मध्य प्रदेश का मोती सागर तालाब जिसमें छिपा है बेटे-बहू के बलिदान और खजाने का रहस्य
सरदार अभयराम बंजारा ने जो मोती सागर तालाब आगर मालवा में बनवाया था, वह लगभग 1 हजार साल पुराना है। वहीं अपने अंदर कई रहस्यों को छुपाए हुए है।
मोती सागर तालाब का रहस्य: कहा जाता है कि जब तालाब में पानी नहीं रुका तो सरदार अभयराम बंजारा ने इसे भरने के लिए अपने बेटे और बहू का बड़ा बलिदान दिया था।
moti sagar talab agar malwa: मध्य प्रदेश के इस तालाब के बीच में बेटे-बहू की याद में एक सुंदर समाधि बनी है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि बीच में दिखने वाली छतरी किसी तीन मंजिला महल का ऊपरी हिस्सा है।
स्थानीय लोग मानते हैं कि तालाब की गहराई में किसी राजा का बहुत बड़ा खजाना छिपा है। कहते हैं, कोई अदृश्य शक्ति इसकी रक्षा करती है। इसलिए इसे खोजने की सारी कोशिशें आज तक नाकाम रही हैं।
लोगों का मानना है कि तालाब में किसी राजा का बहुत बड़ा खजाना छिपा है। कहते हैं, कोई अदृश्य शक्ति इस खजाने की रक्षा करती है।
जब 2002-2004 में तालाब पूरी तरह सूखा तो डूबे हुए महल और छतरी की पुरानी शानदार कारीगरी दिख रही थी।
mysterious places: बलिदान और खजाने की ये हजारों साल पुरानी कहानी आज भी राज बनी हुई हैं। डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।