लोकसभा चुनाव : एनडीए की वापसी पर न्यू यॉर्क टाइम्स ने कहा- मोदी की आभा कम हुई, पाकिस्तान ने बताया खतरा

Shreya Nakade | Jun 05, 2024, 11:45 IST
मोदी की जीत पर विदेशी मीडिया
भारत में लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आने के बाद, विदेशी मीडिया की प्रतिक्रिया आने लगी है। जानें पाकिस्तान के डॉन, कतर के अल जज़ीरा और अमेरिका के न्यू यॉर्क टाइम्स सहित ग्लोबल मीडिया ने इस पर क्या लिखा...

भारत के चुनावी घमासान के नतीजे साफ हो गए हैं। NDA गठबंधन ने 292 सीटों के साथ फिर से बहुमत हासिल किया। हालांकि भाजपा इस बार अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर पाई। दूसरी ओर विपक्ष मजबूत स्थिति में आ गया है। इंडिया गठबंधन के खाते में 233 सीटें गई हैं।



भारत के चुनावों पर पूरी दुनिया की नजर थी। ऐसे में चुनाव के नतीजों के बाद विदेशी मीडिया ने अपने-अपने तरीके से भारत के चुनाव नतीजों पर टिप्पणी की। किसी ने पीएम मोदी का असर कम होने का दावा किया तो किसी ने भाजपा को करारा झटका बताया। जानें भारतीय चुनाव पर विदेशी मीडिया की प्रतिक्रिया -



विदेशी मीडिया में भारतीय चुनाव


न्यू यॉर्क टाइम्स


न्यू यॉर्क टाइम्स ने भारत के चुनाव पर लिखा- "प्रधानमंत्री अपना पद बरकरार रखेंगे, लेकिन उनकी आभा कम हो गई है और उनका नेतृत्व मौलिक रूप से बदल गया है क्योंकि देश का बहुदलीय लोकतंत्र फिर से जीवंत हो गया है।"



न्यू यॉर्क टाइम्स


ये खबर भी पढ़िए...



MP Lok Sabha Result 2024 : कांग्रेस के गढ़ छिंदवाड़ा में नकुलनाथ पस्त, BJP के विवेक बंटी साहू से 1 लाख 13 हजार 618 वोट से हारे



सीएनए़ (CNN)


अमेरिकी अखबार सीएनएन ने अपनी हेडिंग में लिखा- 4 जून, 2024 - मोदी ने भारत के चुनाव में जीत की घोषणा की पर भाजपा को करारा झटका लगा.. सीएनएन ने आगे लिखा- "परिणाम मोदी के लिए एक आश्चर्यजनक झटका था, जिन्होंने इस वर्ष के चुनाव में 400 सीटों के साथ सर्वोच्च बहुमत जीतने की कसम खाई थी। पिछले दो मुकाबलों में भाजपा को बहुमत से जीत मिली थी।



सीएनएन भारतीय चुनाव


अलजज़ीरा (AlJazeera)


अलजज़ीरा ने लिखा कि- भारत में चुनावी झटके से मोदी की बीजेपी ने खोया बहुमत, सरकार के लिए सहयोगियों की जरूरत.. उन्होंने आगे लिखा- "एग्ज़िट पोल को धता बताते हुए, विपक्षी दलों ने महत्वपूर्ण राज्यों में भाजपा को चौंका दिया, जिससे भारत का राजनीतिक परिदृश्य फिर से स्थापित हो गया।"



अलजज़ीरा


ये खबर भी पढ़िए...



मोदी शपथ ग्रहण के लिए राष्ट्रपति भवन 9 जून तक आम लोगों के लिए बंद , तैयारियां शुरू



द डॉन ( The Don)


पाकिस्तान के अखबार द डॉन ने भारत के चुनाव परिणामों पर भाजपा को घेरा है। द डॉन की वेबसाइट पर प्रकाशित हुए लेख में लिखा गया- मोदी का तीसरा कार्यकाल भारत की धर्मनिरपेक्ष पहचान और लोकतंत्र को पूरी तरह नष्ट कर सकता है। लेख में आगे लिखा गया- "उनका चुनाव अभियान मुस्लिम विरोधी और पाकिस्तान विरोधी बयानबाजी के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा। उन्होंने भारत की लंबे समय से चली आ रही धर्मनिरपेक्ष पहचान को त्यागकर एक हिंदू राज्य स्थापित करने की कसम खाई और पाकिस्तान के खिलाफ उनका रुख बेहद आक्रामक हो गया।"



द डॉन पाकिस्तान


ये वीडियो भी देखें...



पूर्णिया से 23847 वोटों से जीते पप्पू यादव, जीत के बाद भावुक हो रो पड़े



द टेलिग्राफ (The Telegraph)



भारत के द टेलिग्राफ ने आज सुबह अपने अखबार पर हेडिंग दी- "India Cuts Modi Down." इसका मतलब होता है- "भारत ने मोदी को सत्ता से हटा दिया।" हालांकि चुनाव के आंकड़े एनडीए की वापसी की ओर इशारा करते हैं।



द टेलिग्राफ


द वॉल स्ट्रीट जर्नल (The Wall Street Journal)


अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भारत के चुनावी नतीजे को आश्चर्यजनक बताया। हेडिंग में लिखा- आश्चर्यजनक चुनावी झटके में मोदी ने बहुमत खो दिया, लेकिन भारत में सत्ता बरकरार रखने के लिए तैयार हैं.. उन्होंने आगे छापा- नरेंद्र मोदी की हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल करने में विफल रही



द वॉल स्ट्रीट जर्नल


ये खबर भी पढ़िए...



गुजरात गांधीनगर सीट से अमित शाह 10 लाख वोटों से जीते



एसोसिएट प्रेस (Associate Press)


एसोसिएट प्रेस ने मोदी को सहयोगियों पर निर्भर रहने की बात लिखी। उन्होंने लिखा- "मोदी भारत के चुनाव में जीत का दावा करते हैं लेकिन समर्थन में गिरावट उन्हें गठबंधन सहयोगियों पर भरोसा करने के लिए मजबूर करती है"



एसोसिएट प्रेस


द गार्डियन (The Gurdian)


द गार्डियन ने लिखा- "द्र मोदी ने तीसरे कार्यकाल का दावा किया है लेकिन अनुमानों से पता चलता है कि पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने की संभावना नहीं है - जैसा कि हुआ।"



द गार्डियन


ये खबर भी पढ़िए...



अयोध्या हारी बीजेपी , TV के राम को मेरठ का मिला राजपाठ





Tags:
  • भारतीय चुनाव पर विदेशी मीडिया
  • विदेशी मीडिया में भारतीय चुनाव
  • सीएनए़
  • अलजज़ीरा
  • द वॉल स्ट्रीट जर्नल
  • द गार्डियन