नक्सलवाद पर नियंत्रण के बाद भी बस्तर में हाई अलर्ट; 40 हजार जवान तैनात रहेंगे

Arun Tiwari | Apr 02, 2026, 13:39 IST
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बस्तर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 10 नए पुलिस थाने खोले जा रहे हैं, और 4 हजार से अधिक जवान तैनात किए जाएंगे। नक्सल गतिविधियों पर काबू पाने के लिए जंगलों में ऑपरेशन और सर्च अभियान जारी रहेगा।

Bastar : नक्सलवाद पर काबू पाने के दावों के बीच भी बस्तर में सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढील नहीं दी जा रही है। बस्तर के पुलिस अफसरों ने साफ किया है कि फिलहाल केंद्रीय सुरक्षा बलों के करीब 40 हजार जवान क्षेत्र से नहीं हटाए जाएंगे। अगले छह महीनों तक जमीनी हालात की लगातार समीक्षा की जाएगी, जिसके बाद रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी और उसी आधार पर आगे की रणनीति तय होगी।



10 नए थानों से मजबूत होगा सुरक्षा ढांचा

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए हाई अलर्टबस्तर संभाग में 10 नए पुलिस थाने खोले जा रहे हैं। इन थानों में बस्तर फाइटर्स के 4 हजार से अधिक जवानों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही जिन थानों में पहले से बल की कमी है, वहां भी अतिरिक्त जवान भेजे जाएंगे। स्थानीय परिस्थितियों से परिचित जवानों की तैनाती से सुरक्षा तंत्र को और प्रभावी बनाने पर जोर है।



जंगलों में ऑपरेशन और सर्च अभियान जारी

नक्सल गतिविधियों में कमी के बावजूद सुरक्षा बल जंगलों में लगातार सक्रिय रहेंगे। नियमित गश्त के साथ-साथ नक्सलियों द्वारा छिपाए गए हथियारों की तलाश और उन्हें निष्क्रिय करने पर फोकस रहेगा। बम निरोधक अभियान भी लगातार चलते रहेंगे।



संवेदनशील इलाकों में खुलेंगे नए थाने

सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कांकेर और नारायणपुर जैसे संवेदनशील जिलों में नए थाने खोलने की मंजूरी दी है। इसके अलावा पहले से स्वीकृत थानों की स्थापना भी जारी है, जिससे पूरे बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा।



जनजागरण और निगरानी पर भी जोर

सुरक्षा बल गांवों में जनजागरण अभियान चलाकर लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करेंगे। आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी, ताकि दोबारा सक्रियता की संभावना को रोका जा सके।



जल्दबाजी में नहीं होगा कोई फैसला

प्रशासन का कहना है कि हालात सामान्य बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की मौजूदगी जरूरी है। इसलिए फिलहाल फोर्स हटाने को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी और हर निर्णय सोच-समझकर लिया जाएगा।



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