NEW DELHI. भारत के कई दिग्गज पहलवान भारतीय कुश्ती फेडरेशन (WFI) के खिलाफ धरने पर बैठे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 18 जनवरी से शुरू हुआ प्रदर्शन 19 जनवरी को भी जारी है। विनेश फोगाट ने कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। हालांकि, बृजभूषण शरण सिंह ने आरोपों को निराधार बताया है। वहीं, पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती फेडरेशन से 72 घंटे जवाब देने को कहा है।
विनेश के मुताबिक, कोच महिला खिलाड़ियों को प्रताड़ित कर रहे हैं और फेडरेशन के चहेते कुछ पुरुष कोच, महिला कोचों और लड़कियों के साथ भी बदसलूकी करते हैं। वे लड़कियों का यौन उत्पीड़न करते हैं। डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष ने कई लड़कियों का यौन उत्पीड़न किया है। इस बीच, लखनऊ के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 18 जनवरी से शुरू होने वाला वुमन नेशनल रेसलिंग कोचिंग कैंप फिलहाल कैंसिल कर दिया गया है। इसमें 14 रेसलर्स और 13 कोचों को हिस्सा लेना था।
बबीता फोगाट मिलने पहुंची, बजरंग बोले- सरकार से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल
बजरंग पूनिया ने कहा कि हमें किसी राजनेता की जरूरत नहीं है। देश के लिए लड़ सकते हैं तो अपने लिए भी लड़ सकते हैं। हम फेडरेशन में बदलाव चाहते हैं। ये सम्मान की लड़ाई है। खेल मंत्रालय ने बातचीत के लिए बुलाया है। 4 पहलवानों का प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए जा रहा है। वहीं, पहलवानों से मिलने पूर्व रेसलर और बीजेपी नेता बबीता फोगाट भी पहुंची। उन्होंने कहा कि सरकार पहलवानों के साथ है। मैं चाहूंगी कि ये मसला जल्द से जल्द हल हो।
पहलवानों का आरोप- संघ हमारी जिंदगी में भी दखल देता है
जंतर-मंतर पर मौजूद पहलवानों ने कहा, रेसलिंग फेडरेशन हमारी निजी जिंदगी में भी दखल देता हैं और परेशान करते हैं। वे हमारा शोषण कर रहे हैं। जब हम ओलंपिक में गए थे तो हमारे पास फिजियो या कोच नहीं था। जब से हमने आवाज उठाई है, हमें धमकाया जा रहा है। विनेश तो यहां तक कहा कि टोक्यो ओलंपिक में हार के बाद डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष ने मुझे खोटा सिक्का कहा। मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। मैं हर दिन अपनी जिंदगी को खत्म करने के बारे में सोचती थी। अगर किसी पहलवान को कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष की होगी।
ये है पूरा मामला
भारत के कई दिग्गज पहलवानों ने राष्ट्रीय महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर तानाशाही के आरोप लगाए हैं। विरोध प्रदर्शन कर रहे पहलवानों में टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक विजेता विनेश फोगट समेत देश के कई शीर्ष पहलवान शामिल हैं। डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह बीजेपी सांसद भी हैं।
अपने प्रदर्शन को लेकर पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा, भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) पहलवानों को परेशान कर रहा है। जो लोग डब्ल्यूएफआई का हिस्सा हैं उन्हें खेल के बारे में कुछ नहीं पता। पहलवान कुश्ती महासंघ में चल रही तानाशाही को बर्दाश्त नहीं करना चाहते। ओलंपिक मेडलिस्ट साक्षी मलिक के मुताबिक, हम भारतीय कुश्ती महासंघ का विरोध कर रहे हैं।
वहीं, भारतीय कुश्ती संघ के असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोद तोमर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पता नहीं यह किस बारे में है। डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष को लिखे पत्र से पता चला कि कुछ पहलवान विरोध में बैठे हैं। मैं उनसे उनकी समस्या पूछने आया हूं। एक बार जब वे फेडरेशन में आ जाएंगे तो सारे मसले सुलझ जाएंगे। अभी तक मेरे या फेडरेशन के सामने इस तरह का कोई मुद्दा नहीं उठाया गया।
आरोपों पर कुश्ती संघ के अध्यक्ष की सफाई- जब से नए नियम लागू, तब से समस्या
अपने ऊपर लगे आरोपों पर रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, क्या ऐसा कोई खिलाड़ी है जो आकर कह सकता है कि कुश्ती संघ ने उसे प्रताड़ित किया? क्या उन्हें पिछले 10 साल से फेडरेशन से कोई समस्या नहीं थी? ये सारी बातें तब हो रही हैं, जबसे नए नियम लागू किए गए हैं। धरने पर बैठे पहलवानों ने ओलंपिक के बाद से किसी भी राष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया। यौन शोषण की कोई घटना नहीं हुई है। अगर ऐसा कुछ हुआ है तो मैं फांसी लगा लूंगा।
बृजभूषण ने ये भी कहा, मैं विनेश फोगाट से पूछना चाहता हूं कि उन्होंने ओलंपिंक में हार के बाद कंपनी की लोगो वाली ड्रेस क्यों नहीं पहनी थी? उसके मैच हारने के बाद, मैंने केवल उसे प्रोत्साहित और प्रेरित किया था। यौन शोषण का बहुत बड़ा आरोप है। जब मुझे ही इसमें घसीटा गया है तो मैं कैसे कोई कार्रवाई कर सकता हूं? मैं जांच के लिए तैयार हूं।
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