विंध्य में कांग्रेस को बड़ा झटका, श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ बीजेपी में शामिल, त्योंथर से हो सकते हैं उम्मीदवार
Rahul Garhwal | Oct 18, 2023, 24:00 IST
विंध्य में कांग्रेस को बड़ा झटका, श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ बीजेपी में शामिल, त्योंथर से हो सकते हैं उम्मीदवार
विंध्य में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ बीजेपी में शामिल हो गए हैं। वे त्योंथर से उम्मीदवार हो सकते हैं।
अरुण तिवारी, BHOPAL. मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले विंध्य में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के पोते सिद्धार्थ तिवारी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के सामने बीजेपी की सदस्यता ली। वहीं पन्ना जिले की गुनौर से कांग्रेस के पूर्व विधायक फुन्देरलाल चौधरी बीजेपी में शामिल हुए।
कांग्रेस से नाराज थे सिद्धार्थ तिवारी
सिद्धार्थ तिवारी कांग्रेस से नाराज चल रहे थे। सिद्धार्थ ने कांग्रेस से त्योंथर से टिकट मांगा था, लेकिन कांग्रेस ने उनको टिकट न देकर रमाशंकर सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाया है। सिद्धार्थ को बीजेपी त्योंथर से अपना उम्मीदवार बना सकती है। कांग्रेस के लिए ये बड़ा झटका माना जा रहा है। साल 2018 के चुनाव में विंध्य में कांग्रेस की स्थिति बहुत कमजोर रही थी। इस बार कांग्रेस ने इस क्षेत्र में बढ़त बनाने की बहुत कोशिश की है।
सिद्धार्थ के पिता भी रहे हैं विधायक
सिद्धार्थ तिवारी के पिता सुंदरलाल तिवारी भी विधायक रहे हैं। उनके निधन के बाद कांग्रेस ने सिद्धार्थ को रीवा से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वे चुनाव हार गए थे। इस बार उन्होंने त्योंथर से टिकट मांगा था। बीजेपी में शामिल होने के मौके पर सिद्धार्थ ने कहा कि उन्होंने 2003 का दौर देखा है और वर्तमान 2023 का दौर भी देख रहे हैं। तब सड़कों पर गड्ढे हुआ करते थे, अब शानदार सड़कें और नेशनल हाइवे सबके सामने हैं। उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया कि वे कहां से चुनाव लड़ने वाले हैं, लेकिन ये माना जा रहा है कि बीजेपी उनको त्योंथर से टिकट देगी। वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस डूबता जहाज है, इसलिए जो अच्छे लोग हैं वे बीजेपी के विकास और विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी में आ रहे हैं।
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ऐसा काम क्यों करते हो की गाली खानी पड़े- सीएम
सीएम शिवराज ने दिग्विजय सिंह और कमलनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में गालियां खाने की पावर ऑफ अटॉर्नी भी दी गई है। कमलनाथ ने खुद खुलासा किया है कि गाली खाने की पावर ऑफ अटॉर्नी उन्होंने दिग्विजय सिंह को दे रखी है जो अभी तक वैलिड है। कमलनाथ ऐसा काम ही क्यों करते हो कि गाली खाना पड़े। अगर गाली खाना पड़े तो खुद ना खाएं, दूसरे को पावर अटॉर्नी दे दें। ऐसे ही सरकार चलाने की पावर ऑफ अटॉर्नी भी दिग्विजय सिंह को ही दे रखी थी। पहले भी बंटाधार हुआ और आज भी बंटाधार ही हो रहा है। जब दिग्विजय ने सरकार चलाई उस समय जो मध्यप्रदेश की दुर्गति हुई वो जनता को पता है। लेकिन अद्भुत है कांग्रेस और धन्य है इसके नेता, जो गालियां खाने की पावर ऑफ अटॉर्नी भी देते हैं।
भ्रष्टाचार की पॉवर ऑफ अटार्नी किसके पास- वीडी
