काल भैरव जयंती पर मंदिर में अनोखी रस्म, जानें क्यों आधी रात को उमड़ती है भक्तों की भीड़?

Aman Vaishnav | Nov 12, 2025, 10:23 IST
उज्जैन में काल भैरव जयंती के दिन मंदिर में कई खास आयोजन होते हैं। इन आयोजन को देखने और बाबा के दर्शन करने के लिए भक्त दूर-दूर से आते हैं। बाबा को मदिरा का भोग चढ़ाने से लेकर सिंधिया राजघराने की पगड़ी पहनाने तक यहां खास रस्में निभाई जाती हैं।
1 6 भव्य महाआरती का आयोजन
kal bherav baba ujjain

जयंती पर उज्जैन में रात 12 बजे काल भैरव बाबा की महाआरती की जाती है जिसे उनका जन्मोत्सव माना जाता है। (काल भैरव मंदिर) इस आरती में शामिल होने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।

2 6 मदिरा का विशेष प्रसाद
Aman vaishnav (17)

काल भैरव की पूजा विधि: बाबा काल भैरव को मदिरा का भोग लगाने की परंपरा है। यह यहां की सबसे बड़ी पहचान है। मंदिर में श्रद्धालु बाबा के लिए मदिरा लाते हैं

3 6 सरकारी पूजा और पगड़ी रस्म
kal bherav pagdi rasm

जयंती पर काल भैरव बाबा की पहली पूजा राज्य सरकार करती है। इस दौरान बाबा को ग्वालियर के सिंधिया राजघराने की तरफ से लाई गई सरकारी पगड़ी पहनाई जाती है।

4 6 छप्पन भोग की व्यवस्था
baba mahakal

काल भैरव जयंती कब है: जयंती पर बाबा के लिए छप्पन तरह के पकवानों का खास इंतजाम होता है। भक्त अपनी तरफ से मिठाइयां लाते हैं और प्यार से बाबा को भोग लगाते हैं।

5 6 मंदिर का विशेष शृंगार
kal bherav baba

काल भैरव जयंती 2025: काल भैरव जयंती से पहले पूरे मंदिर परिसर की सजावट और साफ-सफाई की जाती है।

6 6 बाबा काल भैरव की शोभायात्रा
ka bherav ji ki yatra

उज्जैन काल भैरव मंदिर: बाबा काल भैरव की शोभायात्रा मंदिर से निकलकर जेल चौराहा, माणक चौक, नाका चौराहा होते हुए आगे बढ़ती है। शोभायात्रा भैरवगढ़ जेल के गेट पर जाती है जहां बाबा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है।