12वीं हिंदी पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था सवालों के कटघरे में

thesootr Desk | Mar 16, 2026, 16:54 IST
12th Grade Hindi Paper Leaked Education System Under Scrutiny
छत्तीसगढ़ में CGBSE 12वीं हिंदी पेपर लीक होने के आरोपों से हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर सवाल वायरल होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ी। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने FIR दर्ज कर पुलिस और साइबर सेल से जांच शुरू कराई है।

NEWS IN SHORT

  • CGBSE 12वीं हिंदी पेपर लीक छात्रों में चिंता का माहौल
  • सोशल मीडिया पर वायरल हुआ प्रश्नपत्र
  • NSUI ने किया CGBSE का घेराव
  • दीपक बैज ने सरकार पर साधा निशाना
  • माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दर्ज कराई FIR

NEWS IN DETAIL

RAIPUR : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा के पेपर लीक होने सेप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गये हैं। 12वीं हिंदी विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा के एक रात पहले लीक हुआ। मिली जानकारी के अनुसार यह दावा किया गया की सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुपों में कुछ सवाल वायरल हुए है।



14 मार्च को आयोजित 12वीं हिंदी विषय की परीक्षा से एक दिन पहले यानी 13 मार्च की देर रात सोशल मीडिया पर पेपर से जुड़े सवाल वायरल होने लगे थे। इस घटना के बाद छात्रों में चर्चा तेज हो गई और परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की।



उन्होंने पुलिस और साइबर सेल में एफआईआर दर्ज कराई और जांच शुरू करा दी। CGBSE की ओर से कहा गया है कि ‘बारहवीं कक्षा के हिंदी विषय के पेपर लीक के आरोपों की जांच की जा रही है। सभी तथ्यों की जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।’



NSUI का CGBSE किया घेराव

इस मामले को लेकर छात्र संगठन NSUI ने भी विरोध जताया। सोमवार को संगठन ने माध्यमिक शिक्षा मंडल का घेराव किया। NSUI ने आरोप लगाया कि परीक्षा में पारदर्शिता को नुकसान पहुंचाया गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। संगठन ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कराई जाए।



सरकार मामले को लेकर गंभीर

सरकार के जनसंपर्क विभाग ने अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट पर इस मामले को लेकर पोस्ट जारी किया। पोस्ट में स्पष्ट किया गया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा पुलिस और साइबर सेल में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। सरकार ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी तरह से जांच कराई जाएगी, ताकि तथ्य सामने आएं और दोषियों को दंडित किया जा सके।



प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने साधा निशाना

छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मामले को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले यह दावा किया था कि यूपीएससी के तर्ज पर परीक्षा कराई जाएगी, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि 12वीं की परीक्षा भी ठीक से आयोजित नहीं कर पा रहे हैं। बैज ने कहा, “पीएससी की परीक्षा की बात छोड़िए, 12वीं की परीक्षा में ही मिलीभगत की संभावना नजर आ रही है।”



छात्रों और अभिभावकों में चिंता

पेपर लीक की खबर के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी चिंता व्याप्त है। कई छात्र परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं और यह मांग कर रहे हैं कि ऐसी घटनाओं की दोबारा पुनरावृत्ति न हो। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में यह भरोसा कमजोर करने वाली घटना है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अनिवार्य है। मामले की जांच में साइबर सेल की भूमिका अहम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म्स पर पेपर लीक की घटनाएं तेजी से फैलती हैं, जिससे समय पर रोक लगाना मुश्किल हो जाता है।



आगे क्या

वर्तमान स्थिति में शिक्षा मंडल और पुलिस की जांच यह तय करेगी कि यह केवल अफवाह थी या पेपर लीक की वास्तविक घटना हुई। वहीं राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों के दबाव के चलते जांच में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।



निष्कर्ष

CGBSE 12वीं हिंदी पेपर लीक मामले ने शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर अब छात्रों और अभिभावकों की निगाहें टिकी हैं। फ़िलहाल माध्यमिक शिक्षा मंडल ने FIR दर्ज करा दी है।




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