उज्जैन महाकाल सवारी में दिखेगा बाबा का अद्भुत स्वरूप, संयोग से होगा हरिहर मिलन
महाकाल सवारी का समय: 3 नवंबर 2025, सोमवार को कार्तिक मास के दूसरे सोमवार की यह सवारी, परंपरा अनुसार, ठीक शाम 4:00 बजे महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होगी।
पहली सवारी में बाबा महाकाल श्री चंद्रमौलेश्वर के दिव्य स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे। यह रजत पालकी में विराजित होकर निकलते हैं और भक्तों को दर्शन देकर उनका कल्याण करते हैं।
यह सवारी गुदरी चौराहा, बक्शी बाजार और कहारवाड़ी, से होते हुए रामघाट पहुंचेगी और यह लगभग शाम 7:00 बजे तक मंदिर परिसर में वापस लौटेगी।
हरिहर मिलन की दूसरी सवारी सोमवार की रात 11:00 बजे महाकाल मंदिर से शुरू होगी, जो भगवान विष्णु से भेंट करने के लिए प्रस्थान करेगी।
यह दूसरी सवारी बैकुंठ चतुर्दशी के शुभ दिन पर निकलती है, जिसे 'हरिहर मिलन' कहा जाता है। (महाकाल बाबा की सवारी कितनी तारीख को है) यह मिलन भगवान शिव और भगवान विष्णु के संगम और एकत्व का प्रतीक माना जाता है।
Mahakal Sawari November 2025 Date: आज की सवारी के बाद, कार्तिक और अगले माह की तीसरी (Ujjain Mahakal) सवारी 10 नवंबर 2025, सोमवार को निकाली जाएगी।
कार्तिक मास की चौथी और सबसे महत्वपूर्ण अंतिम सवारी 17 नवंबर 2025, सोमवार को निकलेगी। इस सवारी को राजसी सवारी भी कहा जाता है। (उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर) जिसमें बाबा महाकाल भव्य रूप में अपनी प्रजा को अंतिम दर्शन देते हैं।