दसवीं के बाद 5वीं-8वीं के पेपर लीक, टेलीग्राम पर बिक रहे पेपर, विभाग बेखबर

भोपाल में एक बार फिर पेपर लीक होने की बड़ी खबर सामने आई है। यहां परीक्षा केंद्र पहुंचने से पहले ही बच्चों को संस्कृत का पेपर मिल चुका था। जब एग्जाम सेंटर के असली पेपर और वायरल पेपर को मिलाया गया तो दोनों बिल्कुल एक जैसे पाए गए।

author-image
Aman Vaishnav
New Update
hopal class 8th sanskrit board paper leak

News in Short

  • भोपाल में  पेपर लीक का मामला सामने आया है।

  • परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र बाहर आ गया था।

  • वायरल पेपर और असली पेपर के कोड एक समान मिले हैं।

  • टेलीग्राम चैनलों पर पैसे लेकर पेपर बेचने का आरोप लगा है।

  • कलेक्टर ने मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

News In Short

प्रदेश में 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षाओं (5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षा एमपी) के पेपर लीक होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।  गुरुवार, 26 फरवरी को भोपाल में 8वीं संस्कृत का पेपर परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से पहले ही बाहर आ गया था। जानकारी के अनुसार बच्चों तक प्रश्नपत्र एक दिन पहले ही पहुंच गया था। इसके बाद वही पेपर वॉट्सएप पर भी भेज दिया गया था।

इससे पहले भी हुआ था एक कांड

इससे पहले 17 फरवरी को बुरहानपुर से 10वीं अंग्रेजी के पेपर को लेकर एक मामला सामने आया था। यहां प्राथमिक स्कूल की टीचर राजकुमारी सोनी अपने वॉट्सएप स्टेटस पर अंग्रेजी के पेपर की फोटो पोस्ट कर दी थी। पूछताछ में शिक्षिका ने बताया था कि नकल करवाने के लिए ऐसा किया था।

दोनों पेपर एक जैसे

वायरल पेपर को एग्जाम सेंटर से निकले छात्रों के प्रश्नपत्र से मिलाया गया। सेंटर का कोड और प्रश्नपत्र का कोड एक जैसे पाए गए थे। इससे यह साफ हो गया कि वही प्रश्नपत्र परीक्षा में भी दिया गया था। भोपाल में 8वीं के लिए 263 केंद्र बनाए गए हैं। जहां करीब 34 हजार छात्र परीक्षा दे रहे हैं। 

टेलीग्राम पर पेपर बेचने का आरोप

छात्रों का कहना है कि पेपर उन्हें पहले से मिल गया था। कुछ टेलीग्राम चैनलों पर पैसे लेकर प्रश्नपत्र बेचने का आरोप भी लगाया गया है।

परीक्षा की व्यवस्था पर उठे सवाल

राज्य शिक्षा केंद्र से जो प्रश्नपत्र छपते हैं वो पहले जन शिक्षा केंद्रों को दिए जाते हैं। वहां से वो परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए जाते हैं। हर जन शिक्षा केंद्र में गांवों में 5-6 और शहरी इलाकों में 10-12 परीक्षा केंद्र होते हैं। पेपर लाने का काम केंद्राध्यक्षों पर होता है। इसके अलावा जिलावार कोडिंग की जाती है। फिलहाल नकल करवाने और ड्यूटी पर नहीं पहुंचने वाले शिक्षकों के आरोपों ने परीक्षा की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्कूल शिक्षा विभाग के डीपीसी रवीश श्रीवास्तव का इस मामले में कुछ और ही कहना है। उन्होंने कहा कि भोपाल जिले के 32 जन शिक्षा केंद्रों में प्रश्नपत्र प्रभारी के पास रखे गए थे। पेपर लीक होने की अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई है। सोशल मीडिया पर वायरल पेपर की जांच की जा रही है। लीक की बात सही पाई गई तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

इस मामले में कलेक्टर ने क्या कहा?

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि यह मामला हमारे ध्यान में आया है। डीपीसी और जिला शिक्षा अधिकारी को जांच के लिए कहा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ये खबरें भी पढ़िए...

प्रवेश परीक्षा के लिए अब होगी नई टेस्टिंग एजेंसी, पारदर्शिता और पेपर लीक रोकना होगा मुख्य लक्ष्य

आरआई की परीक्षा में 100 पटवारियों ने खरीदे प्रश्न पत्र, अधिकारी के घर से पेपर लीक

एमपी न्यूज: 10वीं अंग्रेजी का पेपर लीक! शिक्षिका ने पेपर शुरु होते ही व्हाट्सएप पर लगाया स्टेटस

एमपी के एग्जाम सेंटर में 10वीं की नाबालिग छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म, मचा हड़कंप

एमपी न्यूज 5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षा एमपी स्कूल शिक्षा विभाग भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह पेपर लीक
Advertisment