महाकुंभ में मिलेंगे अनोखे बाबा, एक हाथ उठाए से लेकर कंप्यूटर प्रेमी तक
महाकाल गिरी बाबा राजस्थान के जोधपुर के रहने वाले हैं। इनकी विशेषता यह है कि, वो पिछले 9 साल से एक हाथ को ऊपर उठाए हुए हैं और इस हाथ के नाखून उनकी उंगलियों से भी बड़े हो गए हैं।
कंप्यूटर बाबा का असली नाम दास त्यागी है। इनकी विशेष रुचि गैजेट्स और तकनीक में है, इसी कारण उन्हें कंप्यूटर बाबा के नाम से जाना जाता है। ये हमेशा अपने साथ एक लैपटॉप रखते हैं और उस पर कार्टून देखते रहते हैं।
गंगा गिरी बाबा, जिन्हें लिलिपुट बाबा के नाम से जाना जाता है, अपनी छोटी कद-काठी और अनोखी जीवनशैली के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी उम्र 57 साल है और इन्होंने पिछले 32 सालों से स्नान भी नहीं किया है।
यूपी के रायबरेली निवासी हरिशचंद्र विश्वकर्मा को चाबी वाले बाबा के नाम से जाना जाता है। उनके पास एक बड़ी चाबी है, जिसका वजन लगभग 20 किलोग्राम है। कहते हैं कि, वो इस चाबी से लोगों के अहंकार को खोलते हैं और जहां भी जाते हैं, अपनी चाबी के साथ एक यादगार बना लेते हैं।
रुद्राक्ष बाबा के शरीर के हर अंग पर रुद्राक्ष की माला होती है और उनके शरीर पर कुल मिलाकर लगभग 11 हजार से अधिक रुद्राक्ष की माले हैं। इन रुद्राक्षों का वजन 30 किलो से अधिक है।
डिजिटल मौनी बाबा, जो 12 साल से मौन व्रत धारण किए हुए हैं, अपनी बातों को डिजिटल बोर्ड पर लिखकर बताते हैं। ये साधु अपनी मौन जीवनशैली और तकनीकी तरीकों के लिए जाने जाते हैं।