INDORE. इंदौर में ओवरलोड बस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ट्रैफिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। पुलिस ने मामले में 10 हजार रुपए का चालान काटा है। साथ ही पुलिस ने बस चालक के ड्राइविंग लाइसेंस को रद्द करने के लिए आरटीओ विभाग को पत्र भी लिखा है। दरअसल, रात में इंदौर से बड़नगर जा रही एकता बस सर्विस की बस के ड्राइवर ने बस में सवारी भर रखी थी, इसके बाद भी बस की छत पर भी लोगों को बैठाकर रखा था। इतना ही नहीं ड्राइवर यात्रियों से ओवरलोड बस को तेज रफ्तार से दौड़ा रहा था। इंदौर शहर के कई चौराहों से गुजरकर निकली। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
ड्राइवर का लाइसेंस रद्द करने RTO को लिखा पत्र
बस ड्राइवर, संचालक के साथ आरटीओ और ट्रैफिक विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर करते इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस एक्शन में दिखी। पुलिस ने सुबह एकता ट्रैवल्स पहुंचकर चालानी कार्रवाई की और बस चालक के चालक का लाइसेंस को रद्द करने के लिए आरटीओ को पत्र लिखा है।
खरगोन बस हादसे में हुई थी 24 लोगों की मौत
मध्यप्रदेश में सड़क हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन ट्रैफिक नियमों को लेकर जिम्मेदार विभाग उदासीन बने हुए है। कुछ दिन पहले खरगोन में बड़ा एक्सीडेंट हुआ था। यहां ओवरलोड बस के पुल के नीचे गिरने पर 24 यात्रियों की जान गई थी। इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए थे। उससे पहले इंदौर के चौरई क्षेत्र में गहरी खाई में बस के गिरने से 7 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भी बस ड्राइवर और संचालक हादसों से कोई भी सीख नहीं ले रहे है। हादसे के बाद तुरंत बाद आरटीओ विभाग और यातायात पुलिस कार्रवाई करती दिखाई देती है, लेकिन जैसे-जैसे हादसे को समय बीतता जाता है कार्रवाई भी धीमी पड़ जाती है।
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वीडियो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई
इंदौर से बड़नगर जा रही एकता बस सर्विस की बस शहर के कई चौराहों निकली, लेकिन तेजी से दौड़ रही ओवरलोड बस पर ट्रैफिक विभाग के किसी भी पुलिसकर्मी की नजर नहीं पड़ी। जब एक इंदौर के एक व्यक्ति को बस ओवरलोड जाती हुई दिखाई दी तो उसने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद ट्रैफिक विभाग नींद से जागा और ताबड़तोड़ कार्रवाई करता नजर आया।