वीडी शर्मा ने कहा कि गाली खाने की पॉवर ऑफ अटॉर्नी दिग्विजय सिंह के पास है तो भ्रष्टाचार की पॉवर आफ अटॉर्नी किसके पास है। वीडी ने कांग्रेस के छिंदवाड़ा के टिकट घोषित करने के मामले में कहा कि क्या नकुलनाथ, सोनिया गांधी और राहुल गांधी से बड़े हो गए हैं जो वे टिकट पहले घोषित करेंगे, तब कांग्रेस घोषित करेगी। वीडी शर्मा ने कहा कि अब दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह का क्या होगा।
कांग्रेस से नाराज थे सिद्धार्थ तिवारी
सिद्धार्थ तिवारी कांग्रेस से नाराज चल रहे थे। सिद्धार्थ ने कांग्रेस से त्योंथर से टिकट मांगा था, लेकिन कांग्रेस ने उनको टिकट न देकर रमाशंकर सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाया है। सिद्धार्थ को बीजेपी त्योंथर से अपना उम्मीदवार बना सकती है। कांग्रेस के लिए ये बड़ा झटका माना जा रहा है। साल 2018 के चुनाव में विंध्य में कांग्रेस की स्थिति बहुत कमजोर रही थी। इस बार कांग्रेस ने इस क्षेत्र में बढ़त बनाने की बहुत कोशिश की है।
सिद्धार्थ के पिता भी रहे हैं विधायक
सिद्धार्थ तिवारी के पिता सुंदरलाल तिवारी भी विधायक रहे हैं। उनके निधन के बाद कांग्रेस ने सिद्धार्थ को रीवा से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वे चुनाव हार गए थे। इस बार उन्होंने त्योंथर से टिकट मांगा था। बीजेपी में शामिल होने के मौके पर सिद्धार्थ ने कहा कि उन्होंने 2003 का दौर देखा है और वर्तमान 2023 का दौर भी देख रहे हैं। तब सड़कों पर गड्ढे हुआ करते थे, अब शानदार सड़कें और नेशनल हाइवे सबके सामने हैं। उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया कि वे कहां से चुनाव लड़ने वाले हैं, लेकिन ये माना जा रहा है कि बीजेपी उनको त्योंथर से टिकट देगी। वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस डूबता जहाज है, इसलिए जो अच्छे लोग हैं वे बीजेपी के विकास और विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी में आ रहे हैं।
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सीएम शिवराज ने दिग्विजय सिंह और कमलनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में गालियां खाने की पावर ऑफ अटॉर्नी भी दी गई है। कमलनाथ ने खुद खुलासा किया है कि गाली खाने की पावर ऑफ अटॉर्नी उन्होंने दिग्विजय सिंह को दे रखी है जो अभी तक वैलिड है। कमलनाथ ऐसा काम ही क्यों करते हो कि गाली खाना पड़े। अगर गाली खाना पड़े तो खुद ना खाएं, दूसरे को पावर अटॉर्नी दे दें। ऐसे ही सरकार चलाने की पावर ऑफ अटॉर्नी भी दिग्विजय सिंह को ही दे रखी थी। पहले भी बंटाधार हुआ और आज भी बंटाधार ही हो रहा है। जब दिग्विजय ने सरकार चलाई उस समय जो मध्यप्रदेश की दुर्गति हुई वो जनता को पता है। लेकिन अद्भुत है कांग्रेस और धन्य है इसके नेता, जो गालियां खाने की पावर ऑफ अटॉर्नी भी देते हैं।
भ्रष्टाचार की पॉवर ऑफ अटार्नी किसके पास- वीडी
वीडी शर्मा ने कहा कि गाली खाने की पॉवर ऑफ अटॉर्नी दिग्विजय सिंह के पास है तो भ्रष्टाचार की पॉवर आफ अटॉर्नी किसके पास है। वीडी ने कांग्रेस के छिंदवाड़ा के टिकट घोषित करने के मामले में कहा कि क्या नकुलनाथ, सोनिया गांधी और राहुल गांधी से बड़े हो गए हैं जो वे टिकट पहले घोषित करेंगे, तब कांग्रेस घोषित करेगी। वीडी शर्मा ने कहा कि अब दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह का क्या होगा।
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