/sootr/media/post_banners/6348b83b2873a5dd0d47042b99b3df7c24a68015238bca260239ac433bdd262f.jpeg)
Bhopal. झीलों की नगरी भोपाल में जल को लेकर दो दिवसीय सम्मेलन होगा। आयोजन कुशाभाउ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर यानी मिंटो हॉल में 5 और 6 जनवरी को होगा। सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह के साथ ही राज्यों के जल संसाधन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी और सिंचाई विभाग के राज्य मंत्री भी शामिल होंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जल शक्ति मंत्रालय के राज्य मंत्री ने दी जानकारी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जल शक्ति मंत्रालय के राज्य मंत्री प्रहृलाद सिंह पटेल ने बताया कि सम्मेलन में जल विजन 2047 का ब्लू प्रिंट तैयार किया जाएगा। 2047 में देश की आजादी को 100 साल पूरे हो रहे हैं, ऐसे में देश को सुरक्षित जल भविष्य देने का लक्ष्य रखा गया है। देश के सभी राज्यों और केंद्रीय विभागों और मंत्रालयों को एक मंच पर लाने वाले जल विषय का यह पहला सम्मेलन है। पेयजल, सतही जल, भूजल, कृषि के लिए पानी, स्वास्थ्य और स्वच्छता से संबंधित समस्याएं एक दूसरे से जुड़ी होती है और इनका अकेले समाधान नहीं किया जा सकता, इसलिए सभी को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है।
ये भी पढ़ें...
5 सत्र में होगा पानी की सभी समस्याओं पर चिंतन
दो दिवसीय सम्मेलन में एक पूर्ण सत्र होगा, जो वाटर विजन 2047 पर फोकस के साथ सम्मेलन का एजेंडा तय करेगा। सम्मेलन में 5 विषय क्षेत्र संबंधी सत्र के होंगे, जिनमें पानी की सभी समस्याओं पर चिंतन होगा। इसमें पहला सत्र जल की कमी, अधिशेष जल और पहाड़ी क्षेत्रों में जल सुरक्षा विषय पर होगा। दूसरे सत्र में अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग सहित जल उपयोग दक्षता में बढ़ोत्तरी पर चर्चा होगी। तीसरे सत्र में वॉटर गवर्नेंस और चौथे सत्र में जलवायु परिवर्तन अनुकूल जल संरचना पर चिंतन होगा। पांचवे सत्र में जल की गुणवत्ता को लेकर बात की जाएगी।
वीडियो देखें-
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us