Raipur. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उपमुख्यमंत्री अरुण साव को लेकर की गई टिप्पणी पर अब साहू समाज खुलकर विरोध में उतर आया है। साहू समाज ने इसे समाज के गौरव का अपमान बताते हुए राज्यभर में आंदोलन की चेतावनी दी है।
साहू समाज ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस अधीक्षकों (SP) को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके लिए समाज की ओर से सभी जिलाध्यक्षों को पत्र जारी कर दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।
10 दिन में माफी नहीं तो आंदोलन
छत्तीसगढ़ साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष नीरेन्द्र साहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भूपेश बघेल को 10 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी। यदि वे अपना बयान वापस नहीं लेते हैं, तो साहू समाज प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
नीरेन्द्र साहू ने यह भी घोषणा की कि इस पूरे मामले को लेकर 5 जनवरी को साहू समाज की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति का ऐलान किया जाएगा।
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क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, 29 दिसंबर 2025 को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बिलासपुर के लिंगियाडीह क्षेत्र पहुंचे थे। वहां वे बस्ती उजाड़ने के विरोध में पिछले 37 दिनों से चल रहे आंदोलन के समर्थन में पहुंचे थे।
इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव पर तीखा हमला बोला। छत्तीसगढ़ी भाषा में तंज कसते हुए भूपेश बघेल ने कहा- “जंगल के सभी राजा मन मिलकर बेंदरा ल राजा बना दिन।”
इसी बयान को उपमुख्यमंत्री अरुण साव की तुलना बंदर से जोड़कर देखा गया, जिसके बाद साहू समाज ने कड़ी आपत्ति जताई।
साहू समाज का आरोप
साहू समाज का कहना है कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव पूरे समाज का गौरव हैं और उनके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाज ने इसे न केवल व्यक्तिगत टिप्पणी बल्कि पूरे साहू समाज का अपमान बताया है।
प्रदेश अध्यक्ष नीरेन्द्र साहू ने कहा कि इस तरह के बयान से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और राजनीतिक बयानबाजी की आड़ में किसी समाज विशेष को अपमानित नहीं किया जा सकता।
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लिंगियाडीह दौरे में अन्य नेताओं पर भी हमला
लिंगियाडीह में दिए गए बयान के दौरान भूपेश बघेल ने केवल अरुण साव ही नहीं, बल्कि विधायक अमर अग्रवाल और अन्य भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधा था।
उन्होंने कहा था कि- विधायक अमर अग्रवाल अब घर से निकलना बंद कर चुके हैं, मंत्री नहीं बनाए जाने के बाद वे “संतरी” बन गए हैं, उन्हें अब कुर्सी तक नहीं मिलती। अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक की भी यही स्थिति है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव के किसी भी विभाग में कोई काम नहीं हो रहा। इन बयानों के बाद से ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में विरोध तेज हो गया है।
प्रदेशभर में ज्ञापन सौंपने की तैयारी
साहू समाज ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे को केवल बयान तक सीमित नहीं रखेगा। सभी जिलों में SP को ज्ञापन सौंपकर कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की जाएगी।
समाज का कहना है कि यदि समय रहते माफी नहीं मांगी गई, तो आंदोलन की जिम्मेदारी स्वयं भूपेश बघेल की होगी।
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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपमुख्यमंत्री अरुण साव पर की गई टिप्पणी को लेकर साहू समाज ने कड़ा विरोध जताया है। समाज ने 10 दिनों में माफी की मांग करते हुए सभी जिलों में SP को ज्ञापन सौंपने और आंदोलन की चेतावनी दी है।
Raipur. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उपमुख्यमंत्री अरुण साव को लेकर की गई टिप्पणी पर अब साहू समाज खुलकर विरोध में उतर आया है। साहू समाज ने इसे समाज के गौरव का अपमान बताते हुए राज्यभर में आंदोलन की चेतावनी दी है।
साहू समाज ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस अधीक्षकों (SP) को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके लिए समाज की ओर से सभी जिलाध्यक्षों को पत्र जारी कर दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।
10 दिन में माफी नहीं तो आंदोलन
छत्तीसगढ़ साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष नीरेन्द्र साहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भूपेश बघेल को 10 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी। यदि वे अपना बयान वापस नहीं लेते हैं, तो साहू समाज प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
नीरेन्द्र साहू ने यह भी घोषणा की कि इस पूरे मामले को लेकर 5 जनवरी को साहू समाज की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति का ऐलान किया जाएगा।
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इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव पर तीखा हमला बोला। छत्तीसगढ़ी भाषा में तंज कसते हुए भूपेश बघेल ने कहा- “जंगल के सभी राजा मन मिलकर बेंदरा ल राजा बना दिन।”
इसी बयान को उपमुख्यमंत्री अरुण साव की तुलना बंदर से जोड़कर देखा गया, जिसके बाद साहू समाज ने कड़ी आपत्ति जताई।
साहू समाज का आरोप
साहू समाज का कहना है कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव पूरे समाज का गौरव हैं और उनके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समाज ने इसे न केवल व्यक्तिगत टिप्पणी बल्कि पूरे साहू समाज का अपमान बताया है।
प्रदेश अध्यक्ष नीरेन्द्र साहू ने कहा कि इस तरह के बयान से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और राजनीतिक बयानबाजी की आड़ में किसी समाज विशेष को अपमानित नहीं किया जा सकता।
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साहू समाज ने साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे को केवल बयान तक सीमित नहीं रखेगा। सभी जिलों में SP को ज्ञापन सौंपकर कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की जाएगी।
समाज का कहना है कि यदि समय रहते माफी नहीं मांगी गई, तो आंदोलन की जिम्मेदारी स्वयं भूपेश बघेल की होगी।