16 करोड़ का इंजेक्शन भी बेअसर, चंदा-मदद मांगकर करवाया था मासूम का इलाज

Kanak Durga Jha | Jan 04, 2025, 13:40 IST
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16 करोड़ की इंजेक्शन भी छयंग को ठीक नहीं कर पाई। यह इंजेक्शन मासूम को मुंबई के नामी अस्पताल में इलाज के दौरान लगाया गया था। इंजेक्शन लगने के दो साल भी मासूम के स्वास्थ्य में कोई असर नहीं पड़ा है।

16 करोड़ की इंजेक्शन भी छयंग को ठीक नहीं कर पाई। यह इंजेक्शन मासूम को मुंबई के नामी अस्पताल में इलाज के दौरान लगाया गया था। इंजेक्शन लगने के दो साल भी मासूम के स्वास्थ्य में कोई असर नहीं पड़ा है। दरअसल, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में रहने वाला नन्हा छयंग एसएमए टाइप 1 (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) बीमारी से पीड़ित है। यह बीमारी दुर्लभ है।



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जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा 4 साल का मासूम

4 साल का एक बच्चा छयंग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। क्योंकि वो दुर्लभ बीमारी से जूझ रहा है। जिससे उसके हाथ-पैर काम नहीं कर रहे। परिवार ने चंदा किया, मदद मांगी और कंपनी के लकी ड्रा के जरिए 16 करोड़ का इंजेक्शन लगवाया, लेकिन उससे ज्यादा फायदा नहीं हुआ। अब वो फिर से पुरानी स्थिति में लौट रहा है।



दरअसल, पुसौर ब्लॉक के पुरंगा गांव का रहने वाला छयंग नायक महज 4 साल का है। जब वह पैदा हुआ तो 6 महीने बाद उसके हाथ-पैर और कमर अचानक काम करना बंद कर दिया। उसके किसान माता-पिता उसे इलाज के लिए कई अस्पताल में ले गए, लेकिन वहां कोई इलाज नहीं मिला।



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ऐसे में छयंग के पिता नरेंद्र नायक और उनकी मां पद्मनी नायक निराश हो गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इस बीमारी के बारे में पूछने पर उन्हें पता चला कि, उसे एसएमए टाइप 1 (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) है। यह एक दुर्लभ बीमारी है।



चंदा- मदद मांगकर छयंग का कराया इलाज

इस बीमारी का पता चलते ही उसके माता-पिता क्राउड फंडिंग से उसका इलाज की कोशिश, लेकिन 3 लाख 39 हजार 304 रुपए ही चंदा जोड़ पाए। इसी बीच दवा कंपनी के लक्की ड्रा में छयंग का नाम निकला। जिसके बाद 17 फरवरी 2022 को 14 महीने की उम्र में 16 करोड़ रुपए का ज्योलगेस्मा इंजेक्शन उसे मुंबई के एक अस्पताल में लगा था।



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क्या है एसएमए टाइप-1 दुर्लभ बीमारी

स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-1 एक दुर्लभ बीमारी है। इससे मांसपेशियां पूरी तरह से कमजोर हो जाती है। हाथ-पैर में मूवमेंट नहीं होता है। इसमें सांस लेने में भी परेशानी होती है। इस बीमारी से शरीर के कई अंग से पूरी तरह शून्य हो जाते हैं।



FAQ

  1. छयंग किस दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है और यह बीमारी किस प्रकार शरीर को प्रभावित करती है?
    छयंग स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है। यह बीमारी मांसपेशियों को कमजोर कर देती है, जिसके कारण शरीर के अंगों में मूवमेंट बंद हो जाता है। इस बीमारी में सांस लेने में भी कठिनाई होती है, और धीरे-धीरे शरीर के कई अंग पूरी तरह से शिथिल हो जाते हैं।
  2. छयंग का इलाज कराने के लिए परिवार ने क्या प्रयास किए, और इंजेक्शन से क्या परिणाम मिला?
    छयंग के माता-पिता ने क्राउड फंडिंग के जरिए 3 लाख 39 हजार 304 रुपए जुटाए और मदद के लिए प्रयास किया। दवा कंपनी के लकी ड्रा के जरिए छयंग को 16 करोड़ रुपए का ज्योलगेस्मा इंजेक्शन मिला, जो 17 फरवरी 2022 को मुंबई के अस्पताल में लगाया गया। हालांकि, दो साल बाद भी इस इंजेक्शन का कोई सकारात्मक असर नहीं दिखा और छयंग की स्थिति फिर से पुरानी हो रही है।
  3. स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 का प्रारंभिक लक्षण क्या होता है और यह बीमारी कैसे पहचानी जाती है?
    स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 का प्रारंभिक लक्षण यह है कि जन्म के कुछ महीनों बाद बच्चे के हाथ-पैर और कमर काम करना बंद कर देते हैं। यह बीमारी मांसपेशियों को प्रभावित करती है और बच्चे में मूवमेंट की कमी दिखाई देती है। बीमारी की पहचान डॉक्टर द्वारा जैविक परीक्षण और शारीरिक लक्षणों के आधार पर की जाती है।

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