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मिर्ची से स्नान! सुनकर ही काफी आश्चर्य हो रहा है।भारत में ऐसी कई अजीबोगरीब प्रथाएं है जिन्हें सुनकर और देखकर हैरानी होती है। अब ये है तो अंधविश्वास लेकिन लोगों की आस्थाएं इससे जुड़ी है इसलिए प्रथाएं बरसों से चली आ रही है। ऐसी ही एक प्रथा के बारे में आपको बताते हैं। ये तमिलनाडु के धर्मपुरी में मनाई जाती है। तमिलनाडु के नदपन्नाहल्ली गांव में पेरिया करुपसामी देवता के सम्मान में ये प्रथा निभाई जाती है। देवता का पहले दूध से अभिषेक किया जाता है और फिर उनका साज श्रृंगार किया जाता है। देवता को शराब और सिगार भी चढ़ाया जाता है। प्रथा के मुताबिक भक्तों के भीतर से बुरी आत्माओं को भगाने और उन्हें दुर्भाग्य से बचाने के लिए मंदिर के पुजारी को मिर्ची पाउडर का स्नान करना पड़ता है और तेजधार वाले हंसिए पर खड़े होकर उनकी समस्याओं को सुनना पड़ता है।
मिर्ची के पानी से पुजारी का स्नान
परंपरा के मुताबिक, मंदिर के पुजारी गोविंधन को कई रीति-रिवाज करने पड़ते हैं। उदाहरण के लिए पुजारी को हंसिए पर खड़े होकर भक्तों की समस्याओं को सुनना पड़ता है और मिर्च के यज्ञ से भी गुजरना पड़ता है। इस यज्ञ में 108 किलो मिर्च पाउडर को पानी में मिलाया जाता है फिर इसी मिर्च वाले पानी से पुजारी को नहलाया जाता है। तमिलनाडु के लोगों का ये विश्वास है कि ऐसा करने से भक्तों के अंदर से बुरी आत्माएं और दुर्भाग्य दूर हो जाते हैं।
पुजारी की हिम्मत
इस बार भी जब ये प्रथा दोहराई गई। पानी में मिर्च को मिलाते ही उसका रंग चमकीला लाल हो गया। आश्चर्य की बात तो यह हैं कि मिर्ची ज्यादा होने की वजह से आसपास के लोग सांस भी नही ले पा रहे थे लेकिन पुजारी ने हिम्मत दिखाई और पहले तो मिर्च यज्ञ किया और मिर्च वाले पानी से स्नान भी किया।