GWALIOR की CENTRAL JAIL में मिलीं बहनें, माथे पर लगाया भाई दूज का तिलक
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दो साल बाद जेल में बंद भाइयों से मिलीं बहनें , माथे पर लगाया भाई दूज का तिलक, आंसू छलछलाये

Dev Shrimali
Oct 26, 2022 05:56 PM

GWALIOR. कोरोना के प्रकोप के चलते दो साल से केंद्रीय जेल में बंद बंदियों की बहनें भाई दूज पर उनसे मुलाकात नहीं कर पा रही थीं। लेकिन इस बार जेल में भाई दूज पर जेल में बंद भाइयों से बहनें मिलने के साथ ही तिलक भी कर रही हैं। इस संबंध में जेल प्रबंधन का कहना है- बुधवार और गुरुवार को जेल के अंदर भाई दूज बनाई जाएगी। भाई दूज पर सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरी जांच करने के बाद ही जेल के अंदर प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए जिला पुलिस बल भी जेल के बाहर लगाया गया है, जिससे आने-जाने वालों पर कड़ी निगाह रखी जा सके। लम्बे आरसे बाद बहिन और भाइयों का आमना -सामना होने पर दोनों  आँखों में आंसू छलछला उठे । 

तीन साल मिल पाईं बहनें 


 केंद्रीय जेल में हर साल दीपावली के बाद भाई दूज पर जेल में सजा काट रहे बंदियों से उनकी बहनें मिलने आती हैं। भाईदूज पर तिलक करती हैं। लेकिन पिछले दो साल से कोरोना के कहर के चलते यह व्यवस्था बंद हो गई थी। कोरोना के चलते जेल में भाई दूज नहीं मनाई गई। इसके चलते बंदियों से उनकी बहनें नहीं मिल पा रही थी। लेकिन इस बार कोरोना को लेकर बंदिशें नहीं हैं, इसके चलते भाई दूज जेल के अंदर मनाई जा रही है। 

जेल के अंदर हो रही है भाई दूज 

जेल उप अधीक्षक  प्रभात कुमार ने  बताया कि दो साल बाद भाई दूज जेल के अंदर मनाई जा रही है, इसके लिए सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं वहीं महिला जेल प्रहरियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। हर एक सामान की जांच बारीकी से की जा रही है। साथ ही इस बार जेल प्रशासन द्वारा जेल के भीतर मिठाई भी तैयार कराई गई है और बहन बाजार की कीमतों पर ही जेल के भीतर मिठाई खरीद कर भाइयों को मुंह मीठा करा सकती हैं।

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