Indore में Toy cluster की जमीन के मामले में Collector Manish Singh ने जांच के आदेश दिए हैं। mp news
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इंदौर में टॉय क्लस्टर की जमीन का मामला, मंत्री सखलेचा बोले- नहीं हुआ कोई खेल, कलेक्टर मनीष सिंह ने दिए जांच के आदेश

Rahul Garhwal
Oct 28, 2022 06:40 AM

संजय गुप्ता, INDORE. इंदौर के रंगवासा में टॉय क्लस्टर की जमीन में हुए 50 करोड़ के खेल के मामले में कलेक्टर मनीष सिंह ने आखिरकार जांच के आदेश दे दिए। इसमें जिला पंचायत सीईओ वंदन शर्मा को नोडल अधिकारी बनाते हुए एसडीएम अंशुल खरे को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। कलेक्टर ने जांच कर जल्द ही रिपोर्ट देने के लिए कहा है। रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए राज्य शासन को भेजी जाएगी।

क्लस्टर में जमीन आवंटन के नाम पर हुआ खेल

मध्यप्रदेश और इंदौर में उद्योग तेजी से लगें, इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने क्लस्टर नीति घोषित की थी और कुछ दिन पहले इसका उद्घाटन रंगवासा के टॉय क्लस्टर से किया था। लेकिन अब सामने आया है कि इस क्लस्टर में जमीन आवंटन के नाम पर एसपीवी (स्पेशल पर्पज व्हीकल) के डायरेक्टर प्रेम रामचंदानी, सुरेंद्र सिंह ठाकुर और सुनील गुरेजा के साथ उनके करीबियों को ही प्लॉट मिल गए। कुछ कंपनियां तो ऐसी है जो मौके पर है ही नहीं और दो कंपनी ऐसी है जो प्लॉट की रजिस्ट्री से मात्र 14 दिन पहले बनकर तैयार हुई। साढ़े 3 हेक्टेयर की जमीन पर प्रस्तावित इस क्लस्टर में जमीन का बाजार भाव 2 हजार रुपए प्रति वर्गफीट के हिसाब से 50 करोड़ से ज्यादा है। लेकिन उद्योगों के हित में सरकार ने मात्र 165 रुपए प्रति वर्गफीट के हिसाब से यहां पर जमीन आवंटित की है। कुल 20 प्लॉट में से 17 कंपनियां ऐसी है जिनका टॉय इडंस्ट्री से कोई लेना-देना ही नहीं रहा है और ये नई यूनिट है।

इस तरह डायरेक्टरों को मिले एक से ज्यादा प्लॉट


क्लस्टर नीति में तय हुआ कि एसपीवी बनाकर प्लॉट आवंटित होंगे। ये एसपीवी इंदौर इंटरनेशनल टॉय क्लस्टर एसोसिएशन के नाम पर 24 मार्च 2021 में बनी। इसका पता 77 भागीरथपुरा रहा और इसमें प्रेम रामचंदानी, सुरेंद्र सिंह ठाकुर और सुनील गुरेजा डायरेक्टर बने।

प्रेम रामचंदानी की जेनिथ एक्सिम को प्लॉट नंबर-7 मिला है। वहीं भारत टॉय कंपनी को लवीन छाबड़ा के नाम पर प्लॉट-6 मिला है। इस कंपनी में भी प्रेम रामचंदानी डायरेक्टर हैं।

सुरेंद्र सिंह ठाकुर की श्री जी टॉयस कंपनी को प्लॉट नंबर-5 रजनीता ठाकुर के नाम पर मिला। पता 9 रघवुंशी कॉलोनी मरीमाता चौराहा। वहीं सुरेंद्र सिंह ठाकुर ने आर्ट ऑफ टॉयस के नाम से प्लॉट नंबर-8 लिया। पता 3 रघुवंशी कॉलोनी है।

