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यदि आपके अंदर लेखन की प्रतिभा है तो इसे दबाएं नहीं बल्कि बाहर निकाल कर मुक्त रुप से उजागर करें.. क्योंकि लेखक ,कवि , साहित्यकार यह सभी योग्यताएं ईश्वरीय देन होती हैं ऐसा कहना है युवा कवयित्री नीलिमा पाठक सामन्तरे का जिन्होंने जिंदगी के हर खट्टे मीठे एहसासों को अपने प्रथम काव्य संग्रह " एहसास" में रचा है ,प्रकृति प्रेमी नीलिमा ने अपने अंदर के संवेदनशील संसार का संपूर्ण फलक इन कविताओं में उतार दिया है।
102 कविताओं के इस काव्य संग्रह में नारी के अनेक चित्रण ,समाज की दशा, मानवता पर आक्रोश, आदि बहुत कुछ देखने को मिलता है।
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