इंदौर में 'नो कार डे' रहा 'बेकार डे' : पिछले 16 दिनों में सबसे ज्यादा रहा वायु प्रदूषण का स्तर, शहर का एक्यूआई 93 अंक रहा
BP Shrivastava | Sept 23, 2023, 24:00 IST
इंदौर में 'नो कार डे' रहा 'बेकार डे' : पिछले 16 दिनों में सबसे ज्यादा रहा वायु प्रदूषण का स्तर, शहर का एक्यूआई 93 अंक रहा
शहर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को और ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए 22 सितंबर को ‘नो कार डे’ मनाया गया, यह नो कार डे असल में 'बेकार डे' साबित हुआ। शहर में 16 दिनों में हवा का स्तर सबसे ज्यादा खराब रहा।।
संजय गुप्ता, INDORE. शहर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को और ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए 22 सितंबर को ‘नो कार डे’ मनाया गया, लेकिन यह नो कार डे असल में 'बेकार डे' साबित हुआ। शहर में पिछले 16 दिनों में कल (22 सितंबर) वायु प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा रहा। वायु प्रदूषण दर्शाने वाला एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 93 अंकों पर पहुंच गया।
22 सितंबर को मनाया गया नो कार डे
शहर की आबोहवा और ट्रैफिक को सुधारने के लिए महापौर ने निर्णय लिया था कि 22 सितंबर को शहर में 'नो कार डे' मनाया जाएगा। इसका सभी सरकारी विभागों के साथ ही निजी संस्थाओं ने भी समर्थन किया और सभी अपनी कारें छोड़ साइकल, बाइक, ई-रिक्शा और सिटी बसों में सफर करते नजर आए। हाईकोर्ट के जजों से लेकर सांसद, महापौर, कलेक्टर सहित सभी अधिकारी भी कार छोड़ सिटी बसों और ई-रिक्शा, ई-बाइक से अपने दफ्तर पहुंचे। आम लोगों ने भी इसमें बढ़चढ़कर हिस्सा लिया, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट ने इसकी हवा निकाल दी।
5 सितंबर के बाद सबसे ज्यादा प्रदूषित दिन रहा 22 सितंबर
मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनवी अलर्ट एप को देखें तो सामने आता है कि कल शहर में एक्यूआई 93 अंकों पर पहुंच गया था। एक्यूआई वायु में मौजूद सूक्ष्म धूल कणों के साथ ही हानिकारक गैसों की मात्रा के आधार पर निकाला जाता है। यह 50 तक अच्छा और 100 तक संतोषजनक माना जाता है, लेकिन पिछले दिनों से तुलना करें तो 5 सितंबर को यह 100 अंकों पर था, इसके बाद से यह लगातार नीचे बना हुआ था। 8 सितंबर को यह 45 अंकों पर और 17 सितंबर को 42 अंकों तक जा पहुंचा था। कल (22 सितंबर) यह 93 अंकों पर पहुंचा। जबकि इसके ठीक एक दिन पहले यानी 21 सितंबर को यह 73 अंकों पर ही था, यानी नो कार डे होने के बाद भी एक ही दिन में वायु प्रदूषण में 20 अंकों की बढ़ोतरी हुई। विशेषज्ञों की मानें तो कुछ दिनों से बारिश के बाद कल मौसम खुला रहने के कारण भी वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी हो सकती है।
104 पर रहा पीएम-10
वायु प्रदूषण का सबसे प्रमुख घटक पीएम-10 यानी वे सूक्ष्म धूल कण जो सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं और बीमारियों का कारण बनते हैं। इनका स्तर भी पूरे दिन 104 अंकों पर रहा, जो अच्छा नहीं माना जाता है। यह बात खुद सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आंकड़े बता रहे हैं।
ऐसे समझें प्रदूषण के स्तर को
22 सितंबर को मनाया गया नो कार डे
शहर की आबोहवा और ट्रैफिक को सुधारने के लिए महापौर ने निर्णय लिया था कि 22 सितंबर को शहर में 'नो कार डे' मनाया जाएगा। इसका सभी सरकारी विभागों के साथ ही निजी संस्थाओं ने भी समर्थन किया और सभी अपनी कारें छोड़ साइकल, बाइक, ई-रिक्शा और सिटी बसों में सफर करते नजर आए। हाईकोर्ट के जजों से लेकर सांसद, महापौर, कलेक्टर सहित सभी अधिकारी भी कार छोड़ सिटी बसों और ई-रिक्शा, ई-बाइक से अपने दफ्तर पहुंचे। आम लोगों ने भी इसमें बढ़चढ़कर हिस्सा लिया, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट ने इसकी हवा निकाल दी।
5 सितंबर के बाद सबसे ज्यादा प्रदूषित दिन रहा 22 सितंबर
मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनवी अलर्ट एप को देखें तो सामने आता है कि कल शहर में एक्यूआई 93 अंकों पर पहुंच गया था। एक्यूआई वायु में मौजूद सूक्ष्म धूल कणों के साथ ही हानिकारक गैसों की मात्रा के आधार पर निकाला जाता है। यह 50 तक अच्छा और 100 तक संतोषजनक माना जाता है, लेकिन पिछले दिनों से तुलना करें तो 5 सितंबर को यह 100 अंकों पर था, इसके बाद से यह लगातार नीचे बना हुआ था। 8 सितंबर को यह 45 अंकों पर और 17 सितंबर को 42 अंकों तक जा पहुंचा था। कल (22 सितंबर) यह 93 अंकों पर पहुंचा। जबकि इसके ठीक एक दिन पहले यानी 21 सितंबर को यह 73 अंकों पर ही था, यानी नो कार डे होने के बाद भी एक ही दिन में वायु प्रदूषण में 20 अंकों की बढ़ोतरी हुई। विशेषज्ञों की मानें तो कुछ दिनों से बारिश के बाद कल मौसम खुला रहने के कारण भी वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी हो सकती है।
104 पर रहा पीएम-10
वायु प्रदूषण का सबसे प्रमुख घटक पीएम-10 यानी वे सूक्ष्म धूल कण जो सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं और बीमारियों का कारण बनते हैं। इनका स्तर भी पूरे दिन 104 अंकों पर रहा, जो अच्छा नहीं माना जाता है। यह बात खुद सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आंकड़े बता रहे हैं।
ऐसे समझें प्रदूषण के स्तर को
- 0 से 50 - अच्छा (गुड)
- 50 से 100 - संतोषजनक (सेटिस्फेक्टरी)
- 101 से 200 - मध्यम (मोडरेट)
- 01 से 300- खराब (पुअर)
- 301 से 400 - बहुत खराब (वेरी पुअर)
- 401 से 500 - अति गंभीर (सीवर)
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