मध्य प्रदेश की शान ग्वालियर का किला जानें बाबर ने इसकी तारीफ में क्या कहा था
gwalior fort: ग्वालियर का किला भारत के सबसे प्रसिद्ध और अभेद्य किलों में से एक है। इसे मुगल शासक बाबर ने (हिन्द के किलों के बीच मोती) कहा था।
gwalior ka kila: ग्वालियर का किला किसने बनवाया: मान्यताओं के अनुसार इस किले को छठी शताब्दी (लगभग 1500 साल पहले) में सूरज सेन नाम के एक राजा ने बनवाया था।
यह किला ग्वालियर शहर की सबसे ऊंची गोपांचल पहाड़ी पर बना है। यह किला लगभग 100 मीटर की उंचाई पर है। पुराने समय में इसे जीतना लगभग नामुमकिन था।
यह पूरा किला लाल रंग के बलुआ पत्थर से बना है। इसकी बाहरी दीवारें बहुत मजबूत और बड़ी हैं जो सीधी खड़ी ढलान वाली हैं।
किले की दीवारों पर आज भी रंगीन टाइलों के निशान दिखाई देते हैं, जो इसकी एक अनोखी पहचान हैं। इन टाइलों पर नीले, पीले और हरे रंगों से जानवर और पेड़-पौधों की डिजाइन बनी थी।
ग्वालियर का किला गेट: किले में अंदर जाने के लिए दो बड़े रास्ते हैं जिनमें से एक का नाम हाथी पोल है। ये बड़े और मजबूत दरवाजे इस किले को औ शानदार बनाते हैं।
MP Tourism Board: पहाड़ी की ऊंचाई पर होने के कारण किले से पूरे ग्वालियर शहर का शानदार नजारा दिखता है। (एमपी टूरिज्म) यह नजारा अपने आप में किले की एक बड़ी खासियत है।
ग्वालियर किला: यह किला इतिहास में तोमर वंश से लेकर मुगल शासकों और सिंधिया शासकों तक कई राजवंशों के हाथों से गुजरा है। इन सभी ने किले की मजबूती को बनाए रखने में योगदान दिया।