पद्म अवॉर्ड के लिए चयनित: कर्नाटक की ट्रांसजेंडर मंजम्मा ने कला के क्षेत्र में कमाया नाम

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पद्म अवॉर्ड के लिए चयनित: कर्नाटक की ट्रांसजेंडर मंजम्मा ने कला के क्षेत्र में कमाया नाम

गणतंत्र दिवस 2021 पर पद्म अवार्ड से सम्मानित होने वालों की लिस्ट में कर्नाटक की ट्रांसजेंडर मंजम्मा जोगाठी का नाम है। पद्मश्री मंजम्मा कई सालों से आर्थिक तंगी से गुजर रही हैं। उन्होंने कला के क्षेत्र में कई प्रयास किए जो काबीले तारीफ हैं।

जनपद अकादमी की अध्यक्षता करने वाली पहली ट्रांसजेंडर

पद्मश्री मंजम्मा जोगाठी की कहानी अथाह दर्द से भरी है, लेकिन आशा और सफलता में से भी एक है। वह कर्नाटक जनपद अकादमी की अध्यक्षता करने वाली पहली ट्रांसजेंडर है। उनका जन्म कर्नाटक के बेल्लारी जिले के कल्लुकम्बा गांव में हुआ था। उन्होंने एक ट्रांसजेंडर के रूप में अपनी पहचान बनाने के लिए काफी संघर्ष झेले।

हर तरह से प्रताड़ित किया गया

10वीं के दौरान मंजप्पा ने कई मुसीबतों का सामना किया। गरीबी, सामाजिक बहिष्कार और यहां तक कि बलात्कार का भी। इसके बावजूद मंजम्मा ने अलग-अलग कलाकृति प्रकारों में जैसे नृत्य और जनपद गीत, कन्नड़ भाषा के गीतों आदि में मेहनत करके पुरस्कार अर्जित किए। मंजम्मा को डांस करना बहुत पसंद है। जब वह एक बच्ची थीं तब उन्हें लड़कियों जैसे कपड़े पहनना बहुत पसंद था।

अभी तक अपना घर नही

दुख की बात यह है कि अभी भी उनके पास रहने के लिए अपना मकान नहीं है। वह सब्सिडी वाले आवासीय योजना के तहत सरकार से एक मकान प्राप्त करने की कोशिश कर रही हैं। सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद मंजम्मा ने अब दान लेने की ओर रुख कर लिया है।

कई पुरस्कार मिल चुके हैं

ट्रांसजेंडर लोक कलाकार मंजम्मा जोगाठी ने 2010 में प्रतिष्ठित कन्नड़ राज्योत्सव पुरस्कार जीता, जिसमें राज्य लोक यक्षगान अकादमी पुरस्कार, जनपद जन पुरस्कार, जनपद लोक, श्री थायम्मा मल्लम्मा दत्तसिद्धि आदि शामिल हैं।

संघर्ष की कहानी
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