डिप्टी सीएम अरुण साव बने सारथी, बैलगाड़ी में निकली बीजेपी विधायक दीपेश साहू की बारात

Harrison Masih | Jun 01, 2026, 16:36 IST
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बेमेतरा में भाजपा विधायक दीपेश साहू की शादी सादगी और परंपरा के कारण चर्चा में है। शादी का सबसे आकर्षक दृश्य तब देखने को मिला जब उप मुख्यमंत्री अरुण साव खुद बैलगाड़ी के सारथी बने और विधायक की बारात लेकर विवाह स्थल पहुंचे।

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में रविवार को एक अनोखा विवाह समारोह देखने को मिला। बेमेतरा से भाजपा विधायक दीपेश साहू ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी रचाई। इस शादी की सबसे खास बात यह रही कि विधायक की बारात बैलगाड़ी में निकली और उस बैलगाड़ी की कमान खुद प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने संभाली।

ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक लोकधुनों के बीच जब दूल्हा बने विधायक दीपेश साहू बैलगाड़ी में सवार होकर विवाह स्थल की ओर रवाना हुए, तब बैलगाड़ी के सारथी के रूप में डिप्टी सीएम अरुण साव नजर आए। यह दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़कों और कार्यक्रम स्थल पर जुटे रहे। पूरे आयोजन के दौरान ग्रामीण संस्कृति और सादगी की झलक देखने को मिली।

डिप्टी सीएम ने संभाली बैलगाड़ी की लगाम

राजधानी रायपुर से विशेष रूप से बेमेतरा पहुंचे उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैलगाड़ी चलाकर बारात की अगुवाई की। उनके इस अंदाज ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। आमतौर पर वीआईपी कार्यक्रमों में सरकारी वाहनों और कड़े सुरक्षा घेरे के बीच नजर आने वाले डिप्टी सीएम इस बार ग्रामीण परिवेश में बैलगाड़ी हांकते दिखाई दिए।

बारात में शामिल लोगों ने इस दृश्य को मोबाइल कैमरों में कैद किया। सोशल मीडिया पर भी बैलगाड़ी चलाते अरुण साव और उसमें बैठे विधायक दीपेश साहू की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।

सामूहिक विवाह सम्मेलन में लिए सात फेरे

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित इस सामूहिक विवाह सम्मेलन में 20 से अधिक जोड़ों ने एक साथ सात फेरे लिए। सभी दूल्हे पहले ई-रिक्शा के जरिए सर्किट हाउस पहुंचे, जिसके बाद पारंपरिक तरीके से बैलगाड़ियों में बारात निकाली गई। समारोह में परी डांस सहित स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

सादगीपूर्ण विवाह का दिया संदेश

विधायक दीपेश साहू ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज को सादगीपूर्ण विवाह का संदेश देना है। उन्होंने कहा कि आजकल शादियों में दिखावा और अनावश्यक खर्च तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई परिवार आर्थिक दबाव में आ जाते हैं। ऐसे में सामूहिक विवाह सम्मेलन सामाजिक समरसता और आर्थिक बचत का बेहतर माध्यम है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि वे अपने पास नहीं रखेंगे, बल्कि उसे मेधावी छात्राओं की शिक्षा पर खर्च करेंगे।

बीपीएल परिवार की बेटी हैं दुल्हन

विधायक दीपेश साहू ने बीपीएल परिवार से आने वाली तरुणा साहू के साथ विवाह किया। तरुणा मूल रूप से दुर्ग जिले के बिरोदा गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने एमए तक शिक्षा प्राप्त की है। उनके पिता देवनारायण साहू पेशे से ड्राइवर हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। वर्तमान में उनका परिवार बेमेतरा में निवास करता है।

शिक्षक से विधायक तक का सफर

बीजेपी विधायक दीपेश साहू करीब दस वर्षों तक सरकारी स्कूल में शिक्षक रहे। बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। भाजपा में विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाने के बाद वे पहली बार बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए हैं।

लोगों ने की पहल की सराहना

विधायक की इस सादगीपूर्ण शादी को लेकर लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। समारोह में पहुंचे लोगों का कहना था कि जनप्रतिनिधियों द्वारा ऐसे उदाहरण समाज को सकारात्मक संदेश देते हैं। खासतौर पर डिप्टी सीएम अरुण साव का बैलगाड़ी चलाकर बारात की अगुवाई करना और विधायक का सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी करना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। इससे सादगी, सामाजिक समानता और परंपराओं के सम्मान का संदेश गया है।

FAQ

  1. किस विधायक ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत शादी की है?
    छत्तीसगढ़ के बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक दीपेश साहू ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में तरुणा साहू के साथ शादी की। उनकी सादगीपूर्ण शादी और उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा बैलगाड़ी चलाकर बारात निकालने की काफी चर्चा हो रही है।
  2. विधायक दीपेश साहू की शादी चर्चा में क्यों है?
    यह शादी सादगी, सामूहिक विवाह सम्मेलन में भागीदारी और उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा बैलगाड़ी चलाकर बारात निकालने के कारण चर्चा में है। विधायक ने विवाह योजना से मिलने वाली राशि को मेधावी छात्राओं की शिक्षा के लिए दान करने की भी घोषणा की है।
  3. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना क्या है?
    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना राज्य सरकार की एक सामाजिक सहायता योजना है, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जाते हैं। योजना के माध्यम से नवविवाहित जोड़ों को आर्थिक सहायता और आवश्यक गृहस्थी सामग्री उपलब्ध कराई जाती है, ताकि विवाह का खर्च कम हो और सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा मिल सके।

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