सुनील गुरेजा को हैप्पीनेस कैंडी टॉयस प्रालि के नाम पर प्लॉट नंबर-1 मिला। जो नवीन सितलानी के नाम पर, इसमें सुनील गुरेजा भी डायरेक्टर हैं। फेवरेट कैंडी प्रालि कंपनी को प्लॉट नंबर-13 मिला, जय गुरेजा के नाम पर, इसमें नवीन गुरेजा भी डायरेक्टर हैं। जस्ट कैंडी टॉयस को प्लॉट नंबर-9 मिला, अखिल पाहुजा के नाम पर। कंपनी जून 2021 में बनी, कंपनी में पाहुजा के साथ नवीन गुरेजा भी डायरेक्टर हैं। (यानी तीनों प्लॉट जिन्हें मिले, वो किसी ना किसी कंपनी के जरिए आपस में जुड़े हुए हैं)

बीजेपी नेता के करीब छोड़वानी परिवार ने लिए 2 प्लॉट

बीजेपी नेताओं के करीबी बाबा छोड़वानी के परिवार ने भी यहां अलग-अलग नाम से 2 प्लॉट लिए हैं। हालांकि ये परिवार मूल रूप से कनफेक्शनरी का कारोबार करता है, लेकिन यहां खिलौना बनाने के लिए प्लॉट लिए। टॉय किंगडम कंपनी के नाम पर प्लॉट नंबर-19 सुनील चिमनानी ने लिया, पता 110 मां विहार कॉलोनी, कंपनी में डायरेक्टर राजेश छोड़वानी और सनी छोड़वानी हैं। वहीं लिटिल किंगडम टॉय कंपनी-प्लॉट नंबर-18, दीपक छोडवानी के नाम पर आवंटित हुआ। पता 111 मां विहार।

ये 2 कंपनियां तो प्लॉट मिलने से 14 दिन पहले बनीं

  • खुशी टॉयस को प्लॉट-15 मिला, सुनील छाबरिया के नाम पर, कंपनी 15 जुलाई 2022 को बनी, 29 जुलाई को प्लॉट मिला।
  • नईप्रिस टॉय इंडस्ट्रीज को श्याम सुंदर मोटवानी के नाम पर, कंपनी 15 जुलाई 2022 को बनी, 29 जुलाई को प्लॉट मिला।

इन्हें भी मिला प्लॉट

  • जिमी टॉय को प्लॉट नंबर-3 मिला, प्लॉट दीपक मंदवानी के नाम पर आवंटित, कंपनी में अनिल गुरेजा भी मंदवानी के साथ डायरेक्टर हैं।
  • पाहेर वेंचर्स को प्लॉट नंबर-12 मिला, महेश रामचंदानी के नाम पर।
  • मिडास टॉयस को प्लॉट नंबर-17 मिला, नरेश चेलानी के नाम पर, सिंधी कॉलोनी में (कंपनी की जानकारी रजिस्ट्रार कंपनी पर नहीं मिली, इस पते पर मयूर मिल्क प्रॉडक्ट थी)
  • टॉय जंगल को प्लॉट नंबर-20 मिला, शुभम सिंह बायस के नाम पर, कंपनी में संगीता बायस भी डायरेक्टर।
  • प्लाट नंबर-13 तन्मय चौधरी की कंपनी प्ले ऑफ को मिला है।
  • प्लॉट नंबर-4 रिषभ पंजवानी की कंपनी ओके ट्वाय के नाम पर है।

मंत्री सखलेचा का क्या कहना है?

पूरे मामले में एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि सब कुछ नियमों के तहत हुआ है। मामले में रिटायर्ड महाप्रबंधक अजय चौहान की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। उन्होंने रिटायर होने से पहले सभी प्लॉटधारकों को लेटर जारी कर दिए थे। वहीं, द सूत्र को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मंत्री ने दबाव के चलते ऐसा किया।

लेदर टॉय एसोसिएशन कर चुकी है विरोध

इस पूरे मामले में खेल निर्माता जियो टैग हासिल करने वाले लेदर टॉय एसोसिएशन खुलकर विरोध दर्ज करा चुके हैं और अलग-अलग जगह पर इन्होंने इसे लेकर आपत्ति भी दर्ज कराई है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से भी कहा है कि यहां निर्माण की मंजूरी नहीं दी जाए।

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