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ANKARA. तुर्किये में आए भूकंपों के बाद हताय प्रांत में मलबे में फंसे हतायस्पोर क्लब के फुटबॉलर क्रिश्चियन आत्सू को जीवित बाहर निकाल लिया गया है। हतायस्पोर क्लब के एक अधिकारी ने बताया, आत्सू को घायल अवस्था में मलबे से निकाल लिया गया है। हमारे स्पोर्टिंग डायरेक्टर अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं।
संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने किया शोक व्यक्त
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तुर्किये और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप से हुई मौतों पर शोक व्यक्त किया। शोक व्यक्त करते समय पीएम मोदी काफी भावुक हो गए और गुजरात के भुज में 2001 में आए शक्तिशाली भूकंप को याद किया। संसद के बजट सत्र की कार्यवाही से पहले भाजपा की संसदीय दल की बैठक बुलाई गई थी। बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने गुजरात के भुज में आए विनाशकारी भूकंप को याद किया। बता दें कि वर्ष 2001 में गुजरात के भुज में आए विनाशकारी भूकंप से 20,000 से अधिक लोगों की मौत हुई थीं। इस तबाही में डेढ़ लाख से अधिक लोग घायल हुए थे। भूकंप ने हजारों लोगों को बेघर कर दिया था। तब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।
#WATCH | Team of NDRF personnel along with a specially trained dog squad and necessary equipment departs from Hindon Airbase in Ghaziabad for Turkey, for search and rescue operations.#Turkey was hit by three consecutive devastating earthquakes, killing more than 3,400 people pic.twitter.com/sbkCjx75ug
— ANI (@ANI) February 7, 2023
अरिंदम बागची ने कहा- भारत ने राहत सामग्री की दो खेप भेजी
भारत ने भूकंप की मार झेल रहे तुर्किये को भूकंप राहत सामग्री की दो खेप भेज दी है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से की गई घोषणा के कुछ घंटों बाद ही भारत ने भूकंप राहत सामग्री की पहली खेप तुर्किये को भारतीय वायु सेना के विमान से भेजी है। भारत की ओर से भेजी राहत सामग्री की खेप में एक विशेषज्ञ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल खोज और बचाव दल शामिल है। इसमें पुरुष और महिला दोनों कर्मी, अत्यधिक कुशल डॉग स्क्वॉड, चिकित्सा से जुड़ी चीजें, उन्नत ड्रिलिंग उपकरण और सहायता प्रयासों के लिए आवश्यक अन्य महत्वपूर्ण उपकरण शामिल थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने यह जानकारी दी।
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एक ही दिन में 78 झटके आए थे
तुर्किए में 6 फरवरी सुबह 4:17 बजे महाविनाशकारी भूकंप आया था। रिक्टर पर इसकी तीव्रता 7.8 थी। यह तुर्की में 100 साल में सबसे तीव्रता वाला भूकंप बताया जा रहा है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप के बाद एक ही दिन में 78 झटके आए थे। इनमें से एक झटका 7.5 तीव्रता का था। जबकि तीन झटकों की तीव्रता 6.0 से ज्यादा थी। थे। भूकंप का केंद्र जमीन से 17.9 किलोमीटर अंदर थी। भूकंप का केंद्र (एपी सेंटर) गाजियांटेप के पास था।
अब तक 5 हजार से ज्यादा की मौत
भूकंप का केंद्र सीरिया बॉर्डर से 90 किमी दूर स्थित था। ऐसे में सीरिया के कई शहरों में भी खासा नुकसान हुआ। तुर्किए की अंदालू न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तुर्किए और सीरिया में अब तक 5 हजार से ज्यादा मारे गए हैं। 5,775 बिल्डिंग्स के ध्वस्त होने की सूचना है। तुर्किए में भूकंप के बाद आफ्टर शॉक्स का आना लगातार जारी है। 7 फरवरी को सुबह 8.45 बजे 5.5 तीव्रता का झटका आया। मौतों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है। भारत ने भी तुर्किए को मदद भेजी है।