अमिताभ बच्चन और शाहरुख डांस करने के लिए चार्ज करते हैं 5 करोड़ रुपए, छत्तीसगढ़ में 8 करोड़ में हुआ आदिवासी नृत्य
Arun Tiwari | Jul 15, 2024, 20:30 IST
amitabh bachchan shahrukh chhattisgarh tribal dance news the sootr
छत्तीसगढ़ में साल 2022 में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन हुआ। इस आयोजन के लिए उस समय की कांग्रेस सरकार ने एक इवेंट कंपनी को करीब 8 करोड़ रुपए का भुगतान किया।
रायपुर. छत्तीसगढ़ में पिछले पांच साल में अजब_गजब कारनामे हुए हैं। ऐसा ही एक कारनामा हम आपको बताते हैं। जरा सोचिए कि किसी इवेंट में परफॉर्म करने के लिए अमिताभ बच्चन,शाहरुख खान या सलमान खान जैसे फिल्मी सुपर स्टार कितना चार्ज करते होंगे। द सूत्र ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि किसी इवेंट में डांस परफॉर्म करने के लिए ये फिल्मी सितारे 5 से 7 करोड़ रुपए लेते हैं 30 से 40 मिनट के।
छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के नृत्य पर सरकार ने 8 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर दिए। यह पैसा नृत्य करने वाले आदिवासियों को नहीं, बल्कि एक इवेंट कंपनी को दिया गया। ये कंपनी भी कांग्रेस की चहेती कंपनी थी।
पारंपरिक लोक कला को आगे बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ में साल 2022 में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन हुआ। इस आयोजन में शामिल होने के लिए देश भर के आदिवासी कलाकारों की मंडलियों को बुलाया गया। इस इवेंट का काम कांग्रेस सरकार ने अपनी चहेती कंपनी को सौंपा। ये कंपनी है दिल्ली की स्प्रिंग बाक्स फिल्म प्रायवेट लिमिटेड।
इस एजेंसी को आदिवासियों का नृत्य आयोजित कराने के लिए सरकार ने पूरे 8 करोड़ 8 लाख 80 हजार 663 रुपयों का भुगतान किया। अब सवाल ये उठता है कि अपनी लोक कला का नृत्य के जरिए प्रदर्शन आदिवासी कलाकारों ने किया और मोटा पैसा मिला एजेंसी को, ये तो बड़ी नाइंसाफी है।
सवाल ये भी है कि आखिर इन आदिवासी कलाकारों की जेब में कितना पैसा गया। जरा आप ही अंदाजा लगाइए। यानी अमिताभ बच्चन,शाहरुख खान जैसे फिल्मी सितारे जितनी कमाई अपने डांस परफॉर्म में नहीं करते हैं उससे ज्यादा पैसा तो स्प्रिंग बाक्स ने आदिवासियों को नचवाकर कमा लिया।
अब इस एजेंसी की कमाई का एक और इवेंट बताते हैं। जब सरकार मेहरबान होगी तो लक्ष्मी भी छप्पड़ फाड़ कर आएगी। साल 2022 में ही राम वन गमन पथ के तहत हुए कुछ विकास कार्यों का सरकार ने लोकार्पण समारोह आयोजित किया। यह समारोह शिबरीनारायण में हुआ।
शिबरीनारायण वो स्थान है जहां पर भगवान श्रीराम ने शिबरी के हाथों जूठे बेर खाए थे। इस काम का जिम्मा भी स्प्रिंग बाक्स प्रायवेट लिमिटेड एजेंसी को ही मिला। सरकारी बड़े कार्यक्रमों में आमतौर 40_50 लाख रुपए का खर्च दिखाया जाता है हालांकि असली लागत कुछ और ही होती है। लेकिन यहां भी सरकार ने इस एजेंसी को दिल खोलकर पैसा दिया।
सरकार ने स्प्रिंग बॉक्स को 4 करोड़ 69 लाख 55 हजार 273 रुपए का पेमेंट किया। यानी एक साल में इस एजेंसी ने महज दो इवेंट कर सरकार से 13 करोड़ रुपए कमा लिए।
