गरीबों की सरकार बनाम उद्योगपतियों की सरकार का नरेटिव सैट कर गई प्रियंका गांधी, गहलोत के अनुभव और पायलट के जोश की बात भी की

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Ujjwal Rai
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गरीबों की सरकार बनाम उद्योगपतियों की सरकार का नरेटिव सैट कर गई प्रियंका गांधी, गहलोत के अनुभव और पायलट के जोश की बात भी की

JAIPUR. राजस्थान के चुनावी रण में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी आज गरीबों की सरकार बनाम उद्योगपतियों की सरकार का नरेटिव सैट कर गई। उन्होंने कहा कि हमारी सरकारें गरीब और आम आदमी के बारे में सोचती हैं और उनका जीवन आसान बनाने के लिए योजनाए लाती है, जबकि बीजेपी की सरकारें सिर्फ अपने उद्योगपति मित्रों के बारे में सोचती है।

प्रियंका गांधी की यह सभा सचिन पायलट का गृह क्षेत्र माने जाने वाले दौसा जिले में थी और यहां उनका जलवा साफ दिख भी रहा था। ऐसे में प्रियंका गांधी ने पार्टी में एकजुटता का संदेश भी दिया और कहा कि हमारे पास एक तरफ अशोक गहलोत जैसे अनुभवी नेता हैं तो दूसरी तरफ सचिन पायलट जैसे युवा नेता है जो भविष्य की ओर देखते हुए आपके लिए मेहनता करते हैं, जबकि बीजेपी के पास तो कोई चेहरा ही नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अपने नाम पर यहां वोट मांग रहे हैं तो उन्होंने बताना चाहिए कि क्या वे यहां सीएम बन कर काम करने आएंगे।

प्रिंयका ने राजस्थान सरकार की गिनाई योजनाएं-

अपने करीब आधे घंटे के भाषण में प्रियंका ने मतदाताओं को उनके जीवन के संघर्षों की बात करते हुए भावनात्मक ढंग से जोड़ने की कोशिश की और राजस्थान सरकार की योजनाएं गिनाते हुए यह बताने का प्रयास किया कि कैसे कांग्रेस की सरकार उनके जीवन के संघषों को आसान बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने महंगाई की बात की और बताया कि कैसे केंद्र सरकार की महंगाई बढ़ने वाली नीतियों के कारण राजस्थान की सरकार को महंगाई राहत कैंप लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने बेरोजगारी की बात कही और कहा कि इतनी बेरोजगारी होने के बावजूद केंद्र सरकार अग्नि वीर जैसी योजनाएं ला रही है और युवाओं के सपनों को तोड़ रही है।

जनता तय करे उसे कैसी राजनीति चाहिए-

प्रियंका गांधी ने एक तरफ जहां कांग्रेस की सरकारों को गरीबों और मध्यम वर्ग की सोच के हिसाब से चलने वाली सरकार बताया वहीं भाजपा को उद्योगपतियों के लिए काम करने वाली सरकार बताते हुए कहा कि भाजपा के नेता सिर्फ अपने अहंकार और स्वार्थ की राजनीति कर रहे हैं। वे 27 हजार करोड के भवन बनवा रहे हैं, हजारों करोड की संसद बनवा रहे हैं, अपने लिए महंगे हवाई जहाज खरीद रहे हैं, लेकिन किसान कर्ज माफी और पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए पैसा नहीं दे रहे। ऐसे में जनता को तय करना है कि उसे कैसी राजनीति चाहिए। जनता का कल्याण सेवा भाव वाली राजनीति से होगा। अहंकार की राजनीति से यह काम नहीं होगा।

बीजेपी की नीति गरीबों से खींचना, उद्योगपतियों को सींचना

प्रियंका ने कहा कि बीजेपी की सरकारों में गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए काम करने की सोच ही नहीं है। इसकी सारी सरकारें सिर्फ उद्योगपतियों के लिए काम करती हैं। इनकी नीति ही यही है कि गरीबों से खींचों और उद्योगपतियों को सींचो।

धर्म को नकार नहीं सकते

कांग्रेस के नेताओं पर अक्सर धर्म को नकारने के आरोप लगते हैं, लेकिन यहां प्रियंका गांधी ने इस नरेटिव को बदलने की कोशिश भी की। सभा की शुरूआत के साथ ही उन्होंने स्थानीय देवी देवताओ के जयकारे लगवाए और फिर क्षेत्र के सबसे बडे़ तीर्थ मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करने की बात कही। इसके साथ ही भाजपा की धर्म की राजनीति पर चोट करते यह भी कहा कि हम धर्म को नकार नहीं सकते। यह हमारे जीवन का हिस्सा है, लेकिन हमेें भाजपा से यह पूछना चाहिए कि वे चुनाव के समय ही धर्म की बात क्यों उठाते हैं? उन्होंने कहा कि भाजपा वाले बातें बडी बडी करते है, लेकिन काम कुछ नहीं करते।

पाटी में एकजुटता का संदेश

इसके साथ ही प्रियंका ने पार्टी में एकजुटता का संदेश भी दिया और कहा कि यहां पूरी पार्टी एकजुट हो कर मंच पर बैठी है और बीजेपी में हर नेता अपने स्वार्थ को देख रहा है। हर कोई सीएम बनना चाहता है। कहीं की ईट कहीं का रोडा भानुमति ने कुनबा जोडा, लेकिन मोदी के अहंकार ने कुनबा तोड़ा वाली स्थिति है, इसीलिए उनका कोई चेहरा नहीं है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि राजस्थान में रिवाज बदलो और जनता के लिए काम करने वालाी सरकार को फिर से मौका दो।

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