भ्रष्टाचार मामले में मप्र हाउसिंग बोर्ड के तत्कालीन अपर आयुक्त डीके कपूर और उनकी पत्नी को 3 साल की सजा, जानिए क्या है मामला?
The Sootr | Oct 01, 2023, 24:00 IST
भ्रष्टाचार मामले में मप्र हाउसिंग बोर्ड के तत्कालीन अपर आयुक्त डीके कपूर और उनकी पत्नी को 3 साल की सजा, जानिए क्या है मामला?
भ्रष्टाचार मामले में राजधानी की विशेष अदालत ने मप्र हाउसिंग बोर्ड के तत्कालीन अपर आयुक्त डीके कपूर और उनकी पत्नी सरोज कपूर को 3 साल कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
BHOPAL. मप्र हाउसिंग बोर्ड के तत्कालीन अपर आयुक्त डीके कपूर को भोपाल की विशेष कोर्ट ने 3 साल की सजा सुनाई है। उनके साथ उनकी पत्नी सरोज कपूर को भी कोर्ट ने 3 साल कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने डीके पर 87 लाख रुपए और उनकी पत्नी सरोज पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
जेल ना हो, इसलिए जुर्माने के 87 लाख जमा किए
दरअसल भ्रष्टाचार मामले में भोपाल की स्पेशल कोर्ट ने मप्र हाउसिंग बोर्ड के तत्कालीन अपर आयुक्त डीके कपूर और उनकी पत्नी सरोज कपूर को 3 साल की सजा सुनाई है। जज एडीजे राजीव के पाल की कोर्ट ने 30 सितंबर की शाम को ये फैसला सुनाया। जज एडीजे राजीव ने दोनों पर जुर्माना भी लगाया। जेल ना हो इसलिए डीके ने सजा सुनाने के 5 घंटे के अंदर ही जुर्माने के 87 लाख नकद जमा कर दिए। इसलिए जमानत पर रिहा किया जाए। हालांकि रिकॉर्ड में नोटों की एंट्री और आगे की कार्रवाई अभी नहीं हो पाई है। इस मामले में आगे की कार्रवाई 3 अक्टूबर को होगी।
क्या है मामला?
बता दें, संभागीय जनसंपर्क अधिकारी मनोज त्रिपाठी के मुताबिक लोकायुक्त पुलिस ने डीके के खिलाफ 2000 में केस दर्ज किया था। कहा जाता है कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल कर खुद और अपनी पत्नी सरोज के नाम कृष्णा होम्स बिल्डर्स और डेवलपर का रजिस्ट्रेशन किया था।
जेल ना हो, इसलिए जुर्माने के 87 लाख जमा किए
दरअसल भ्रष्टाचार मामले में भोपाल की स्पेशल कोर्ट ने मप्र हाउसिंग बोर्ड के तत्कालीन अपर आयुक्त डीके कपूर और उनकी पत्नी सरोज कपूर को 3 साल की सजा सुनाई है। जज एडीजे राजीव के पाल की कोर्ट ने 30 सितंबर की शाम को ये फैसला सुनाया। जज एडीजे राजीव ने दोनों पर जुर्माना भी लगाया। जेल ना हो इसलिए डीके ने सजा सुनाने के 5 घंटे के अंदर ही जुर्माने के 87 लाख नकद जमा कर दिए। इसलिए जमानत पर रिहा किया जाए। हालांकि रिकॉर्ड में नोटों की एंट्री और आगे की कार्रवाई अभी नहीं हो पाई है। इस मामले में आगे की कार्रवाई 3 अक्टूबर को होगी।
क्या है मामला?
बता दें, संभागीय जनसंपर्क अधिकारी मनोज त्रिपाठी के मुताबिक लोकायुक्त पुलिस ने डीके के खिलाफ 2000 में केस दर्ज किया था। कहा जाता है कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल कर खुद और अपनी पत्नी सरोज के नाम कृष्णा होम्स बिल्डर्स और डेवलपर का रजिस्ट्रेशन किया था।
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