छत्तीसगढ़ एल्डरमैन नियुक्ति : 700 से अधिक पदों पर भर्ती जल्द

Umeshwari Baghel | Jun 03, 2026, 14:54 IST
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छत्तीसगढ़ के 194 नगरीय निकायों में करीब 700 एल्डरमैन नियुक्त होंगे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रक्रिया तेजी से चल रही है। पहले नगर निगम और बड़ी नगर पालिकाओं में सूची जारी होगी। यह पद राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

Raipur : छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों के प्रशासनिक ढांचे में एक बार फिर बदलाव की उम्मीद जगी है। प्रदेश के 194 नगरीय निकायों में लंबे समय से खाली पड़े एल्डरमैन, जिन्हें मनोनीत पार्षद भी कहा जाता है, के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया अब फिर से सक्रिय हो गई है।



उपमुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने हाल ही में यह संकेत दिया कि एल्डरमैनों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो रही है और जल्द ही सूची जारी हो सकती है। यह बयान भाजपा संगठन और कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की तरह आया है, क्योंकि ढाई साल से यह प्रक्रिया रुकी हुई थी और कई कार्यकर्ता इस नियुक्ति का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।



ढाई साल बाद सक्रिय हुई नियुक्ति प्रक्रिया

प्रदेश में भाजपा सरकार के गठन को ढाई वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन नगरीय निकायों में मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति अब तक नहीं हो पाई थी। पारंपरिक तौर पर यह माना जाता रहा है कि सरकार बनने के शुरुआती छह माह के भीतर ही एल्डरमैनों की नियुक्ति कर दी जाती थी।



इससे पहले कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को यह पद मिलने की उम्मीद रहती थी। लेकिन इस बार लगातार देरी ने उम्मीदों को कमजोर कर दिया था। कई भाजपा पदाधिकारी और स्थानीय कार्यकर्ता इस नियुक्ति को लेकर निराश हो चुके थे, क्योंकि उन्होंने समझ लिया था



कि इस बार सरकार एल्डरमैन नियुक्त नहीं करेगी। हालांकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव के हालिया बयान ने स्थिति को बदल दिया है और सरकार ने अब इस प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया है।



प्रदेशभर में 700 से अधिक एल्डरमैनों की संभावना

छत्तीसगढ़ में कुल 194 नगरीय निकाय हैं, जिनमें नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत शामिल हैं। नगरीय निकाय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, नगर निगमों में अधिकतम दस और नगर पालिका परिषद तथा नगर पंचायतों में निर्धारित संख्या के अनुसार एल्डरमैन नियुक्त किए जा सकते हैं।



इसके आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रदेश में लगभग 700 से अधिक एल्डरमैन पदों पर नियुक्ति की जा सकती है। इस बड़ी संख्या में नियुक्ति न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भाजपा संगठन के लिए भी यह राजनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।



भाजपा कार्यकर्ताओं की बढ़ती उम्मीदें

भाजपा के कई वरिष्ठ और जमीनी स्तर के कार्यकर्ता लंबे समय से एल्डरमैनों की सूची का इंतजार कर रहे थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नियुक्ति संगठन के उन कार्यकर्ताओं के लिए सम्मान का माध्यम भी बनेगी जिन्होंने चुनावों और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई है।



ऐसे कार्यकर्ताओं की भूमिका पार्टी के मजबूत होने में निर्णायक होती है, और उनके लिए यह पद सम्मान और पहचान का प्रतीक माना जाता है। इस कदम से कार्यकर्ताओं में उत्साह और संगठन में नई ऊर्जा का संचार होगा।



नगर निगमों से शुरू हो सकती प्रक्रिया

सूत्रों के अनुसार, सरकार पहले चरण में नगर निगमों और बड़ी नगर पालिकाओं में एल्डरमैनों की नियुक्ति कर सकती है। इसके बाद नगर पंचायतों में सूची जारी होने की संभावना है। पिछले कुछ महीनों से नगरीय प्रशासन विभाग के स्तर पर नामों पर विचार-विमर्श चल रहा था। इस दौरान कई नाम सामने आए और समीक्षा की गई, लेकिन अंतिम निर्णय अभी तक नहीं लिया जा सका था। उपमुख्यमंत्री अरुण साव के हालिया बयान ने इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में गति दी है।



राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व

एल्डरमैन का पद राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्हें परिषद की बैठकों में भाग लेने और विभिन्न समितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलता है। यद्यपि एल्डरमैन को मतदान का अधिकार नहीं होता, लेकिन उनके पास स्थानीय विकास योजनाओं और नीतिगत निर्णयों में सक्रिय भागीदारी होती है।



यह पद न केवल पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने में मदद करता है, बल्कि कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संगठन में मान्यता और पहचान भी देता है। राजनीतिक दृष्टि से यह पद पार्टी के लिए रणनीतिक रूप से अहम होता है क्योंकि यह कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और समर्पण को पुरस्कृत करता है।



नियुक्ति का प्रशासनिक ढांचा

नगरीय निकायों में एल्डरमैन नियुक्ति की प्रक्रिया बहुत संगठित और विधिपरक होती है। यह नियुक्ति स्थानीय प्रशासन और सरकार द्वारा नियमों के अनुरूप की जाती है। नगर निगमों में अधिकतम दस एल्डरमैन नियुक्त किए जा सकते हैं और अन्य निकायों में अधिनियम में निर्धारित संख्या के अनुसार पद भरे जाते हैं। इस प्रक्रिया में विभिन्न स्तरों के अधिकारियों की सलाह और समीक्षा शामिल होती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि नियुक्ति निष्पक्ष और योग्य उम्मीदवारों को मिले।



भविष्य की संभावनाएँ और राजनीतिक अवसर

एल्डरमैन नियुक्ति न केवल प्रशासनिक सुधार को गति देती है, बल्कि भाजपा संगठन के लिए राजनीतिक अवसर भी प्रस्तुत करती है। यह नियुक्ति उन कार्यकर्ताओं को सम्मान देने का अवसर बनती है जिन्होंने संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई है। इसके साथ ही यह स्थानीय विकास परियोजनाओं और नीतिगत निर्णयों में एल्डरमैन की भागीदारी को सुनिश्चित करती है। इससे संगठन में संतुलन और स्थिरता बनी रहती है, और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होता है।



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फैक्ट फाइल

प्रदेश में कुल नगरीय निकायों की संख्या 194 है। अनुमानित मनोनीत पार्षद (एल्डरमैन) 700 से अधिक होंगे। सबसे पहले नगर निगम और बड़ी नगर पालिकाओं में नियुक्ति की संभावना है। इस प्रक्रिया में ढाई साल की लंबित अवधि को पूरा किया जा रहा है। यह नियुक्ति न केवल प्रशासनिक दृष्टि से आवश्यक है, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है।



छत्तीसगढ़ में एल्डरमैन नियुक्ति की यह प्रक्रिया राज्य के नगरीय प्रशासन को सुदृढ़ करेगी और भाजपा संगठन के लिए कार्यकर्ताओं को सम्मान देने का अवसर भी प्रदान करेगी। इस नियुक्ति से संगठन की स्थिरता, प्रशासनिक दक्षता और राजनीतिक मजबूती सभी सुनिश्चित होंगी।



FAQ

  1. एल्डरमैन क्या होता है?
    एल्डरमैन नगरीय निकाय में मनोनीत पार्षद होता है जो परिषद की बैठकों और समितियों में भाग लेता है, लेकिन मतदान का अधिकार नहीं होता।
  2. छत्तीसगढ़ में कितने एल्डरमैन नियुक्त होने हैं?
    प्रदेशभर में लगभग 700 से अधिक एल्डरमैन पदों पर नियुक्ति होने की संभावना है।
  3. नियुक्ति प्रक्रिया कब शुरू होगी?
    सरकार ने कहा है कि प्रक्रिया तेजी से चल रही है और जल्द ही पहली सूची नगर निगम और बड़ी नगर पालिकाओं के लिए जारी होगी।'
  4. किन निकायों में पहले नियुक्ति होगी?
    पहले चरण में नगर निगम और बड़ी नगर पालिकाओं में एल्डरमैनों की नियुक्ति की संभावना है, इसके बाद नगर पंचायतों की सूची जारी होगी।

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