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BHOPAL. अपेक्स बैंक (मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक) प्रबंधन आए दिन नए कारनामे करने के कारण सुर्खियों में बना रहता है। गड़बड़ियों की, बैंक में लम्बी फहरिस्त है। नया मामला, जबलपुर जिला सहकारी बैंक के सीईओ वीरेश कुमार जैन के रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद उन्हें मुख्यालय में अटैच करने के पहले वजाय पहले सतना जिला सहकारी बैंक में सीईओ बना दिया और अब बैंक के भोपाल स्थित ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनर (प्रशिक्षक) पदस्थ कर दिया गया। जबकि बैंक सेवा नियम कहता है कि उनके खिलाफ बैंंक को भी अलग से कार्रवाई करनी चाहिए।
मुख्यालय में करना था अटैच
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जबलपुर के सीईओ वीरेश जैन को 26 दिसंबर को रिश्वत लेते पकड़ा गया था। जिसके तत्काल बाद जैन को अपेक्स बैंक में अटैच किया जाना था,लेकिन अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक (एमडी) पीएस तिवारी ने जैन को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सतना का सीईओ बना दिया। हालांकि जब भोपाल में अपेक्स बैंक में अटैच करने का दबाव आया, तो फिर करीब दो सप्ताह बाद अब बैंक के ट्रेनिंग सेंटर में पदस्थ किया है। ट्रेनिंग सेंटर भोपाल के नेहरू नगर में स्थ्ति है। जहां पूरे प्रदेश के बैंक अफसरों और कर्मचारियों को बैंकिंग कार्य की ट्रेनिंग दी जाती है। जैन को ट्रेनर के पद पर पदस्थ किया गया है।
समिति प्रबंधक को जॉइन कराने मांगी थी रिश्वत
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जबलपुर में वीरेश कुमार जैन ने सीईओ रहते एक समिति प्रबंधक को जॉइन कराने के लिए रिश्वत की मांग की थी और बाद में 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते जबलपुर लोकायुक्त द्वारा बैंक में ही रंगे हाथ पकड़े गए थे।
समिति प्रबंधक ने की थी शिकायत
जबलपुर की मझौली तहसील स्थित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिमि तलाड के निवर्तमान प्रबंधक राधेलाल यादव ने लोकायुक्त में सीईओ द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। हाई कोर्ट से स्टे के बावजूद उन्हें जॉइनिंग नहीं दी जा रही है और जॉइनिंग के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जबलपुर के सीईओ वीरेश कुमार जैन 20 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने योजनावद्ध तरीके से बैंक में ही वीरेश जैन को ट्रैप कर लिया था। जिसके बाद बैंक की बहुत बदनामी हुई थी।
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