panna. उत्तराखंड (Uttarakhand) में 5 जून को हुई बस दुर्घटना (bus accident) में पन्ना (panna) जिले के जिन 24 लोगों की मौत हुई है, उनका दाह संस्कार 7 जून को होगा। मृतकों के पार्थिव शरीर इंडियन एयरफोर्स (indian airforce) के विशेष विमान से 6 जून की शाम 6.45 बजे खजुराहो एयरपोर्ट (Khajuraho Airport) पर पहुंचे, जहां से एम्बुलेंस द्वारा उनके गृह ग्राम अलग-अलग वाहनों से रवाना हो गए हैं। रात 9 बजे तक पहुंचने की संभावना है।
घायलों का इलाज देहरादून में जारी
पन्ना एसडीएम सत्यनारायण दर्रो (SDM Satyanarayan Darro) ने बताया कि तीर्थ यात्रियों के पार्थिव शरीर में विशेष इंजेक्शन लगाए गए हैं, ताकि गर्मी की वजह से शव खराब न हों। सभी शवों को ससम्मान उनके गृह ग्राम तक पहुंचाने की माकूल व्यवस्था की गई है। एसडीएम ने बताया कि सबसे ज्यादा मृतक संख्या सांटा बुद्ध सिंह गांव की है, इस गांव के 8 लोग हादसे के शिकार हुए हैं। इसके अलावा कोनी- 2, सिमरिया- 2, पण्डवन उडला- 2, मोहन्द्रा- 4, पवई- 2, मोहन्द्रा कुंवरपुर- 2, चिखला- 1 और ककरहटा-1 तीर्थयात्री हादसे के शिकार हुए हैं। उन्होंने बताया कि पन्ना जिले के तीन लोग घायल हैं, जिनका इलाज देहरादून के अस्पताल में चल रहा है। इनकी देखरेख के लिए खनिज अधिकारी की ड्यूटी लगी है, जो देहरादून में ही हैं।
सीएम ने कलेक्टरों को दिए निर्देश
संभागायुक्त मुकेश शुक्ला (Mukesh Shukla) एवं पुलिस महानिरीक्षक अनुराग ने आज पन्ना पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। कमिश्नर शुक्ला ने पन्ना जिले के सिमरिया ग्राम में पहुंचकर व्यवस्था देखी एवं संबंधित व्यक्तियों के परिजनों से मुलाकात कर उनको ढांढस बंधाया। संभागायुक्त मुकेश शुक्ला ने बताया कि उत्तराखंड में हुई बस दुर्घटना में पन्ना जिले के ग्राम सिमरिया एवं अन्य गांव के 24 व्यक्तियों का निधन हुआ है। संभागायुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस महानिरीक्षक छतरपुर एवं पन्ना जिले के कलेक्टर लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के तत्काल बाद छतरपुर और पन्ना जिले के कलेक्टर को आवश्यक व्यवस्थाएं बनाने के लिए निर्देशित किया गया है। उक्त बस दुर्घटना से प्रभावित हुए व्यक्तियों के परिजनों को हर संभव मदद करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि आज देर शाम तक तीर्थयात्रियों के शव को एयरलिफ्ट कर खजुराहो लाया गया, जहां से 18 एंबुलेंस के माध्यम से उनको उनके संबंधित ग्रह ग्राम तक पहुंचाया जाएगा।