अंबिकापुर मेयर पर रिश्वत लेने के आरोप, भाजपा जिलाध्यक्ष का नाम भी चर्चा में
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक कथित ऑडियो वायरल होने के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। वायरल ऑडियो में नगर निगम की मेयर मंजूषा भगत पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए जा रहे हैं। ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। हालांकि, द सूत्र इस वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है। इधर मेयर मंजूषा भगत ने रोते हुए शिकायत करने की बात कही है।
मेला अनुमति को लेकर बताई जा रही बातचीत
अंबिकापुर में कलाकेंद्र मैदान में हर साल मीना बाजार का आयोजन किया जाता है। इस मेले का संचालन के लिए टेंडर होता है। कई बार अनुराग मिश्रा को ही काम मिलता है। लेकिन इसके बाद ये वर्क ऑर्डर दूसरे को मिलने वाला है। वायरल ऑडियो में अनुराग मिश्रा और मेयर मंजूषा भगत के बीच बातचीत से अंदाजा लगाया जा रहा है कि अनुराग मिश्रा ने काम लेने के लिए मेयर को पैसे दे दिए थे। जिसे वे वापस मांग रहे हैं।
पहले पैसे दिए, फिर भी नहीं मिला काम
कथित ऑडियो में अनुराग मिश्रा यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि प्रस्ताव पास कराने के लिए उन्होंने पहले ही 3 लाख रुपए दिए थे। इसके बावजूद उन्हें कलाकेंद्र मैदान में मेला लगाने की अनुमति नहीं मिली। काम नहीं होने पर वे अपने पैसे वापस मांगते सुनाई दे रहे हैं। इसी दौरान दूसरी ओर से जवाब देने वाली महिला की आवाज को मेयर मंजूषा भगत की आवाज बताया जा रहा है।
घर में फोन कर दे रही हूं, वहां से ले लो
वायरल ऑडियो में कथित तौर पर महिला की आवाज यह कहती सुनाई दे रही है कि वह किसी कार्यक्रम में हैं। घर में फोन कर रही हैं। वहां से पैसे ले लिए जाएं। इस बातचीत को लेकर सोशल मीडिया में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष का नाम भी आया सामने
मामले में एक और कथित ऑडियो सामने आने का दावा किया जा रहा है। इसमें भाजपा जिलाध्यक्ष भरत सिंह सिसोदिया और अनुराग मिश्रा के बीच बातचीत होने की बात कही जा रही है। ऑडियो में मेला लगाने की अनुमति के बदले पैसे की मांग की चर्चा होने का दावा किया जा रहा है।
लेन-देन की तारीख तय होने का दावा
कथित बातचीत में अनुराग मिश्रा मशीन में तकनीकी दिक्कत होने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं। इसके बाद अगले दिन लेन-देन करने की सहमति बनने का दावा किया जा रहा है। यह ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। इसकी भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रकम को लेकर भी हो रही चर्चा
सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि मेला अनुमति के नाम पर कथित तौर पर लाखों रुपए का लेन-देन हुआ। वायरल दावों के अनुसार भाजपा जिलाध्यक्ष को 3 लाख रुपए और मेयर को 1 लाख रुपए दिए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या बोलीं मेयर
विपक्ष और जनता की निगाहें जांच पर
ऑडियो वायरल होने के बाद नगर निगम और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि मामले की जांच होती है या नहीं। यदि जांच होती है तो ऑडियो की वास्तविकता सामने आ सकेगी। फिलहाल आरोप, दावे और वायरल ऑडियो ही चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।
FAQ
- अंबिकापुर वायरल ऑडियो मामला क्या है?
यह मामला कथित ऑडियो से जुड़ा है, जिसमें नगर निगम मेयर मंजूषा भगत पर मेला टेंडर और अनुमति से जुड़े लेन-देन के आरोप लगाए जा रहे हैं। - मेयर मंजूषा ने रिश्वत के आरोपों पर क्या कहा?
मेयर मंजूषा भगत ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।
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