने की खीर
भगवान विष्णु को मखाने की खीर अर्पित करें। मखाने की खीर भगवान विष्णु को अति प्रिय है। मखाने की खीर का भोग लगाने से परिवार में खुशहाली और संपन्नता बनी रहती है।
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA