फैक्ट चेक : बांग्लादेश में हिंदुओं के समर्थन में सड़कों पर निकला भगवा सैलाब, जानें वायरल वीडियो का सच
बांग्लादेश में हुए तख्तापलट के बीच मची उथल- पुथल से वहां के हिंदुओं के खिलाफ हिंसा होने की कई खबरें सामने आ चुकी है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब शेयर किया जा रहा है। जिसे शेयर कर लोग दावा कर रहे हैं कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा को लेकर हिंदुओं ने विरोध करते हुए रैली निकाली है। तो आइए जानते हैं फैक्ट चेक ( Fact Check ) के जरिए, क्या है वायरल वीडियो ( Viral Video ) की सच्चाई...
क्या है वायरल वीडियो में...
1 मिनट 18 सेकंड के इस वीडियो में देखा जा सकता है कि भगवा रंग का कपड़ा पहने और टोपी लगाए हजारों लोगों का जन सैलाब सड़कों पर नजर आ रहा है।
वायरल हो रहा वीडियो...
वायरल वीडियो को यूजर्स ने एक्स, फेसबुक और थ्रेड्स पर शेयर किया है।
वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए यूजर ने लिखा कि ढाका की सड़कों पर भगवा सैलाब देख जा रहा है। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले के विरोध में हिंदू सड़कों पर उतर आए हैं।
वायरल वीडियो को इन्हीं दावों के साथ फेसबुक और थ्रेड्स पर भी शेयर किया गया है। ऐसे एक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
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जानें क्या है इस वीडियो का सच...
वायरल वीडियो का सच जानने के लिए thesootr ने इससे जुड़े की-वर्ड्स गूगल पर सर्च किए। सर्च करने पर हमें 1 सितंबर 2023 का एक फेसबुक पोस्ट मिला। इस पोस्ट में वायरल वीडियो से मिलती-जुलती तस्वीरें शेयर की गई हैं। यह पोस्ट शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के नेता और पूर्व संसद सदस्य फहमी गुलन्दाज बाबेल ने किया था।
इस पोस्ट में बांग्ला में लिखे कैप्शन के अनुसार, यह गफरगांव उपजिला की बांग्लादेश छात्र लीग ( अवामी लीग का छात्र संगठन ) की रैली की है। इससे ये बात तो साफ हो गई कि वायरल वीडियो अभी का नहीं बल्कि 2023 का है।
thesootr ने इस पोस्ट में मिली जानकरी के की-वर्ड्स गूगल पर सर्च किए। सर्च करने पर हमें एक यूट्यूब चैनल मिला जहां 2 सितंबर 2023 को वायरल वीडियो अपलोड किया हुआ मिला। यहां दी गई जानकारी में बताया गया है कि ये रैली ढाका के सुहरावर्दी उद्यान में शामिल होने के लिए गफरगांव उपजिला से पहुंची थी। इस रैली का नेतृत्व गफरगांव उपजिला क्षेत्र की मैमनसिंह सीट से पूर्व संसद सदस्य फहमी गुलन्दाज बाबेल कर रहे थे। इन वीडियो में लोगों को “शेख हसीना” के नारे लगाते हुए भी सुना जा सकता है।
गलत है वायरल वीडियो का दावा
द सूत्र फैक्ट चेक ( thesootr fact check ) से ये साफ हो गया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा बांग्लादेश छात्र लीग की रैली के पुराने वीडियो को बांग्लादेश के हिंदुओं द्वारा किये गए विरोध प्रदर्शन का बताकर शेयर किया जा रहा है। इसलिए वायरल हो रहे ऐसे वीडियो और पोस्ट से दूर रहे, सही खबरों और फैक्ट चेक के लिए द सूत्र देखते रहें।
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