पत्रकार मुकेश चंद्राकर का कांग्रेस ने कर रखा था बहिष्कार, ये था आरोप
Bastar journalist Mukesh Chandrakar murder case : बस्तर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। कांग्रेस ने एक पत्र जारी किया है। इसमें बताया गया है कि पार्टी ने मुकेश चंद्रकार को अप्रैल 2024 में बैन कर दिया था।
हालांकि, चंद्राकर के साथ ही तीन और पत्रकारों पर बीजापुर जिला कांग्रेस ने प्रतिबंध लगाया था। कांग्रेस की ओर से प्रतिबंध के लिए जारी किए गए पत्र में कहा गया था कि ये पत्रकार पार्टी विशेष के लिए काम कर रहे हैं। कांग्रेस का इशारा बीजेपी की तरफ था।
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विधायक की छवि धूमिल करने का आरोप
बीजापुर जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष लालू राठौर की ओर से 29 अप्रैल 2024 को एक पत्र जारी किया गया था। यह पत्र बीजापुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष के नाम भेजा गया था। इसमें कहा गया था कि पत्रकार मुकेश चंद्राकर, ईश्वर सोनी (ईशु) रंजन दास और चेतन कापेदर के बहिस्कार की बात कही गई थी।
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कांग्रेस ने ये आरोप लगाए थे पत्रकार चंद्राकर पर
पत्र में कहा गया था कि पत्रकार मुकेश चंद्राकर, ईश्वर सोनी (ईशु) रंजन दास और चेतन कापेदर पत्रकारिता की आड़ में एक राजनीतिक दल विशेष को लाभ पहुंचाने की नीयत से एवं उस राजनीतिक दल से जुड़कर बीजापुर विधायक विक्रम मडावी की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि उक्त पत्रकार दुर्भावना से ग्रसित होकर बिना तथ्य के लगातार खबरों प्रसारित कर रहे हैं। इससे बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी की छवि खराब हो रही है।
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डिप्टी सीएम शर्मा ने कांग्रेस पर लगाया था आरोप
उल्लेखनीय है कि डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा था कि छत्तीसगढ़ में हो रहे हत्याकांडों में कांग्रेस नेताओं का नाम क्यों आता है। क्या ये सब साजिश के तहत हो रहा है। शर्मा ने कहा था कि मुकेश चंद्राकर की हत्या का मुख्य सरगना कांग्रेस नेता सुरेश चंद्राकर है।
एक जनवरी से लापता थे पत्रकार चंद्राकर
मुकेश चंद्रकार बीजापुर में पिछले कई सालों से पत्रकारिता कर रहे थे। वे 1 जनवरी की शाम टी-शर्ट और शॉर्ट्स में ही घर से बाहर निकले थे। कुछ देर के बाद उनका फोन बंद हो गया। जब रात तक घर नहीं लौटे तो उनके भाई और पत्रकार युकेश चंद्रकार ने करीबियों के घर, शहर में अलग-अलग जगह पता लगाया, लेकिन मुकेश चंद्राकर की कोई खबर नहीं मिली। इसके बाद भाई युकेश चंद्रकार ने पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
ठेकेदार के कैंपस में मिला शव
शुक्रवार दोपहर मुकेश की लाश एक ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के परिसर में सेप्टिक टैंक के अंदर मिली। लाश काफी फूल चुकी थी, उनके कपड़ों से पहचान की गई है। दरअसल, 120 करोड़ की लागत से नेलशनार, कुडोली, मिरतुर की सड़क बनी है। करीब 5 से 6 दिन पहले मुकेश ने रायपुर से आए अपने एक साथी के साथ मिलकर भ्रष्टाचार का मामला उजागर किया था। इसी बात से ठेकेदार और उसके परिवार के सदस्य इनसे खफा थे।
FAQ
- बस्तर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर के हत्याकांड में नया खुलासा क्या हुआ है ?
बस्तर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है कि कांग्रेस पार्टी ने अप्रैल 2024 में उन्हें और तीन अन्य पत्रकारों को पार्टी से बैन कर दिया था। पार्टी का आरोप था कि ये पत्रकार बीजेपी के लिए काम कर रहे थे। - कांग्रेस ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर और अन्य पत्रकारों पर कौन सा आरोप लगाया था ?
कांग्रेस ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर, ईश्वर सोनी (ईशु), रंजन दास और चेतन कापेदर पर आरोप लगाया था कि ये पत्रकार राजनीति की आड़ में बीजापुर विधायक विक्रम मडावी की छवि खराब करने के लिए काम कर रहे थे और बिना तथ्यों के खबरें प्रसारित कर रहे थे। - बीजापुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने 29 अप्रैल 2024 को किस पत्र में क्या लिखा था ?
बीजापुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर ने 29 अप्रैल 2024 को एक पत्र जारी किया था, जिसमें उन्होंने मुकेश चंद्राकर, ईश्वर सोनी (ईशु), रंजन दास और चेतन कापेदर के बहिष्कार की बात कही थी। पत्र में यह भी लिखा था कि ये पत्रकार विक्रम मडावी की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे थे।
देखें कांग्रेस का पत्र...