बागेश्वरधाम सरकार ने बताया- कितनी गरीबी देखी, कभी मांगता था भीख, आज 70 हजार लोगों को खाना खिलाते हैं

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Rajeev Upadhyay
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बागेश्वरधाम सरकार ने बताया- कितनी गरीबी देखी, कभी मांगता था भीख, आज 70 हजार लोगों को खाना खिलाते हैं

BHOPAL. बागेश्वरधाम सरकार पं. धीरेंद्र शास्त्री लगातार चर्चा में बने हुए हैं। अब उनका महीनों पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वे गरीबों की मजबूरी और असहाय होने पर दुखी हो रहे हैं। वे खुद अपनी निर्धनता के बारे में बताते हुए रो पड़ते हैं। बाद में वह ये भी बताते हैं कि उन्हें अपनी मां का कहा आज भी याद है, जिसके चलते वे रोज बागेश्वर धाम में 70 हजार लोगों को निशुल्क भंडारा आयोजित कराते हैं। 



क्या कह रहे हैं वीडियो में



वीडियो उनके सत्संग का है जो कि कई माह पुराना है। वे वीडियो में कह रहे हैं कि गरीब का कोई नहीं होता, केवल भगवान होता है। अपने बचपन का वृतांत सुनाते हुए शास्त्री कह रहे हैं कि उनके पिता कुछ नहीं करते थे। इसलिए उन्हें 8 साल तक भिक्षा मांगकर गुजर-बसर करनी पड़ी। छतरपुर के ब्राम्हण परिवार से ताल्लुक रखने वाले धीरेंद्र शास्त्री घर के बड़े बेटे हैं। यह वृतांत सुनाते हुए वे खुद इमोशनल हो गए थे। 




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  • तिलक मिटा दिया जाता था



    वीडियो में वे कह रहे हैं कि उन्हें बचपन से ही तिलक लगाकर स्कूल जाने की आदत थी। लेकिन सहपाठी बच्चे उनका जबरन तिलक मिटा देते थे। वे गरीब परिवार से थे इसलिए विरोध भी नहीं कर पाते थे। दोस्त त्यौहारों पर नए कपड़े पहनते थे लेकिन उनके पास केवल एक जोड़ी ही कपड़े होते थे। उन्होंने बताया कि एक बार कथा करने वृंदावन जाना था लेकिन किराए के पैसे नहीं थे। लोगों से मदद मांगी लेकिन किसी ने मदद न की। वृंदावन नहीं जा पाए लेकिन विश्वास था भगवान पर जिसे अडिग रखा। 



    मां का कहा आज भी याद



    शास्त्री इस वीडियो में कहते दिखाई दे रहे हैं कि मां कहती थीं कि जब भी घर से निकलना मुस्कुराते हुए निकलना। कोई इस मुगालते में न रह पाए कि हम भूखे हैं। क्योंकि प्रभु हमारे साथ हैं। वे कहते हैं कि मां का विश्वास रंग लाया है। आज बागेश्वर धाम में रोज हजारों लोगों का निशुल्क भंडारा होता है। जब उनकी जेब में पैसा नहीं था तो सोचते थे जिस दिन 2 रुपए भी आ गए तो गरीब को भोजन कराएंगे। एक आज का दिन है जब रोज 70 हजार लोगों का पेट भर रहे हैं। 


    बागेश्वरधाम सरकार Pandit Dhirendra Shastri गरीबी की दास्तान सुनाते शास्त्री narrates the story of poverty पं. धीरेंद्र शास्त्री Bageshwardham Sarkar