बिलासपुर नगर निगम में ACB की बड़ी कार्रवाई: संपदा शाखा का कर्मचारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
Harrison Masih | Sept 25, 2026, 17:37 IST
बिलासपुर नगर निगम में रिश्वत लेते कर्मचारी गिरफ्तार
बिलासपुर नगर निगम में ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संपदा शाखा के कर्मचारी लक्ष्मीकांत कोका को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। मकान नवीनीकरण से जुड़े काम के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत पर ट्रैप की कार्रवाई की गई। खास बात रही कि कार्रवाई के वक्त नगर निगम में सामान्य सभा की बैठक चल रही थी।
बिलासपुर नगर निगम में शुक्रवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। ACB की टीम ने नगर निगम की संपदा शाखा में पदस्थ कर्मचारी लक्ष्मीकांत कोका को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोप है कि कर्मचारी ने मकान नवीनीकरण से जुड़े काम को आगे बढ़ाने के एवज में शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले शिकायत की पुष्टि की। सत्यापन में रिश्वत मांगने की बात सामने आने के बाद टीम ने ट्रैप की योजना तैयार की। इसके बाद शुक्रवार को नगर निगम कार्यालय में कार्रवाई की गई। जिस समय ACB की टीम ने कर्मचारी को पकड़ा, उस वक्त नगर निगम में सामान्य सभा की बैठक चल रही थी।
मिली जानकारी के मुताबिक, राजकिशोर नगर निवासी शिकायतकर्ता अपने मकान के नवीनीकरण से संबंधित काम के सिलसिले में नगर निगम कार्यालय पहुंचा था। आरोप है कि इसी काम को आगे बढ़ाने और प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में संपदा शाखा में पदस्थ कर्मचारी लक्ष्मीकांत कोका ने उससे 10 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की।
शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय मामले की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। शिकायत मिलने के बाद ACB अधिकारियों ने पहले पूरे मामले का सत्यापन कराया। शिकायत में रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद कर्मचारी को पकड़ने के लिए ट्रैप की कार्रवाई तय की गई।
ACB की टीम ने कार्रवाई से पहले शिकायतकर्ता से मिली जानकारी के आधार पर मामले की जांच की। इसके बाद टीम ने शिकायतकर्ता को तय प्रक्रिया के तहत रिश्वत की रकम के साथ नगर निगम कार्यालय भेजा।
शुक्रवार को जैसे ही कर्मचारी ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपए लिए, मौके पर मौजूद ACB की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद की और आरोपी कर्मचारी से पूछताछ शुरू कर दी।
नगर निगम कार्यालय में जिस समय ACB की कार्रवाई हुई, उस समय सामान्य सभा की बैठक चल रही थी। अचानक ACB टीम के पहुंचने और कर्मचारी के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई किए जाने से निगम कार्यालय में हलचल बढ़ गई।
कार्रवाई के बाद ACB की टीम आरोपी कर्मचारी को अपने साथ ले गई और उससे मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है।
यह पूरा मामला नगर निगम की संपदा शाखा से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का काम मकान नवीनीकरण से संबंधित बताया जा रहा है। आरोप है कि इसी काम की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कर्मचारी ने रिश्वत की मांग की थी।
ACB अब यह भी जांच कर रही है कि रिश्वत की मांग केवल आरोपी कर्मचारी तक सीमित थी या इस मामले में किसी अन्य अधिकारी अथवा कर्मचारी की भी भूमिका है।
फिलहाल ACB की कार्रवाई पूरी होने के बाद आरोपी कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को भी जुटा रही है।
ACB की इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी के खिलाफ चल रही कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, मामले में आरोपी कर्मचारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले शिकायत की पुष्टि की। सत्यापन में रिश्वत मांगने की बात सामने आने के बाद टीम ने ट्रैप की योजना तैयार की। इसके बाद शुक्रवार को नगर निगम कार्यालय में कार्रवाई की गई। जिस समय ACB की टीम ने कर्मचारी को पकड़ा, उस वक्त नगर निगम में सामान्य सभा की बैठक चल रही थी।
मकान नवीनीकरण के काम के बदले मांगे 10 हजार
शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय मामले की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। शिकायत मिलने के बाद ACB अधिकारियों ने पहले पूरे मामले का सत्यापन कराया। शिकायत में रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद कर्मचारी को पकड़ने के लिए ट्रैप की कार्रवाई तय की गई।
शिकायत के सत्यापन के बाद बनाई गई ट्रैप की योजना
शुक्रवार को जैसे ही कर्मचारी ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपए लिए, मौके पर मौजूद ACB की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद की और आरोपी कर्मचारी से पूछताछ शुरू कर दी।
सामान्य सभा की बैठक के बीच पहुंची ACB टीम
कार्रवाई के बाद ACB की टीम आरोपी कर्मचारी को अपने साथ ले गई और उससे मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है।
संपदा शाखा से जुड़ा है मामला
ACB अब यह भी जांच कर रही है कि रिश्वत की मांग केवल आरोपी कर्मचारी तक सीमित थी या इस मामले में किसी अन्य अधिकारी अथवा कर्मचारी की भी भूमिका है।
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
ACB की इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी के खिलाफ चल रही कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है। हालांकि, मामले में आरोपी कर्मचारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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