इंदौर, जबलपुर और भोपाल देश के सबसे ज्यादा एक्सीडेंट वाले टॉप टेन शहरों में शामिल, इंदौर चौथे से दूसरे पायदान पर आया

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Pratibha Rana
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इंदौर, जबलपुर और भोपाल देश के सबसे ज्यादा एक्सीडेंट वाले टॉप टेन शहरों में शामिल, इंदौर चौथे से दूसरे पायदान पर आया

संजय गुप्ता@ INDORE.

देश में सफाई और वायु गुणवत्ता में नबंर वन इंदौर अब तेजी से सबसे ज्यादा एक्सीडेंट के मामले में नंबर वन की ओर जा रहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा देश में साल 2022 में हुए एक्सीडेंट को लेकर रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, 10 लाख से अधिक की आबादी वाले शहरों में दिल्ली के बाद इंदौर दूसरे नंबर पर है। 2021 में इंदौर चौथे स्थान पर था। मप्र में ट्रैफिक की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह देश का इकलौता प्रदेश है जहां टॉप टेन में तीन शहर इंदौर, जबलपुर और भोपाल शामिल है। जबलपुर तीसरे और भोपाल छठे पायदान पर है और यह दोनों 2021 में भी इसी स्थिति पर थे। देश में सबसे कम एक्सीडेंट (117) अमृतसर में हुए। सबसे कम मौतें (53) श्रीनगर में दर्ज है।

इंदौर में हुई इतनी मौत

इंदौर में 2022 में हुए 4680 एक्सीडेंट में 264 लोगों की जान गई है, 54 गंभीर तो 2694 घायल हुए। वहीं 2023 में सितंबर तक 2648 एक्सीडेंट रिपोर्ट हो चुके हैं, जिसमें 205 की जान जा चुकी है, 47 गंभीर घायल हुए तो 2050 घायल रिपोर्ट हुए हैं।

दस लाख से आबादी वाले

यह है टॉप टेन एक्सीडेंट वाले शहर

  • दिल्ली- 5652 एक्सीडेंट
  • इंदौर- 4689 एक्सीडेंट
  • जबलपुर- 4046 एक्सीडेंट
  • बेंगलुरू- 3822 एक्सीडेंट
  • चेन्नई- 3452 एक्सीडेंट
  • भोपाल- 3313 एक्सीडेंट
  • मल्लपुरम- 2991 एक्सीडेंट
  • जयपुर -2687 एक्सीडेंट
  • हैदराबाद- 2516 एक्सीडेंट
  • कोच्चि- 2432 एक्सीडेंट

वजह ओवर स्पीड, सीट बेल्ट नहीं लगाना

जानकारों के मुताबिक सबसे बड़ी वजह रफ्तार का कहर है। इस पर पुलिस का कंट्रोल नहीं है। सुबह से रात तक सड़कों पर तेज रफ्तार वाहन दौड़ते हैं, लेकिन एक पर भी कार्रवाई नहीं होती। चार पहिया वाहन चालकों में सीट बेल्ट नहीं लगाने के चलते मौत अधिक होती है। वहीं दो पहिया वाहन चालक के हेलमेट नहीं लगाने के चलते गंभीर घायल होने या मौत होने की आशंका अधिक बढ़ जाती है।

यह जरूरी है एक्सीडेंट रोकने के लिए

1. तेज रफ्तार वाहन चलाने वालों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जरूरत है।

2. सड़क हादसों में मरने वालों में 35 प्रतिशत तक बाहरी स्टूडेंट्स होते हैं। इन पर नियंत्रण जरूरी।

3. ट्रैफिक एजुकेशन नहीं।

4. शहर में 36 फीसदी हादसे निर्माण कार्यों के कारण या डायवर्शन पर सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से होते हैं।

5. नशा करने वालों पर सख्ती न होना। रात में रिंग रोड, बायपास और सुपर कॉरिडोर पर ये गाड़ियां दौड़ाते हैं।

50 शहरों में ही देश के 46 फीसदी एक्सीडेंट दर्ज, 17089 की जान गई

देश में कुल दुर्घटनाओं में पीछे से टक्कर के मामलों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 21.4% रही और यह 2021 के मुकाबले (21.2%) बढ़ी है। 2022 में देश में हर 100 एक्सीडेंट में 36 लोगों की मौत हुई। चंडीगढ़, मप्र, दिल्ली इससे बेहतर रहे। बिहार, पंजाब, झारखंड, यूपी, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान में इस औसत से अधिक मौतें हुईं। रिपोर्ट के मुताबिक, 10 लाख से अधिक आबादी वाले देश के 50 शहरों के 46.37% एक्सीडेंट इन्हीं 10 शहरों में हुए। 2022 में इन 50 शहरों में कुल 76,752 एक्सीडेंट हुए और 17,089 लोगों ने जान गंवाई। दूसरी तरफ, 2020 के मुकाबले इन शहरों में एक्सीडेंट व मौतें बढ़ी हैं। 2020 में इनकी हिस्सेदारी क्रमश: 15.8% और 9.8% थी, जो बढ़कर 16.6% और 10.1% हो गई।

नेशनल हाईवे पर एक्सीडेंट बढ़े, मौतें कम

2022 में नेशनल हाईवे पर एक्सीडेंट की संख्या 17.99%, स्टेट हाईवे पर 10.69% और अन्य रोड पर 8.23% बढ़ी। वहीं 2022 में नेशनल हाईवे पर मौतें 8.98%, स्टेट हाईवे पर 8.03% और अन्य रोड पर 10.73% बढ़ी। नेशनल हाईवे पर सबसे ज्यादा एक्सीडेंट तमिलनाडु में हुए। इसके बाद केरल, यूपी, मप्र, कर्नाटक, महाराष्ट्र का नंबर है।

MP News इंदौर चौथे से दूसरे पायदान पर इंदौर एक्सीडेंट वाले टॉप टेन शहरों में बढ़ रहे है सड़क हादसे from fourth to second position Indore top ten cities with accidents Road accidents are increasing एमपी न्यूज
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