राम का पैसा खाने वाला बख्शा नहीं जाएगा, वीएचपी अध्यक्ष बोले, ट्रस्ट की जवाबदेही
अयोध्या के राम मंदिर में सामने आए कथित चोरी के मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने स्पष्ट कहा है कि भगवान राम के नाम पर आने वाले एक-एक पैसे के प्रति श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पूरी तरह जवाबदेह है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
संदेह को दूर करना जरूरी:
रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान आलोक कुमार ने कहा कि राम मंदिर जैसी आस्था के केंद्र से जुड़ा कोई भी मामला अत्यंत संवेदनशील है। ऐसे में किसी भी तरह के संदेह को पूरी तरह दूर करना जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे। उन्होंने कहा कि मंदिर की सुरक्षा और वित्तीय व्यवस्था के लिए पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं, लेकिन यदि इसके बावजूद किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका सामने आई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होना ही सबसे उचित रास्ता है।
पारदर्शी हो जांच:
उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट स्वयं इस पूरे मामले में पारदर्शी जांच का पक्षधर है। ट्रस्ट चाहता है कि सच्चाई सामने आए और यदि किसी स्तर पर कोई अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के मुताबिक दंड मिले। उनका कहना था कि लोगों की आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
यह आस्था का मामला:
आलोक कुमार ने जानकारी दी कि मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रस्ट की ओर से मुख्यमंत्री से विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आग्रह किया गया था। इसके बाद तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच दल में शामिल अधिकारियों के पास ऐसे मामलों की जांच का पर्याप्त अनुभव है और वे निष्पक्ष तरीके से तथ्यों को सामने लाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट जांच एजेंसियों को हर संभव सहयोग देगा और किसी भी जानकारी को छिपाने का सवाल ही नहीं उठता।
घटना से दुखी हैं लोग:
उन्होंने कहा कि इस घटना से जुड़े सभी लोग दुखी और चिंतित हैं, क्योंकि यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा विषय है। इसलिए जांच का उद्देश्य केवल दोषी की पहचान करना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी किसी भी संभावना को पूरी तरह समाप्त करना भी होना चाहिए।
ट्रस्टी पर फिलहाल आरोप नहीं:
वीएचपी अध्यक्ष आलोक कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी ट्रस्टी के खिलाफ कोई आरोप स्थापित नहीं हुआ है। जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों का इंतजार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था में कहीं कोई कमी, खामी या लीकेज पाया जाता है तो उसे तत्काल दूर किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
अखिलेश को जवाब:
इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी के कुछ सांसदों द्वारा उठाए गए सवालों पर भी आलोक कुमार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि यह आस्था और जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय है। उनका कहना था कि यदि किसी को लगता है कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए, तो वह कानूनी प्रक्रिया के तहत स्वयं अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है।
उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि जांच पूरी होने से पहले अनावश्यक आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए। उनके अनुसार, जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने देना चाहिए और सच्चाई सामने आने का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास और व्यवस्था की विश्वसनीयता दोनों बनी रहें।
FAQ
- राम मंदिर में चोरी का मामला क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े एक कथित चोरी मामले में वित्तीय अनियमितता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं, जिसकी जांच एसआईटी कर रही है। - वीएचपी अध्यक्ष आलोक कुमार ने चोरी मामले पर क्या कहा?
आलोक कुमार ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पूरी तरह जवाबदेह है और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। - क्या राम मंदिर चोरी मामले की जांच हो रही है?
हां, इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करेगा।
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