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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) का बजट सत्र (budget session) 7 मार्च से शुरू होने जा रहा है। इसमें विधायक 4518 सवालों से सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। वहीं, सत्र के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए विधानसभा (Legislative Assembly) अध्यक्ष गिरीश गौतम (Speaker Girish Gautam) ने 6 मार्च को सर्वदलीय बैठक (all-party meeting) बुलाई है, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं को बुलाया गया है। 9 मार्च को पेश होने जा रहा वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पूरी तरह से चुनावी होगा।
बजट में ये रहेगा खास: बजट में ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर ध्यान दिया गया है। फ्लैगशिप योजनाओं के जरिए महिलाओं, किसानों और युवाओं को साधने पर फोकस किया गया है। बजट में OBC, SC-ST स्टूडेंट्स स्कॉलरशिप के लिए विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं। राम वन गमन पथ निर्माण न्यास के गठन करने का ऐलान भी बजट में किया जाएगा। लाडली लक्ष्मी योजना की री-लॉन्चिंग होगी। ब्याज मुक्त कृषि लोन के लिए 800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि निर्धारित की जाएगी। प्रदेश में पहली बार चाइल्ड बजट (Child budget) भी लाया जा रहा है। ओंकारेश्वर में शंकराचार्य की मूर्ति 'स्टैच्यू ऑफ वेलनेस' के लिए 700 करोड़ खर्च होंगे।
10 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई और राहत भत्ता 31% की दर से देने के लिए राशि का प्रावधान बजट में रखा जाना तय है। जातिगत व धार्मिक योजनाओं पर भी फोकस किया है। नर्मदा एक्सप्रेस-वे और चंबल एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण करने राशि का प्रावधान इस बजट में किया गया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी का कार्यक्रम जारी रहेगा। साथ ही कस्टमर प्रोसेसिंग सेंटर योजना में भी बदलाव किया जाएगा। ऋण माफी योजना के लिए बजट में प्रावधान नहीं होगा। बजट में कर्मचारियों की वार्षिक वेतनवृद्धि, समयमान वेतनमान, महंगाई भत्ता और राहत के लिए स्थापना व्यय में वृद्धि की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग और पर्यटन क्षेत्र विकसित करने के लिए राज्य स्तर पर पंचायतों को एनओसी (NOC) देने का अधिकार उपलब्ध करवाएगी। वहीं, पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने पर फिलहाल सरकार असमंजस में हैं।
सत्र में 13 बैठकें होंगी: मध्य प्रदेश का बजट सत्र सात मार्च से शुरू हो रहा है, जो 25 मार्च तक चलेगा। इसमें 13 बैठकें होंगी और पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित हो जाएगी। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा नौ मार्च को होगी। सत्र की बैठकों में शासकीय और अशासकीय कार्य का सुचारू रूप से संचालन हो सके, इसके लिए सभी राजनीतिक दलों के विधायकों से सहयोग की अपेक्षा को लेकर रविवार को विधानसभा में सर्वदलीय बैठक आमंत्रित की है। इस बार भी सरकार कोई नया टैक्स नहीं लगाने जा रही है।
ये सत्र इसलिए खास: बजट सत्र 2022 में इस बार 4518 प्रश्न विधायकों ने प्रस्तुत किए। इनमें तारांकित 2258 प्रश्न और अतारांकित 2260 प्रश्न हैं। 2267 प्रश्न विधायकों ने ऑफलाइन किए हैं तो 86 एमएलए ने 2251 प्रश्न ऑनलाइन लगाए हैं जो कि कुल प्रश्न के करीब 50 फीसदी हैं। इसमें 12 विधायक ऐसे हैं जिन्होंने अपने सभी सवालों को ऑनलाइन माध्यम से किया है।