सचिवालय के 8 कर्मचारी बने जूनियर सहायक, GAD ने जारी किया प्रमोशन आदेश
सचिवालय में वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर आई है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सचिवालय सेवा के आठ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नत कर कनिष्ठ सचिवालय सहायक बना दिया है। बुधवार को जारी आदेश के साथ ही इन कर्मचारियों को तृतीय श्रेणी लिपिकीय सेवा में पदोन्नति का लाभ मिल गया। हालांकि नई जिम्मेदारी संभालने से पहले उन्हें दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पूरी करनी होगी।
GAD ने जारी किया आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया। आदेश के मुताबिक सचिवालय सेवा के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को तृतीय श्रेणी के कनिष्ठ सचिवालय सहायक पद पर पदोन्नत किया गया है। इस पद के लिए वेतन मैट्रिक्स लेवल-4 (19,500 से 62,000 रुपए) निर्धारित किया गया है।
इन कर्मचारियों को मिला लाभ
सरकार के आदेश में थानसिंह साहू, अनिल यादव, कुलेश्वर नामदेव, सुनीता राजवाड़े, देव प्रसाद, विनीत चंद्रवंशी, पूनम साहू और हीरानन्द साहू के नाम शामिल हैं। लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे इन कर्मचारियों को अब सचिवालय की लिपिकीय सेवा में नई जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिलेगा।
पहले देना होगा ज्वाइनिंग
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी पदोन्नत कर्मचारियों को अपने वर्तमान कार्यालय से विधिवत कार्यमुक्त होकर सामान्य प्रशासन विभाग के कक्ष क्रमांक-8 में उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके बाद ही उनकी पदस्थापना और कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया पूरी होगी।
दस्तावेजों की होगी जांच
नई पदस्थापना से पहले कर्मचारियों को अपने सभी मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इसमें शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, अंकसूची, जाति प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र और हिन्दी मुद्रलेखन परिषद से उत्तीर्ण टाइपिंग परीक्षा का मूल प्रमाण-पत्र शामिल है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
दो साल रहेगी परिवीक्षा
सरकार ने पदोन्नति के साथ दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि भी तय की है। इस दौरान कर्मचारियों के कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा। आदेश में यह भी साफ किया गया है कि इस पदोन्नति के आधार पर किसी प्रकार का अतिरिक्त वरिष्ठता लाभ नहीं मिलेगा। पदोन्नति पूरी तरह नियमानुसार प्रभावी होगी।
राज्यपाल के नाम से जारी आदेश
यह आदेश राज्यपाल के नाम से सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव मनराखन भूआर्य द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर के साथ जारी किया गया है। सचिवालय कर्मचारियों के लिए इसे लंबे समय बाद मिली महत्वपूर्ण प्रशासनिक राहत माना जा रहा है।
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