अरपा भैंसाझार भूमि घोटाला: अब EOW करेगी 1100 करोड़ के भूमि घोटाले की जांच

Harrison Masih | Aug 22, 2025, 17:54 IST
arpa-bhainsajhar-land-scam-1100-crore-eow-investigation the sootr
अरपा भैंसाझार नहर निर्माण में भूमि अधिग्रहण और मुआवज़े में बड़ा घोटाला सामने आया है। नक्शे में नहर कहीं और, निर्माण कहीं और से निकाला गया। बंजर ज़मीन को दोफसली और झोपड़ी को पक्का मकान बताकर करोड़ों रुपये का मुआवज़ा बांटा गया।

Arpa Bhainsajhar land scam: अरपा भैंसाझार नहर निर्माण और भूमि अधिग्रहण में राजस्व और जल संसाधन विभाग के अफसरों द्वारा भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। नहर के अलाइमेंट को बदलकर लाखों रूपए का मुआवजा गलत तरीके से बांट दिया गया। बंजर जमीन को दो फसली और झोपड़ी को पक्का मकान दिखाकर करोड़ों का हेरफेर किया गया। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच EOW को सौंप दी है।



ये खबर भी पढ़ें... अरपा-भैंसाझार प्रोजेक्ट में 3.42 करोड़ के मुआवजा घोटाले में RTO सस्पेंड, RI बर्खास्त



नहर अलाइमेंट बदलकर खेला

लोरमी के व्यवसायी पवन अग्रवाल के परिजनों को फायदा पहुंचाने के लिए नहर का नक्शा बदल दिया गया। दस्तावेजों में नहर कहीं और दिखाई गई, जबकि मौके पर नहर अलग दिशा से निकाली गई। मुआवजे के नाम पर बंजर जमीन को उपजाऊ बताकर लाखों रूपए का भुगतान किया गया।



दोषियों की जांच और कार्रवाई

ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ शराब घोटाला, 28 आबकारी अधिकारियों के विरुद्ध वारंट जारी, लटकी गिरफ्तारी की तलवार



किसानों से जमीन गई, मुआवजा बिल्डर्स को

नहर निर्माण के दौरान किसानों की जमीन ली गई, लेकिन मुआवजा उन्हें नहीं मिला।



  • शत्रुहन पिता मोतीलाल की 41 डिसमील
  • लक्ष्मण पिता रामफल की 27 डिसमील

इन किसानों के नाम हटाकर आसमां बिल्डर्स के नाम से 41.32 लाख रुपये का फर्जी भुगतान कर दिया गया। यह भुगतान पटवारी मुकेश साहू ने जुलाई 2020 में किया था, जबकि उससे कुछ दिन पहले ही वह पदमुक्त कर दिया गया था।



तीन साल में केवल दो पर कार्रवाई

अरपा भैंसाझार घोटाले में 11 अफसर और कर्मचारी दोषी पाए गए। करोड़ों रुपये की अनियमितता उजागर होने के बावजूद तीन साल में केवल दो अफसरों पर ही कार्रवाई हो सकी है। बाकी 9 अधिकारी अब भी बिना किसी सजा के खुले घूम रहे हैं।



ये खबर भी पढ़ें... जल संसाधन विभाग में घोटाला, कार्यपालन अभियंता निलंबित, विभागीय जांच के आदेश



किन अफसरों पर होनी है कार्रवाई?

राजस्व विभाग – कीर्तिमान सिंह राठौर (तत्कालीन एसडीएम), मोहरसाय सिदार (नायब तहसीलदार), हुल सिंह (आरआई), दिलशाद अहमद (पटवारी सकरी), मुकेश साहू (पटवारी सकरी)।


जल संसाधन विभाग – आरएस नायडू (कार्यपालन अभियंता), ए.के. तिवारी (कार्यपालन अभियंता), राजेंद्र प्रसाद मिश्रा (अनुविभागीय अधिकारी), आर.पी. द्विवेदी (अनुविभागीय अधिकारी), आर.के. राजपूत (सब इंजीनियर)।



शासन की भूमिका पर सवाल

जांच रिपोर्ट आने के बाद भी लंबे समय तक कार्रवाई की फाइल दबाकर रखी गई। बिलासपुर के तत्कालीन कलेक्टर अवनीश शरण ने दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा था। लेकिन राजधानी रायपुर में फाइल अटक गई। लगातार मीडिया रिपोर्टिंग के बाद ही मामला आगे बढ़ा और अब EOW जांच कर रही है।



ये खबर भी पढ़ें... GST Scam: छापेमारी में बड़ा खुलासा, 48 करोड़ की सप्लाई में एक करोड़ की GST चोरी



अरपा भैंसाझार भूमि घोटाला क्या है?

  1. नहर निर्माण में गड़बड़ी – अरपा भैंसाझार नहर परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान नहर का अलाइमेंट बदलकर फर्जी तरीके से करोड़ों का मुआवज़ा बांटा गया।
  2. फर्जी मुआवज़ा वितरण – बंजर जमीन को उपजाऊ और झोपड़ी को पक्का मकान दिखाकर लाखों-करोड़ों रुपये गलत लोगों को दिए गए।
  3. किसानों को ठगा गया – असली किसानों को मुआवज़ा नहीं मिला, उनकी जगह बिल्डर्स व रसूखदारों के नाम पर भुगतान कर दिया गया।
  4. अधिकारियों की मिलीभगत – जांच में 11 अफसर-कर्मचारी दोषी पाए गए, जिनमें तत्कालीन एसडीएम, पटवारी और इंजीनियर शामिल हैं।
  5. 1100 करोड़ का घोटाला – इस पूरे खेल में करीब 1100 करोड़ रुपये की अनियमितताओं का खुलासा हुआ, जिसकी जांच अब EOW कर रही है।

यह पूरा मामला अब EOW और ACB की जांच के अधीन है। लेकिन सवाल यह है कि जिन किसानों की जमीन चली गई, उन्हें न्याय कब मिलेगा और घोटालेबाज अफसरों पर पूरी कार्रवाई कब होगी।



thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



Tags:
  • अरपा भैंसाझार भूमि घोटाला
  • भूमि घोटाला
  • Arpa Bhainsajhar land scam
  • एसडीएम कीर्तिमान सिंह राठौर