आइए अब आपको बताते हैं कि इस कंपनी के कर्ताधर्ता आखिर कौन हैं जिन पर कांग्रेस सरकार इतनी मेहरबान रही। इस कंपनी का पूरा नाम मेसर्स स्प्रिंग बॉक्स फिल्म प्रायवेट लिमिटेड इन कंसोरटियम विद ब्रांडविथ इवेंट प्रायवेट लिमिटेड है। इसका हेडऑफिस दिल्ली में है।
कंपनी की डायरेक्टर का नाम शाहनाज किदवई, यास्मीन किदवई और अतुल गुप्ता है। और कंसोरटियम विद ब्रांडविथ इवेंट प्रायवेट लिमिटेड के कर्ता धर्ता यानी डायरेक्टर के नाम शशांक गुप्ता,दीपक पहावा, हिमांशु आनंद और शांतनु गोयल है।
यह पूरी जानकारी द सूत्र को सरकारी दस्तावेजों से मिली है। चूंकि प्रदेश में सरकार बदल गई है इसलिए अब ये पूरी जानकारी बाहर निकल कर सामने आई है। आखिर ये पैसे सरकार के खजाने में कहां से आए, जाहिर है कि जनता के टैक्स के पैसों से ही सरकार का खजाना भरता है।
जनता के टैक्स के पैसों को सरकार ने अपनी चहेती एजेंसी की जेब भरने में उड़ा दिया। क्या ये सरकार की जनता के प्रति ईमानदारी है। आप ही विचार कीजिए।
छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के नृत्य पर सरकार ने 8 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर दिए। यह पैसा नृत्य करने वाले आदिवासियों को नहीं, बल्कि एक इवेंट कंपनी को दिया गया। ये कंपनी भी कांग्रेस की चहेती कंपनी थी।
आदिवासियों ने किया नृत्य,इवेंट कंपनी ने कमाया पैसा
इस एजेंसी को आदिवासियों का नृत्य आयोजित कराने के लिए सरकार ने पूरे 8 करोड़ 8 लाख 80 हजार 663 रुपयों का भुगतान किया। अब सवाल ये उठता है कि अपनी लोक कला का नृत्य के जरिए प्रदर्शन आदिवासी कलाकारों ने किया और मोटा पैसा मिला एजेंसी को, ये तो बड़ी नाइंसाफी है।
सवाल ये भी है कि आखिर इन आदिवासी कलाकारों की जेब में कितना पैसा गया। जरा आप ही अंदाजा लगाइए। यानी अमिताभ बच्चन,शाहरुख खान जैसे फिल्मी सितारे जितनी कमाई अपने डांस परफॉर्म में नहीं करते हैं उससे ज्यादा पैसा तो स्प्रिंग बाक्स ने आदिवासियों को नचवाकर कमा लिया।
एक साल में स्प्रिंग बाक्स ने सरकार से कमाए 13 करोड़
शिबरीनारायण वो स्थान है जहां पर भगवान श्रीराम ने शिबरी के हाथों जूठे बेर खाए थे। इस काम का जिम्मा भी स्प्रिंग बाक्स प्रायवेट लिमिटेड एजेंसी को ही मिला। सरकारी बड़े कार्यक्रमों में आमतौर 40_50 लाख रुपए का खर्च दिखाया जाता है हालांकि असली लागत कुछ और ही होती है। लेकिन यहां भी सरकार ने इस एजेंसी को दिल खोलकर पैसा दिया।
सरकार ने स्प्रिंग बॉक्स को 4 करोड़ 69 लाख 55 हजार 273 रुपए का पेमेंट किया। यानी एक साल में इस एजेंसी ने महज दो इवेंट कर सरकार से 13 करोड़ रुपए कमा लिए।
कौन हैं इस कंपनी के कर्ताधर्ता
कंपनी की डायरेक्टर का नाम शाहनाज किदवई, यास्मीन किदवई और अतुल गुप्ता है। और कंसोरटियम विद ब्रांडविथ इवेंट प्रायवेट लिमिटेड के कर्ता धर्ता यानी डायरेक्टर के नाम शशांक गुप्ता,दीपक पहावा, हिमांशु आनंद और शांतनु गोयल है।
जनता के टैक्स की कमाई सरकार ने उड़ाई
जनता के टैक्स के पैसों को सरकार ने अपनी चहेती एजेंसी की जेब भरने में उड़ा दिया। क्या ये सरकार की जनता के प्रति ईमानदारी है। आप ही विचार कीजिए।
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