फैक्ट चेक: नए आपराधिक कानून के तहत वकील ने दरोगा को पकड़ा, वीडियो हुआ वायरल
1 जुलाई 2024 से देश में तीन नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं। इसमें भारतीय न्याय संहिता ( BNS ), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता ( BNSS ) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम ( BSA ) शामिल है। आपको बता दे कि इस कानून को लेकर कई राज्यों में विरोध भी हो रहा है।
इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं। जिसमें एक वकील और कुछ लोग पुलिस वाले को जबरदस्ती पकड़कर ले जा रहा है। इसे शेयर करते हुए लोग कह रहे हैं कि नये कानून के लागू होने का असर, पुलिस वाले को वकील ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा। तो आइए जानते हैं फैक्ट चेक ( Fact Check ) के जरिए, क्या है वायरल वीडियो ( Viral Video ) की सच्चाई...
क्या है वायरल वीडियो में...
1 मिनट 42 सेकेण्ड के इस वीडियो में देखा जा सकता है कि वकील के कपड़ो पहना एक शख्स और कुछ लोगों के साथ एक पुलिस वाले को जबरदस्ती पकड़कर ले जाते हुए नजर आ रहा है। वीडियो के अंत में वकील उस पुलिसकर्मी को पुलिस की गाड़ी में बैठ जाता है।
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वायरल हो रहा वीडियो...
वायरल वीडियो को कई यूजर्स ने एक्स और फेसबुक पर शेयर किया है।
वायरल वीडियो को शेयर करते हुए एक एक्स यूजर ने लिखा, बकील साहब ने सही किया या गलत, नये कानून के लागू होने का असर, वकील साहब दरोगा को घूसखोरी के आरोप में पकड़कर ले जाते हुए।
इसी दावे के साथ यूजर ने फेसबुक पर शेयर किया वीडियो-
जानें क्या है इस वीडियो का सच...
वायरल वीडियो का सच जानने के लिए thesootr ने इससे जुड़े की-वर्ड्स गूगल पर सर्च किए। सर्च करने पर हमें ये वायरल वीडियो यूट्यूब पर 17 जून 2023 को अपलोड हुआ मिला। यहां इसे लखनऊ के बीकेटी थानाक्षेत्र में हुई घूसखोरी की घटना बताया गया है।
thesootr जांच में पता चला कि यह घटना लखनऊ के बक्शी के तालाब इलाके की है। यहां बीकेटी थाने में तैनात दरोगा प्रदीप पांडे को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया था। आपको बता दें कि दरोगा ने जमीनी विवाद में पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के बदले रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद आरोपी दरोगा को गिरफ्तार कर लिया गया था।
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गलत है वायरल वीडियो का दावा
द सूत्र फैक्ट चेक ( thesootr fact check ) से ये साफ हो गया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह गलत है। वायरल वीडियो 2023 का है, इसका हाल ही में लागू हुए तीन नए आपराधिक कानून से कोई लेना-देना नहीं है।
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