Relationship Tips: क्या आपके करीबी ही आपको कर रहे बीमार, PNAS के रिसर्च ने किया खुलासा
Relationship Tips: आपने अक्सर लोगों को कहते सुना होगा कि इस इंसान ने मेरा खून जला दिया या ये मुझे तनाव देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये सिर्फ कहने की बात नहीं है? हालिया PNAS रिसर्च के मुताबिक, हमारे आसपास मौजूद नेगेटिव लोग हमारी बायोलॉजिकल क्लॉक को तेज कर देते हैं।
साइंस कहता है कि आपके आसपास के टॉक्सिक लोग वास्तव में आपको बूढ़ा बना रहे हैं। ये बुढ़ापा चेहरे पर दिखने से पहले आपके शरीर के अंदर, आपकी सेल्स में शुरू हो जाता है। यानी, गलत लोगों का साथ आपको असमय बुढ़ापे की ओर धकेल रहा है।
कैसे हुआ ये चौंकाने वाला खुलासा
हाल ही में PNAS (Proceedings of the National Academy of Sciences) नाम की एक मशहूर USA की साइंटिफिक मैग्जीन में एक रिसर्च छपी है। इस स्टडी में 26 सौ से ज्यादा लोगों के सोशल लाइफ और उनकी सेहत की जांच की गई। साइंटिस्ट्स ने लोगों के थूक (Saliva) के सैम्पल्स से उनकी एपिजेनेटिक क्लॉक (Epigenetic Clock) चेक की।
ये क्लॉक आपकी असली उम्र नहीं, बल्कि आपके शरीर की इंटरनल एज बताती है। जांच में पता चला कि जिन लोगों के जीवन में ज्यादा स्ट्रेस्फुल रिश्ते थे, उनका शरीर अंदर से बहुत ज्यादा पुराना हो चुका था।
क्या होता है PNAS
PNAS (Proceedings of the National Academy of Sciences) दुनिया की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित साइंटिफिक मैग्जीन में से एक है। ये USA की नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज की ऑफिसियल मैग्जीन है, जिसकी शुरुआत 1914 में हुई थी। इसे विज्ञान की दुनिया का गोल्ड स्टैंडर्ड माना जाता है।
इसमें छपने वाले हर रिसर्च पेपर की विशेषज्ञों द्वारा जांच बहुत सख्त होती है। यहां बायोलॉजी, फिजिक्स और सोशल साइंस जैसे विषयों पर हाई-क्वालिटी रिसर्च पब्लिश होती है। इसकी रिलायबिलिटी इतनी है कि दुनियाभर के वैज्ञानिक और संस्थान इसके डेटा पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं।
कौन हैं ये हसलर्स जो उम्र चुरा रहे हैं
रिसर्च में ऐसे लोगों को हसलर्स (Hasslers) कहा गया है। ये वो लोग हैं जो आपके जीवन में बार-बार चिड़चिड़ापन और इमोशनल प्रेशर पैदा करते हैं। लगभग 30% लोगों के आसपास कम से कम एक ऐसा इंसान जरूर होता है।
स्टडी के मुताबिक, हर एक एक्स्ट्रा स्ट्रेस्फुल रिश्ता आपकी बायोलॉजिकल एज को 1.5% तक बढ़ा देता है। इसका मतलब है कि ऐसे लोगों के साथ रहने वाले लोग दूसरों की तुलना में करीब 9 महीने ज्यादा बूढ़े पाए गए।
शरीर के अंदर क्या बदल जाता है
जब आप किसी टॉक्सिक इंसान के साथ होते हैं, तो आपका शरीर फाइट-या-फ्लाइट मोड (healthy lifestyle) में आ जाता है। इससे शरीर में कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन्स का लेवल बढ़ जाता है।
- टेलोमेरेस का छोटा होना:
हमारे DNA के सिरों पर प्रोटेक्टिव कैप होती है जिसे टेलोमेरेस कहते हैं। तनाव इन्हें छोटा कर देता है, जिससे कोशिकाएं जल्दी मरने लगती हैं। - सूजन (Inflammation):
लगातार तनाव से शरीर के अंदरूनी हिस्सों में सूजन बढ़ जाती है। इससे दिल की बीमारियां और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। - मेटाबॉलिज्म पर असर:
AIIMS दिल्ली के डॉक्टर्स का भी मानना है कि पुराना तनाव मेटाबॉलिज्म बिगाड़ देता है। इससे थकान, सिरदर्द और मोटापा बढ़ता है।
रिश्तों का गणित: परिवार और जीवनसाथी
रिसर्च (health experts) में एक और दिलचस्प बात सामने आई है। हर रिश्ते का असर शरीर पर अलग-अलग होता है। जैसे-
- करीबी परिवार:
माता-पिता या बच्चों के साथ खराब रिश्ते सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। चूंकि इन रिश्तों से दूर भागना मुश्किल होता है, इसलिए इनका तनाव शरीर को जल्दी बूढ़ा बनाता है। - जीवनसाथी:
पार्टनर के साथ झगड़े का असर थोड़ा कम देखा गया। शायद इसलिए क्योंकि शादी में सपोर्ट और प्यार के पल कड़वाहट को बैलेंस कर देते हैं।
कैसे बचाएं खुद को
हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया कि आप अपनी सोशल डाइट का भी ध्यान रखें। जैसे आप खराब खाना नहीं खाते, वैसे ही खराब लोगों से भी दूरी बनाएं।
- बाउंड्री सेट करें: अगर किसी से दूर जाना संभव नहीं, तो उनसे बात करने की सीमा तय करें।
- सेल्फ-केयर: तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन और गहरी सांस लेने की प्रैक्टिस करें।
- पॉजिटिव सर्कल: ऐसे लोगों के साथ समय बिताएं जो आपको खुशी और शांति देते हैं।
- आपकी लंबी उम्र का राज सिर्फ दवाओं में नहीं, बल्कि आपकी मानसिक शांति में भी छिपा है।
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