बलरामपुर में पुलिस ने जब्त की 2 करोड़ की अफीम फसल, सलाखों के पीछे 2 किसान

Harrison Masih | Mar 13, 2026, 16:23 IST
balrampur-opium-illegal-farming-korandha-police-seize-18-quintal-crop
बलरामपुर के कोरंधा में पुलिस ने ढाई एकड़ जमीन में उगाई गई अफीम की फसल को उखाड़कर जब्त कर लिया है। मौके से 285 बोरे पौधे बरामद हुए जिनका कुल वजन 18 क्विंटल 87 किलो है और कीमत करीब 2 करोड़ रुपए आंकी गई है।

NEWS IN SHORT

  • बलरामपुर के कोरंधा में अफीम की अवैध खेती पर बड़ी कार्रवाई।
  • करीब ढाई एकड़ में लगी अफीम की फसल उखाड़कर जब्त।
  • मौके से 285 बोरे पौधे बरामद, कुल वजन 18 क्विंटल 87 किलो।
  • जब्त फसल की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपए।
  • पुलिस ने दो किसानों को गिरफ्तार किया।

NEWS IN DETAIL

अफीम की अवैध खेती का भंडाफोड़

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र में पुलिस ने अफीम की अवैध खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने करीब ढाई एकड़ जमीन में उगाई गई अफीम की फसल को नष्ट कर जब्त कर लिया।



कार्रवाई के दौरान मौके से 285 बोरे अफीम के पौधे बरामद किए गए, जिनका कुल वजन करीब 18 क्विंटल 87 किलो बताया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक जब्त की गई इस फसल की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपए आंकी गई है।



सूचना मिलने के बाद प्रशासन की कार्रवाई

पुलिस को बुधवार शाम खजूरी गांव में अफीम की खेती किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कार्रवाई की गई।



पूरी फसल को खेत से उखाड़कर जब्त किया गया और पौधों को तीन ट्रैक्टरों में भरकर कोरंधा थाना लाया गया।



दो किसानों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने दो किसानों सहादुर नगेशिया और टुईला राम को गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।



किसानों ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि जिस फसल की खेती कराई जा रही है वह अफीम है। उन्हें इसे मसाले की खेती बताकर उगवाया गया था और अच्छी कमाई का लालच दिया गया था।



झारखंड के व्यक्ति पर शक

जांच में सामने आया है कि झारखंड के चतरा जिले का रहने वाला भूपेंद्र उरांव इन किसानों के संपर्क में था। उसी ने मसाले की खेती के नाम पर अफीम की खेती करवाने का प्रस्ताव दिया था।



उसने फसल तैयार होने के बाद मुनाफे में हिस्सा देने का भी वादा किया था। हालांकि किसानों का कहना है कि उन्हें अब तक इस खेती के बदले कोई पैसा नहीं मिला है।



जमीन बंधक लेकर शुरू की थी खेती

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी टुईला राम के पास खुद की जमीन नहीं है। उसने गांव के ही किसान रोपना से सालाना 6 हजार रुपए में जमीन बंधक पर लेकर खेती शुरू की थी।



वहीं सहादुर नगेशिया की खुद की जमीन पर भी यह फसल लगाई गई थी।



जिले में दूसरी बड़ी कार्रवाई

गौरतलब है कि कुसमी क्षेत्र में अफीम की खेती पकड़े जाने के बाद यह जिले में दूसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। पुलिस अब झारखंड के बताए जा रहे मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।



Sootr Knowledge

  • भारत में अफीम की खेती केवल केंद्र सरकार की अनुमति से ही की जा सकती है।
  • बिना लाइसेंस अफीम की खेती करना NDPS Act के तहत गंभीर अपराध है।
  • अफीम से मॉर्फीन और हेरोइन जैसे नशीले पदार्थ तैयार किए जाते हैं।
  • अवैध अफीम खेती अक्सर ग्रामीण इलाकों में दलालों के जरिए कराई जाती है।

आगे क्या

अब पुलिस इस मामले में झारखंड के चतरा जिले के रहने वाले संदिग्ध भूपेंद्र उरांव की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध खेती के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।



निष्कर्ष

बलरामपुर में सामने आई अफीम की अवैध खेती की यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय नशे के अवैध नेटवर्क की ओर इशारा करती है। प्रशासन की समय रहते की गई कार्रवाई से बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ के उत्पादन को रोका गया है, लेकिन इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना अब जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती होगा।



ये खबरें भी पढ़ें...

दुर्ग के बाद अब बलरामपुर में अफीम की खेती का भंडाफोड़, 5 एकड़ फसल पर पुलिस की रेड



बलरामपुर में कुसमी के बाद कोरंधा में मिली अफीम की खेती, पुलिस पहुंची मौके पर



Durg opium farming: भाजपा नेता तक अफीम के बीज पहुंचाने वाला छोटूराम जोधपुर से गिरफ्तार



दुर्ग अफीम केस; बीजेपी नेता के भाई की दुकान पर चला बुलडोजर, 62 हजार किलो अफीम जब्त



Tags:
  • अफीम
  • बलरामपुर
  • अफीम की खेती
  • अवैध खेती
  • दुर्ग अफीम केस
  • Durg opium farming