सूर्यकांत के मकान पर इन्कम टैक्स विभाग ने जड़ा ताला, कोल घोटाले में कार्रवाई
छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी मामले के मुख्य आरोपी से सूर्यकांत तिवारी के भिलाई स्थित मकान पर आयकर विभाग ने कार्रवाई की है। रायपुर की बेनामी संपत्ति इकाई की टीम ने जुनवानी स्थित सूर्या रेजिडेंसी के मकान नंबर A-1 को सील कर उसका कब्जा अपने नियंत्रण में ले लिया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।कार्रवाई के दौरान विभाग की टीम ने पहले मौके पर मुनादी कराई। ढोल बजाकर कॉलोनी में लोगों को कार्रवाई की जानकारी दी गई और संबंधित नोटिस पढ़कर सुनाया गया। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत मकान को सील किया गया। कार्रवाई के बाद संपत्ति के बाहर विभाग की ओर से सूचना बोर्ड भी लगाया गया।
मनीष उपाध्याय के नाम दर्ज थी संपत्ति:
आयकर विभाग की कार्रवाई जिस मकान पर हुई, वह रिकॉर्ड में मनीष उपाध्याय के नाम से जुड़ा बताया गया है। जांच एजेंसियों और न्यायिक रिकॉर्ड में सूर्यकांत तिवारी और मनीष उपाध्याय के बीच करीबी संबंधों का उल्लेख मिलता है। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड में जांच के हवाले से यह भी कहा गया है कि उपाध्याय की सूर्यकांत तिवारी से जुड़े वित्तीय लेनदेन में भूमिका थी।
संपत्ति का पता A-1, सूर्या रेजिडेंसी, कोहका, भिलाई बताया गया है। दस्तावेजों के अनुसार इसका खसरा नंबर 2028/38 और क्षेत्रफल करीब 0.02 हेक्टेयर यानी लगभग 200 वर्गमीटर है। आयकर विभाग की कार्रवाई बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध कानून के तहत जब्त संपत्ति का कब्जा लेने से संबंधित बताई गई है।
पुलिस और तहसीलदार की मौजूदगी:
मकान सील करने की कार्रवाई के दौरान तहसीलदार, पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। आयकर विभाग की टीम ने मौके पर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद संपत्ति को अपने कब्जे में लिया। कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को नोटिस दिया गया था और मकान में रखा सामान भी खाली कराया जा चुका था।
कोयला लेवी जांच से जुड़ा है मामला:
सूर्यकांत तिवारी का नाम छत्तीसगढ़ के कोयला लेवी घोटाले का मुख्य के रूप में दर्ज है। जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन पर प्रति टन 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली का नेटवर्क चलाया गया।
ईडी ने इस मामले में बड़ी रकम को अपराध से अर्जित आय के रूप में जांच के दायरे में लिया है। न्यायिक रिकॉर्ड में मनीष उपाध्याय को सूर्यकांत तिवारी का करीबी सहयोगी और रिश्तेदार बताया गया है। रिकॉर्ड में जांच एजेंसी की ओर से उपाध्याय के माध्यम से नकदी के लेनदेन की बात भी कही गई है।
बेनामी संपत्ति कार्रवाई की अगली कड़ी:
भिलाई के सूर्या रेजिडेंसी स्थित A-1 मकान पर हुई कार्रवाई का तत्काल आधार कोयला लेवी मामले में कोई नया न्यायिक फैसला नहीं, बल्कि बेनामी संपत्ति से संबंधित कार्रवाई है। आयकर विभाग ने संपत्ति का भौतिक कब्जा लेकर उसे सील किया है।
इसी परिसर की एक अन्य संपत्ति A-22 का भी बेनामी संपत्ति से जुड़े मामले में नाम सामने आया है।इस कार्रवाई के बाद कोयला लेवी मामले से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों की जांच एक बार फिर चर्चा में है।
ये खबरें भी पढ़ें…
फरार रामगोपाल अग्रवाल का नेपाल में ठिकाना, कांग्रेस भवन को बनाया था शराब कोल घोटाले का अड्डा
महादेव ऐप से लेकर कोल लेवी तक: 8 महाघोटालों में 5 हजार 378 करोड़ की संपत्ति जब्त
छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला : कांग्रेस भवन में आता था बोरी में पैसा